10/05/2018
*उपखण्ड अधिकारी जीनगर की पहल ला रही रंग*
*46 साल बाद मिला न्याय*
निम्बाहेड़ा। राजस्व लोक अदालत अभियान के अन्तर्गत लगने वाली लोक अदालतों के माध्यम से बरसों पुराने विवादों को बातचीत एवं आपसी सहमति के माध्यम से त्वरित निस्तारण करने में उपखण्ड अधिकारी अपनी महत्ती भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं, जिसके फलस्वरूप शिविरों में उपखण्ड अधिकारी जीनगर की पहल रंग ला भी रही है।
उपखण्ड अधिकारी चम्पालाल जीनगर ने जानकारी देते हुए बताया की राजस्व लोक अदालत अभियान, न्याय आपके द्वार-2018 के अन्तर्गत बुधवार को ग्राम पंचायत मुख्यालय अरनोदा पर शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उनके समक्ष गंगा राम पिता वेणा गुजर के वारिसान नारायण, भागचन्द और गोरीबाई ने उपस्थित होकर आवेदन पत्र प्रस्तुत किया तथा राजस्व रेकार्ड में संशोधन करने का निवेदन किया। आवेदन पत्र के साथ संलग्न दस्तावेजात के अवलोकन पर प्रकट हुआ कि गंगाराम पिता वेणा गुर्जर ने करीब 50 वर्ष पूर्व ग्राम अरनोदा में 2 बीघा से अधिक भूमिका क्रय किया था। क्रय सेगंगाराम के नाम नामान्तरकरण दर्ज हुआ परन्तु सेटलमेण्टविभाग की त्रुटि के कारण संवत 2030 मेंरा जस्वरे कार्ड में गंगाराम पिता वेणा गुजर के बजाय गंगाराम पिता देवा गुजर दर्ज हो गया। तब से राजस्व रेकार्ड में गंगाराम पिता देवा गुज रही अंकित चला आ रहा है। गंगाराम ने अपने जीवन काल में संशोधन कराने हेतु प्रयास किये परन्तुराज स्वरे कार्ड में संशोधन नहीं हो पाया। इसी दौरान गंगाराम की मृत्यु हो गई तथा उसके पुत्र पुत्री के नाम विरासत का इन्तकाल दर्ज होने में परेशानी आने लगी। बुधवार को कैम्प में उपस्थित होने पर जीनगर ने संवत 2026 से आज दिनांक तक के रेकार्ड का अवलोकन किया तथा प्रार्थियों के कथनों को सही पाया। जीनगर ने तत्काल राजस्व रेकार्ड में संशोधन का आदेश देते हुए गंगाराम पिता देवागुजर के स्थान पर गंगाराज पिता वेणा गुजर अंकित करने के निर्देश दिये, जो काम अपने पिता के पुरे जीवन काल में नहीं हुआ, उसे लगभग 46 वर्ष बाद होता देख नारायण व भागचन्द की आंखों में खुषी के आंसुथे। न्याय आपके द्वार अभियान ने आज फिर अपने नाम को सार्थक करते हुए प्रार्थियों के घर जाकर न्याय प्रदान किया तथा गंगाराम के वारिसान को अनावश्यक परेशानियों ने निजात दिलाते हुए न्याय प्रदान किया।