Asheet Kunal Fans Club

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12/01/2019

दिल्ली के मुख्यमंत्री जी। स्कॉच के 5 पैग के बाद ज्ञान बांटते हुए। धन्य हो प्रभु आप। 🙏🙏🙏

11/01/2019

Photos from Asheet Kunal Fans Club's post

11/01/2019
11/01/2019

इसलिए सेलेक्शन कमिटी ने CBI चीफ आलोक वर्मा को पद से हटाया....

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय सेलेक्शन कमिटी ने आखिरकार CBI चीफ आलोक वर्मा को क्यों हटाया? इस सवाल का जवाब देश की खुफिया एजेंसी RAW द्वारा पकड़ी गई टेलिफोन बातचीत में छिपा है।

केंद्रीय सतर्कता आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट में RAW द्वारा पकड़ी गई टेलिफोन बातचीत के आधार पर ही आलोक वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार और ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके चलते ही जांच एजेंसी के 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी CBI चीफ को हटाने का फैसला लिया गया।

पीएम मोदी की अध्यक्षता वाले उच्चस्तरीय पैनल ने CVC रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ लगाए गए 8 आरोपों पर गंभीरता से विचार किया। यह बैठक गुरुवार को ऐसे समय में हुई जब मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई चीफ के तौर पर वर्मा को फिर से बहाल किया था। आखिर में पैनल ने 2:1 के बहुमत से वर्मा को हटाने का फैसला लिया। पैनल में शामिल कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस फैसले का विरोध किया। हालांकि पैनल के तीसरे सदस्य जस्टिस एके सीकरी ने सरकार का पक्ष लिया।

CVC रिपोर्ट में क्या-क्या?
CVC रिपोर्ट में विवादित मांस कारोबारी मोइन कुरैशी के केस के बारे में जानकारी है। इसमें दावा किया गया है कि केस की जांच कर रही CBI की टीम मामले में हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना को एक आरोपी बनाना चाहती थी लेकिन वर्मा ने इसकी मंजूरी नहीं दी। इस केस की जांच स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना कर रहे थे, जिन्हें वर्मा के साथ 23 अक्टूबर को सरकार ने जबरन छुट्टी पर भेज दिया था।

सीवीसी रिपोर्ट में रिसर्च ऐंड अनैलिसिस विंग (RAW) के इंटरसेप्ट्स भी शामिल हैं, जिसमें सीबीआई में नंबर वन के हाथों में पैसा जाने की बात की गई है।

10/01/2019

वह वक्त भी इन आँखों ने देखा है जब CBI डायरेक्टर रंजीत सिन्हा अटेंशन में खड़े रहकर लालू को रिपोर्ट करते थे।
☺️☺️
#आलोक वर्मा

10/01/2019

CBI प्रमुख आलोक वर्मा को सलेक्ट कमेटी ( CVC रिपोर्ट पर) ने निकाला! फैसला पीएम मोदी, जस्टिस सीकरी और खड़गे के पैनल ने लिया।

10/01/2019

इस मीरजाफर को पहचानें...

आम आदमी पार्टी ( ) के नेता संजय सिंह का सामान्य वर्ग विरोधी चेहरा राज्यसभा में सामने आ गया। भ्रष्टाचारी 'चारा चोर' और सांप्रदायिक ओवैसी की पांत में खड़ी हुई केजरीवाल की आम आदमी पार्टी!

संजय सिंह ने चीख-चीख कर सामान्य वर्ग के आरक्षण का विरोध किया। लोकसभा में कल इसी 'आपा' का शराबी सांसद भगवंत मान भी विरोध में चिल्ला रहा था। अब इन दोनों ने दोनों सदन में वोट दिया या नहीं पता नहीं। लेकिन यदि दिया भी तो, बेईज्जत करके! सवर्णों ठीक से पहचान लो इन गद्दारों को।

इस दोगले पार्टी प्रमुख का गरीब आरक्षण पर दोगलई दर्शाते इस दो ट्वीट को देखें...और इस मीरजाफर को पहचानें...

09/01/2019

मेरा दोस्त कह रहाहै मज़ा आजाय,2019चुनाव के लिये भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हो जाये, इतनी मजबूत सरकार बनेगी के आप सोच भी नहीं सकते

08/01/2019

लोक सभा मे 10% सवर्ण आरक्षण 323/3 बहुमत से पास हुआ

08/01/2019

भड़वे आंख जाकर अपनी माँ बहन को मारना।
संसद में आंख मारने की भड़वागिरी किया तो कान के नीचे ऐसे जोर से बजाऊँगी कि तेरी सात पीढ़ी बहिर पैदा होगी।

ॐ।

08/01/2019

कुण्डी मत खड़काओ राजा .............नोट लेकर अन्दर आओ राजा

टोटी जादो ने एक ही दिन में एलाट किये खनन के 13 पट्टे .........सीबीआई

उत्तर प्रदेश में अवैध खनन के मामले की जांच कर रही सीबीआई ने कहा है कि सूबे के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक ही दिन में 13 खनन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी थी। सीबीआई की यह टिप्पणी अखिलेश के लिए मुश्किलें बढ़ने का संकेत है। बता दें कि सीबीआई ने मामले से जुड़े सभी तत्कालीन खनन मंत्रियों से पूछताछ की बात कही है। खनन के लिए अवैध पट्टे जिस दौरान जारी करने की बात कही जा रही है, उस दौर में सीएम अखिलेश यादव भी खनन मंत्री थे।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि कुछ वक्त के लिए खनन मंत्री रहे अखिलेश यादव ने ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए एक ही दिन में 13 पट्टे जारी कर दिए थे, जबकि उन्होंने कुल 14 लीज को ही मंजूरी दी थी। उन्होंने 17 फरवरी, 2013 को 13 पट्टे जारी किए थे।

सीबीआई ने दावा किया कि जांच के घेरे में आईं हमीरपुर की डीएम बी. चंद्रकला ने सीएम ऑफिस से मंजूरी मिलने के बाद 17 फरवरी को पट्टों को मंजूरी दी थी। ये पट्टे 2012 में बनी ई-टेंडर पॉलिसी के खिलाफ दिए गए थे, जिसे 29 जनवरी, 2013 को अपने फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी माना था।

विपक्षी दलों की ओर से अखिलेश यादव के खिलाफ जांच को लेकर सरकार पर सीबीआई के इस्तेमाल का आरोप लग रहा है। एक तरह से इन आरोपों पर जवाब देते हुए एजेंसी ने खनन पट्टे जारी करने में समाजवादी पार्टी के मुखिया की भूमिका का भी ब्योरा दिया।

07/01/2019

आतंकवाद पर मोदी सरकार Vs कांग्रेस (मनमोहन) सरकार

नरेंद्र मोदी के साढ़े चार साल का शासन...

आतंकवाद के कारण...
61 आम लोग मरे
200 जवान शहीद
1701 आतंकी मारे गये

Vs

सोनिया गांधी की मनमोहनी सरकार के 10 साल का शासन...

1788 आम लोग मरे
1177 जवान शहीद
सिर्फ 241 आतंकी मारे गये

अब देश बताये कौन है देश का असली रक्षक जिस पर भारत भरोसा करे? (Copy-Past)

05/01/2019

राहुल जी आप बात समझते तो हो नहीं,बैठ जाइए।-सुमित्रा महाजन,लोकसभा अध्यक्षा

15/10/2018

नीचता की हद पार करते विरोधी : कांग्रेसी, वामपंथी कम्युनिस्ट, आपियों का हाल इतना बुरा हो चुका है के वे सब सच की लड़ाई में बहुत पीछे छूट चुके हैं, उन्हें हर हाल में सत्ता चाहिए, चाहें इसके लिए देश और समाज को ही क्यो ना तोड़ना पड़े, मोदी हिन्दू वोट के संगठित होने की वजह से सत्ता में आये, तो अब इन्हें सत्ता चाहिए हिन्दुओ को लडवा कर, हिन्दुओ में फूट डाल कर ।

नीचे 2 फोटो दी हैं पहली में स्पष्ट तौर पर लिखा है गैर हिन्दुओ का प्रवेश विर्जित है, जबकि दूसरी फोटो में एडिट कर के लिखा गया शूद्रों का प्रवेश विर्जित हैं, और अब इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, हिन्दुओ को बदनाम किया जा रहा है, उन्हें तालिबानी आतंकवादी कहा जा रहा है, इतने गिर चुके हैं कांग्रेस, वामपंथी कम्युनिस्ट, आपिये एजेंट की अब हिन्दू धर्म को ही तोड़ने पर आमादा हैं, इन्हें बस सत्ता चाहिए, जो अपने धर्म के ना हुए वो क्या आपके होंगे?? ज़रा सोचिए !

04/10/2018

शारदा यूनिवर्सिटी मामला
मुख्य आरोपी शमीम
कॉलेज से निष्कासित
व उसका भारतीय वीजा कैंसिल🔨

29/09/2018

किसी के लिए झूठ बोलना असंभव है अगर उसे सच का पता ना हो.
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आज मैं आप लोगो से बुलशिट (Bu****it) - यानी कि गोबर - के बारे में संवाद करना चाहता हूँ. यद्यपि गोबर को भारत में "उस" रूप में नहीं देखा जाता है,क्योकि गावों में सभी समुदाय और धर्म के लोग घरो में गोबर पोतते है, कंडे में खाना पकाते व भूनते है. यहाँ तक कि आप 11 तरीके के कंडे ऑनलाइन खरीद सकते है. लेकिन पाश्चात्य सभ्यता में बुलशिट को घिन की निगाह से देखा जाता है, एक तरह की शिट. शुद्ध देशी भाषा में बोले तो टट्टी या गूं, वह भी कुत्ते की. आयी न घिन आपको.
लेकिन मैं आपसे कोई हंसी-ठिठोली की बात नहीं कर रहा हूँ और ना ही कोई भद्दी बात. यह मेरे स्वाभाव में है ही नहीं. मैं आपसे अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैरी फ्रैंकफर्ट (Harry Frankfurt) के अकादमिक पेपर "On Bu****it" - यही है इस का शीर्षक - के बारे में विमर्श करूँगा. प्रिंसटन यूनिवर्सिटी विश्व की टॉप टेन विश्विद्यालयों में गिनी जाती है. आप गूगल करके इस पेपर की प्रति निकाल सकते है.
फ्रैंकफर्ट लिखते है कि आधुनिक समय की मुख्या विशेषता यह है कि हमारी बात-चीत और रोजमर्रा की जिंदगी बुलशिट से भरी हुई है. उनका पेपर लिखने का उद्देश्य था कि बुलशिट क्या है, उसे कैसे परिभाषित करे और पहचाने.
वह पूछते है कि क्या बुलशिटर स्वभाव से ही नासमझ और मूर्ख है? क्या उनका "उत्पाद" गन्दा या अपरिष्कृत है? मलमूत्र बनाया या तैयार नहीं किया जाता है; यह महज निकाला या फेंक दिया जाता है.
फिर फ्रैंकफर्ट लिखते है कि बुलशिटर या मुंह से हगने वाले और झूठ बोलने वाले के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर होता है. दोनों - बुलशिटर और झूठा - यह जताना चाहते है कि वे सच बोल रहे है. झूठ बोलने वाला सच्चाई छुपाने का प्रयास करता है, वह हमें वास्तविकता से दूर ले जा रहा है. हमें यह नहीं पता होता कि वह हमें किसी ऐसी चीज़ पे विश्वास करने को कह रहा है जिसे वह स्वयं असत्य मानता हो. इसके विपरीत, बुलशिटर के लिए उसके वक्तव्य की सत्यता का कोई मायने नहीं है; उसका इरादा न तो सच बोलना और न ही सच छिपाना है.
किसी के लिए झूठ बोलना असंभव है अगर उसे सच का पता ना हो. बुलशिट करने के लिए ऐसी किसी सोच की आवश्यकता नहीं है. बुलशिटर ना तो सच, ना ही झूठ के साथ है. उसकी निगाह तथ्य पे है ही नहीं. उसे परवाह नहीं है कि वह जो कहता हैं, वह वास्तविकता का वर्णन है. उसे तो बस कोई भी विषय उठा लेना है, या उसका काल्पनिक सृजन कर लेना है, जिस से उसका स्वार्थ पूरा हो सके.
फ्रैंकफर्ट निष्कर्ष में लिखते है कि बुलशिट उन लोगो के लिए अपरिहार्य है जिनको बिना यह जाने बोलना ही है कि वह किस बारे में बात कर रहा है. यह विसंगति सार्वजनिक जीवन में आम है जहाँ लोगो को बक-बक करनी है बिना विषय वस्तु को जाने.
अब आप सोच रहे कि मैंने इतना लंबा लेख इस विषय पे क्यों लिखा. अरे भाई, जब से प्रधानमंत्री ने राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद सीधे-सीधे फ्रेंच राष्ट्रपति से की है, तब से क्लाउन प्रिंस या "जोकर शहजादे", तथा इनकी तरह के अन्य छुटभैये नेताओ और वामपंथी पत्रकारों के मुंह से क्या निकल रहा है? बुलशिट या कुत्ते की गूं....!

28/09/2018

ऐसे मजे तो सिर्फ मामा जी ही ले सकते है

17/09/2018

देश के प्रथम प्रधानमंत्री जिनका जन्म आज़ाद भारत में हुआ का आज जन्मदिन है आपको जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ आप सौ करोड़ हिंदुओ की उम्मीद हैं निराश मत कीजिएगा

समय समय पर निराशा होती रही है नाराज़ भी होते रहे हैं लेकिन उम्मीद भी आप से ही है हमने अपना सौ प्रतिशत आपको दिया है आपसे भी वैसी ही उम्मीद है

आपके सामने मजबूरियाँ होंगी हो सकता है हम अवगत न हों मैं आपको ग़लत साबित करने के बजाय ख़ुद को ग़लत साबित होते देखना स्वीकार करूँगा

मेरे ग़लत साबित होने से सिर्फ़ मेरा नुक़सान है आप ग़लत साबित हो गए तो सौ करोड़ लोगों का नुक़सान होगा और ऐसा होगा की देश उसकी भरपाई कभी नहीं कर पाएगा

इसलिए आपसे निवेदन है की आप हम जैसे उदास हो चुके लोगों को ग़लत साबित करके हमारा हौसला बढ़ाइए देश को वहाँ ले जाइए जो हमारा दिवा स्वप्न है

प्रभु श्री राम और गौ माता को लेकर हमारा प्रेम हमें मजबूर करता है की हम आपको आलोचना करें , हिंदू हितों के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर मुझे आपसे कभी कोई शिकायत नहीं रही

आपसे शिकायत भी इसलिए है की हम जानते हैं हमारे पुरखों की तपस्या से यह दिन आया है हमें बहुत ही कठिन परिश्रम से सत्ता मिली है इसलिए नादान बालक की तरह हम आपसे हमेशा ज़िद करके बैठ जाते हैं की पहिले हमारा काम कीजिए

यह विरोध नहीं है यह हमारे अंदर का डर है जो हमको पहिले अपना काम ( हिंदू हित ) करवा लेने को कहता है ताकि हम मज़बूत हो सकें हम आपको खोना नहीं चाहते हैं

हम चाहते हैं आप बने रहे जब भी आप कुछ ऐसा करते हैं जिससे हमारा डर बढ़ता है तो हम मुखर हो जाते हैं वह भी प्रेम ही है और हमारा स्वार्थी होना भी

हमने कभी ख़ुद के लिए स्वार्थ नहीं रखा हमारा स्वार्थ सौ करोड़ लोगों का स्वार्थ है उम्मीद है आप हमारी वेदना को समझेंगे

एक बार पुनः आपको जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाएँ ईश्वर आपको शक्ति दें और ख़ूब मज़बूत करें दीर्घायु करें सब कुछ दें ताकि हमारा सपनो का भारत हमारी संततियो को मिल सके क्यूँ की यह मौक़ा चला गया तो कभी मौक़ा नहीं मिलेगा

आपका अपनाअदना सा सिपाही

14/09/2018

उन अमेरिकन्स को आप बेवकूफ , जाहिल और अनपढ़ बोल सकते हो .. जो अरबी मुसलमान समझकर सरदारों (सिख) पर आये दिन हमले करते रहते है । उनकी गलती भी नही है .. बेचारों को हिन्दुस्तान के सिखों के बारे में जानकारी ही नही है .. मनमोहन सिंह के दस साल भारत के प्रधानमंत्री रहने के बावजूद !

उन भारतीयों को आप एक नंबर के मूर्ख बोल सकते हो .. जो हमारे ही पूर्वोत्तर के भाई-बहनों को चींकी या चायनीज बोलकर उनका मजाक उड़ाते रहते है ! जिन्हे अपने देश के बारे में भी पूरी जानकारी नही है .. वो तो जाहिल ही हुए ।

आज एक नये प्रकार के मूर्खों से सामना हुआ .. जो गुजराती भाषी 'दाऊदी बोहरा' समाज को भी कट्टर मुसलमान समझकर .. उन्हें गालियाँ पर गालियाँ दे रहे है ! आश्चर्य हुआ ये देखकर की मध्यप्रदेश , गुजरात और मुम्बई के अलावा शेष भारत के लोग बोहरा समाज के बारे में 5% बातें भी नही जानते !

जिन्हें अपने ही घर के लोगों की पहचान नही वो दम भरते है .. दुनिया भर का ज्ञान होने का । तुम्हारी भड़ास मोदी पर है तो मोदी पर निकालो .. लेकिन जिनके बारे में तुम्हें ना रत्ती भर भी जानकारी नही ..उन्हें तो बक्श दो ।

एक बात मैंने बचपन से महसूस की है कि .. एक महाराष्ट्रीयन .. दूसरे महाराष्ट्रीयन की मदद नही करता । अपने दोस्तों से सुना है कि .. एक पंजाबी दूसरे पंजाबी की मदद नही करता । ऐसे ही ब्राहमणों , बनियों , सिंधियों से भी सुना है कि .. बंदा दूसरे की मदद कर देगा लेकिन अपनी बिरादरी वाले की कभी मदद नही करेगा .. भले मदद करने में उसका एक रुपया भी नही लगता हो । मतलब वो हालात कि .. कोई बोले कि.. ' यार मेरी ऊँगली में कट लग गया है .. तू इसपर मूत दे तो खून रुक जायेगा तो .. बिरादरी वाला बंदा बोलेगा .. यार अभी प्रेशर नही बना है 😂

बोहरा समाज इकलौता समाज है .. जहाँ मस्जिदों से नफरत की भाषा नही बोली जाती । मस्जिदों में हथियार इकट्ठे करने के लिये पैसा नही जमा किया जाता । वहाँ मस्जिदों में पैसा इकठ्ठा कर फंड बनाया जाता है .. जो बिना ब्याज के नया काम शुरू करने के लिये समाज के लोगों को दिया जाता है । अधिकतर लोगों का कारोबार ऐसे ही शुरू होता है । जो पैसा लौटाया जाता है .. वो किसी और के काम आता है । 99% लोग बिजनेस मैं है .. इसका मतलब सभी टैक्स भी देते ही होंगे और तुम्हारी नौकरियां भी ये कम नही करते ! अति धार्मिक होते हुए भी .. अपने काम से काम रखने वाली कौम दूसरी नही होगी !

ये शियाओं में भी नही आते .. जैसा कि कुछ लोग लिख रहे है ! राजस्थान के स्वयंभू जिल्लेइलाही और मठाधीश Sudhir Vyas (लल्लन टॉप) जी ने तो इन्हें जिन्ना की बिरादरी का बताकर .. बँटवारे में 80% हत्याओं का दोषी भी ठहरा दिया । जब अमेरिका वाले सिखों के बारे में नही जानते तो .. ये तो खुद जिल्लेइलाही है ☺।

कुछ लोगों को पोस्ट करने का नशा ही ऐसा चढ़ा होता है कि वो ये भी नही पता करते कि ट्रक के नीचे तरबूज आकर फटा है .. ये तरबूज को बंदर का पिछवाड़ा समझकर ..पोस्ट कर देंगे कि ..' अभी अभी मेरे सामने एक ट्रक ने चार बंदरों को रौंद दिया 😂😂

14/09/2018

रामविलास पासवान की बेटी का एेलान-RJD से टिकट मिला तो हाजीपुर से पिता के खिलाफ लड़ूंगी....

14/09/2018

Arunachal gets it's first sainik school!

If you travel to Arunachal Pradesh for a day, you will hear more Jai Hinds than you will hear after travelling the entire country for a week. And these people waited for 70 years to get FIRST SAINIK SCHOOL .

Kudos to the Modi Government!

14/09/2018

Abvp कार्यालय में सब्जी पूड़ी का लुफ्त उठाते हुए

13/09/2018

एक वकील ने दूसरे वकील को कुआँ बेचा
- पहला अगले दिन दूसरे वकील के पास गया और कहा कि मैने सिर्फ़ कुआँ बेचा है उसका पानी नही..उसमे से पानी लोगे तो अलग से पैसा लगेगा..

-दूसरे वकील ने जवाब दिया.. मैं आपके पास आने ही वाला था कि मैने कुआ खरीदा है, पानी नहीं।कृपया जल्दी से कुएँ से पानी खाली कर लीजिये नही तो कल से किराया लगेगा..

जज साहब धाराओं में उलझे हुए हैं कि कौन सही और कौन गलत
🤔🤔🤔

12/09/2018

इधर पट्रोल डीज़ल के दाम पर खूब बवाल मचा है डिफेन्स से लेकर अटैक तक सब अपना अपना खेल रहे हैं ... मैंने कभी इस पर कुछ नहीं लिखा.. मनमोहन सरकार थी तब भी नहीं, अभी भी नहीं ..डीज़ल पेट्रोल का खर्च और कमाई का अनुपात बना हुआ है..पेमेंट कार्ड से करता हूँ, एक बार में Rs 1000 का राउंड फिगर में डीज़ल लेता हूँ और नोटेबंदी के बाद Rs 7.34 हर बार वापस आ जाते हैं .. माह में तीन बार ऐसे ही, यही खर्च है इससे ज्यादा तो नहीं लेकिन कम हो सकता है..ये पोस्ट पेट्रोल डीज़ल के भाव को लेकर नहीं है .. बल्कि ऐसे बात को लेकर है जिस पर हमारे देश के अखबारी इकोनॉमिस्ट, रिपोर्टर..TV पर हर विषय के जानकार एंकर कभी कुछ नहीं बोलते ... कारण साफ़ है कि या तो ये इनके एजेंडा में नहीं है या फिर इनके पास इतना दिमाग ही नहीं कि ये गूढ़ विषय समझ सके और आगे बता सकें ...
हमारे देश में एक खास बात है और वो ये कि हम सब जानते हैं लेकिन मालूम कुछ नहीं है भारत में बातें हैं जो कभी एक लाइन में समझी नहीं जाती, लोगों को सब जानना है अंदरूनी..फोड़ा होगा तो खोदेंगे, नहीं होगा तो खरोच को खोदेंगे देखने को कि कैसे फोड़ा बनता है...खैर एक आम भारतीय का नेचर है कि मेरी बला से, जानने या न जानने से मेरा क्या फायदा .. जानूँगा भी तो पूरा नहीं, अधूरा और फिर उसपर चुटकुले बनाऊँगा ..खैर ..
1990 में खाड़ी युद्ध के समय भारत ही नहीं विश्व के सामने बड़ा संकट आया था तेल का .. तेल का दाम उस समय विश्व में सबसे जयादा था और उपलब्धता संकट में थी ...भारत की अर्थ व्यवस्था को भी बड़ा चोट पहुंचा था .. किसी तरह पहला खाड़ी युद्ध ख़त्म हुवा और उसके बाद स्थिति ऐसे ही बनी रही ...1998 में जब अटल सरकार आई तब इस मामले पर गौर किया गया कि अगर खाड़ी युद्ध जैसा कोई और संकट आया तो उससे हम कैसे निबटें ... तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री राम नाइक जी (जो आजकल UP के राज्यपाल है) ने अटल जी के अगुवाई में 2003 में भारत में पेट्रोलियम रिज़र्व की योजना रखी .. एक PSU बनाने का बजट में लक्ष्य रखा जो इस रिज़र्व पर काम करेगी .. लगभग 4038 करोड़ का बजट दिया गया जिससे विशाखापट्टनम और मंगलौर में कुल मिलकर लगभग 3 MIllion Metric Tonne का crude oil सुरंगों में जमा करने का प्रोजेक्ट बनाया गया ... 2004 में अटल जी के सरकार की जनता ने विदाई कर दिया ..इस योजना के अंतर्गत बनने वाले कंपनी का नाम है ISPRL यानी INDIAN STRATEGIC PETROLEUM RESERVES LIMITED. ये योजना बनी थी कि कम से कम 20 दिन के लिए 5.33 MMT क्रूड आयल स्टोर किया जाएगा .. आगे मनमोहन सरकार ने इस योजना को जारी रखा और उन्होंने 10 दिन का रिज़र्व बनाने का लक्ष्य रखा लेकिन वो 10 वर्षों तक इसको पूरा नहीं कर सके ..
2014 में फिर से इस पर काम शुरू हुआ .. मोदी के ताबड़तोड़ मिडिल ईस्ट के दौरे और पेट्रिलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मेहनत रंग लाइ और ISPRL ने न सिर्फ रिकॉर्ड समय में विज़ाग और मंगलौर के रिज़र्व को पूरा किया बल्कि ओडिसा के पाडुर में भी 1.5 Million Metric Tonnes का रिज़र्व तैयार कर लिया .. इसी वर्ष मई में सारे रिज़र्व तैयार कर लिए गए है और इनमे लगभग 7 Million Metric Tonnes क्रूड आयल स्टोर किया जा रहा है .. मई 2018 से UAE सरकार की कंपनी ADNOC ने क्रूड आयल भेजना चालू किया और भारत 5.68 Million Metric Tonnes क्रूड आयल इस वर्ष के अंत तक जमा कर लेगा .. 7 Million Metric Tonnes पूरा होते ही भारत के पास 25 दिन का क्रूड रिज़र्व उपलब्ध होगा .. अमेरिका ने भारत के इस क्रूड स्टोर बनाने के प्रोजेक्ट में पार्टनरशिप की बात किया है और भारत इस पर उसके साथ strategic alliance कर सकता है ...फिर इस बार 2017 - 18 के बजट में मोदी सरकार ने दो और crude स्टोरेज राजस्थान के बीकानेर और ओडिसा के चंडीखोल में बनाने का ऐलान किया ...
इस सब पर कुछ पोर्टल ने खबर डाली बस इतना कि crude Storage बन रहा है, पुराना बन गया और तेल आ रहा है .. बस इतना ही .. किसी TV चैनल ने इस पर कोई खबर नहीं चलाई .. प्रिंट मीडिया से भी गायब ही है ... मूल बात ये नहीं कि इतना बड़ा मामला भारत के मीडिया से गायब है .. भारत में इस पर बात नहीं .. जबकि विश्व मीडिया ने भारत के पास 25 दिन का क्रूड स्टॉक होते हुए और क्रूड स्टॉक बनाने का कारण और औचित्य पर काफी बहस किया .. NYT, WP, Global Times में खूब चर्चा हुआ .. चीन के Global Times ने इसको भारत का पागलपन करार दिया ..इस पूरे मामले पर सबसे बड़ी रिपोर्टिंग और अनुसन्धान के बाद लेख लिखा रूस के अख़बारों ने ...रूस के ही स्पूतनिक ने इसको इस तरह बताया .. आप लोग भी गौर करें ..
" 2015 से भारत में Crude Storage या यूँ कहें Crude Vault बनाने में अभूतपूर्व तेज़ी आई है और जिसका ये परिणाम हुआ कि भारत ने लगभग 7 Million Tonnes क्रूड स्टोर करने के लिए सुरंगीय भूटैंक बना लिए .. उसके पास आपात स्थिति में अब 22 - 25 दिन तक दामों या उपलब्धता को लेकर कोई चिंता नहीं होगी .. आज के समय कसी भी युद्ध या आपात स्थिति के हिसाब से ये समय पर्याप्त है .. लेकिन मोदी ने इस वित्तीय वर्ष दो नए Crude Storage यूनिट बनाने का प्रोजेक्ट रखा है जिससे भारत और 2 - 3 MMT क्रूड आयल का रिज़र्व रख लेगा .. इसकी जरूरत क्या थी .. जब इस पर स्पुतनिक के इकोनॉमिस्ट और कोरेस्पोंडेंट ने रिसर्च किया तो पाया कि भारत की इस सरकार ने कम से कम 2040 या शायद 2050 तक का सोचा हुआ है .. क्योंकि मोदी सरकार इस रफ़्तार से 2022 तक भारत में कम से कम 15 MMT का क्रूड स्टोरेज कर लेगा ... अगर आकंड़ों पर देखा जाए तो 2040 में भारत आज से कम से कम पांच गुना बड़ा इकॉनमी होगा, उस समय भारत को अपने जरूरत के हिसाब से क्रूड का उपलब्धता एक चुनौती होगा .. हालाँकि 2040 तक सौर ऊर्जा और बिजली से चलने वाले गाड़ियों आदि में विश्व काफी तरक्की कर चूका होगा लेकिन क्रूड की माँग बनी रहेगी और भारत इसपर काम कर रहा है..भारत ने पिछले 4 - 5 वर्षों में natural gas तथा सौर ऊर्जा में पूरी तरह और अब क्रूड में स्टोरेज की स्ट्रेटेजी द्वारा आत्मनिर्भर होने का कदम उठा लिया है ... भारत के बनाए जा रहे इन crude vault में भारत न सिर्फ अपने क्रूड को रखने जा रहा है बल्कि अमेरिका, जापान, रूस, फ्रांस आदि जैसे देशों के लिए क्रूड स्टोरेज बैंक भी बना रहा है .. भारत ने इन 5 वर्षों में विश्व को अपनी मंशा जाता दी है...भारत के ये crude vault भारत को दुनिया में एक अलग स्थान देने जा रहे हैं...आने वाले समय में मोदी - जेटली के कार्यों पर और ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि ये आज मजबूत नींव के साथ 2040 और अधिकतम 2050 तक विश्व के एक बड़े हिस्से को भारत पर निर्भर होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं ... "
ये ऊपर का रिपोर्ट मैंने नहीं लिखा है... हूबहू यही Sputnik ने फरवरी 2017 से लेकर मई 2018 तक के अनेकों लेखों में लिखा है..मैंने बस उधर से उठाया है ... लिंक के लिए Sputnik पढ़ें... बाकी जिनको विश्वास है उनके लिए हम खुद ही लिंक हैं ...
2004 के चुनाव में प्याज के दाम और अटल के चेहरे से ऊबी जनता को पता ही नहीं था कि ISPRL क्या है, उसको तो शाइनिंग इंडिया एक मज़ाक लग रहा था ..उसके लिए शाइनिंग इंडिया तब एक चुटकुला था...आज भी अधिकतर को ISPRL क्या है ? Crude Vault क्या है नहीं पता.. लेकिन चुटकुलों पे खूब खिलखिला रही है..

11/09/2018

sc/st के काले कानून तथा सर्वण एवं पिछड़ों की लड़ाई लड़ने वाले श्रद्धेय श्री देवकीनंदन ठाकुर जी को आज आगरा में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया
पुलिस नें उन पर समाज़ में दंगा भड़काने का आरोप लगाया है । पुलिस को वो समाज़ में दंगे कराने वाले लग रहे हैंं ? ? ?

इतना बडा विरोध प्रदर्शन वो भी बिना किसी की अध्यक्षता के समाज में फैले असंतोष को अपने आप ही बयां कर रहा था । इतना व्यापक विरोध वो भी इतनी शांति के साथ आज तक था हुआ था क्य़ा , किसी निर्दोष की जान गई क्य़ा ? ? ये सड़क पर जो लोग निकले थे ना ये कोई उपद्रवी या गुंडे नहीं थे , ये सिर्फ़ अपनें स्वाभिमान से जीने का अधिकार को मांगने उतरे थे , ना की कोई दंगा करने । इनका मानना सिर्फ़ ये था की सज़ा सिर्फ़ दोषी को ही मिले न्याय के नाम पर किसी भी बेगुनाह का जीवन ऐसे ही बर्बाद ना कर दिया जाए ।
अभी बन्द के पश्चात लाइव टीबी शो पर दलित नेता ने इनको जेल भेजने की धमकी दी थी वो ही हुआ जिसका डर था पुलिस ऐसे दलबल और लावलश्कर के साथ आ गई जैसे किसी आतंकी को पकड़ने आई हो
ये दोहरा चरित्र नहीं चलेगा , अंधा कानून नहीं चलेगा। हिंसा क्य़ा होती है ये अब पता चला क्या ? ? ? तब कहाँ थे जब दलित आंदोलन की आड़ में सड़कों पर जो नंगा नाच हुआ था जिसमें 9 लोगों की जान गई थी उसमें आख़िर अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार किए गये ? ? ? तब कहाँ थे जब दलित आंदोलन की आड़ में पाकिस्तानी झंडे लहराए गये थे , उसमें कितने लोगों को गिरफ्तार किया ? ? ? अरे तब की बात छोड़ो सीधे अब में आते हैंं ना ! ! ! पैट्रोल के नाम पर भारत बंद के नाम जो उत्पात हुआ उसमें कितनो को किया गिरफ्तार ? ? ?
रेलवे ट्रेक पर जो आगजनी हुई बसें तोड़ी गई उसमें किसे गिरफ्तार किया इस सरकार नें ? ? ? चलती ट्रेन में पत्थर बसाए गये जिसके वीडियो भी सामने आये साक्ष्य होने के बाद उसमें कितनों को ज़ेल में डाला गया ? ? ?
दो साल की मासूम बच्ची की एम्बुलेंस तक रोक ली जिससे बच्ची की मौत हो गई ॥ मौत क्यों , ये तो सीधे सीधे हत्या हुई इसमे सरकार नें कितने लोगों को डाला ज़ेल में ? ? ?
देवकीनंदन ठाकुर जी किसी सरकार का विरोध नहीं कर रहे थे ना ही किसी सरकार का समर्थन कर रहे थे वो तो बस एक सामान्य न्याय की बात कर रहे थे फ़िर ऐसी हरकत क्यों की जा रही है आज़ कोई चैनल नहीं दिखा रहा ये सब आज़ कोई डिबेट नहीं हो क्यों भई अब क्यों नहीं दिखा रहे ? ? ये तो साम्प्रदायिक नहीं ना तो इस ख़बर को क्यों नहीं दिखाया जा रहा ? ?

एक ओर वो लोग जो देश को तोडने की मंशा लिये बैठे है ये शहरी नक्सवादी पकड़े जा रहे है तब उनको गिरफ्तार ना करके नजरबंद किया जा रहा है और वहीं दूसरी ओर सिर्फ़ न्याय की माँग करने वाले को गिरफ्तार किया जा रहा है
याद दिला दूँ इस सरकार को की बाबा रामदेव के साथ काँग्रेस नें कुछ ऐसा ही किया था उन्हें गिरफ्तार किया था उसका परिणाम 2014 में काँग्रेस नें भोगा तो अब bjp भी वही ग़लती ना करे अहंकार किसी का भी हो अंत में उसे विनाश की ओर ले ही जाता है तो plzzzz थोड़ा अपनी अंतरात्मा से पूछो की आप आख़िर कर क्य़ा रहे हो अभी भी वक्त है अपनी ग़लती सुधार लीजिए अन्यथा आप खुद समझदार हैं

10/09/2018

क्या आप भी हमेशा तनाव में रहते हैं ..........

ये depression का प्रारम्भिक लक्षण है ......... तुरंत गूगल कीजिये .......Depression के लक्षण पढ़िए .............अगर ४ - ५ लक्षण भी मिलते हैं तो समझ लीजिये चिंगारी है .......जो अन्दर अन्दर सुलग रही है ......... ये कभी भी दावानल बन सकती है .......... Depression को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है ......... इस अन्दर अंदर सुलगती आग पे पानी डालिए .......... इस से पहले की ये सब कुछ जला के भस्म कर दे ............

१) सबसे पहले Exercise , भाग दौड़ , खेल कूद , walking ........... जब आप दौड़ते भागते हैं तो Blood सर्कुलेशन बढ़ता है और तनाव के कारण शरीर में पैदा हुए harmonl imbalance को दूर करता है .

२) योग -- प्राणायाम शुरू कीजिये तुरंत ......... ये समझ लीजिये कि आपका फायर ब्रिगेड हैं .........किसी भी आग को मिनटों में बुझाता है ........चमत्कारिक results हैं इसके .......

३) जीवन शैली बदालिए ......... भाड़ में जाये दुनिया दारी ......लात मारो साले को ....... काम धंदे नौकरी परिवार से लम्बी छुट्टी लो ........ घूम के आओ ....... पैसे नहीं है तो shoe string tourism ही करो ....फोकटिया भ्रमण ....... साले को रेल में बिना टिकट घूमो ......गुरुद्वारे मंदिर का लंगर खाओ .......जाओ देस दुनिया घूमो ......... EMI पे जो कार और फ्लैट लिए हो बेच दो साले को .......... सोच बदलिए ............ अबे ख़ुदकुशी करने से तो बेहतर है ........

४) एक होमियोपैथी की दवाई है .......Alpha TS .....उसको आधे कप पानी में ४ बूँद दिन में ३ बार लेना शुरू कीजिये .......... एकदम चमत्कारिक रिजल्ट हैं .......... जादू सा काम करती है ........ मैंने सैकड़ों लोगों को बताई है .......सबने कहा की भैया ऐसा काम किया जैसे किसी ने जादू कर दिया हो .......किसी भी होमियोपैथी स्टोर में मिल जाती है ..........

५) मकान हो , चाहे पेड़ हो , या लैंड स्लाइड हो ......यूँ ही अचानक नहीं ढह जाता .......गिरने से पहले आवाज़ करता ....... बाकायदे शोर करता है ........ जोर से आवाज़ करता है ......... अपने इर्द गिर्द लोगों पशु पक्षियों को गिरने से पहले बाकायदे चेतावनी देता है ........ समझदार लोग बच के भाग जाते हैं , मूर्ख दब के मर जाते हैं ......... इसी तरह तनाव Depression भी चेतावानी देता है ........ अपने इर्द गिर्द नज़र दौड़ाइए ....... आपके खुद के अन्दर या आपके घर परिवार , मित्र , सहकर्मी , आस पड़ोस किसी व्यक्ति में तनाव Depression के लक्षण हैं क्या .......... तुरंत मेडिकल हेल्प लीजिये .......मेडिकल हेल्प माने अस्पताल .........हर अस्पताल में मनोरोग विभाग होता है .......वहाँ Psychiatrist से मिलिए ......वो आपको कुछ बेहद साधारण सी दवा देगा .....आप सिर्फ एक हफ्ते या दस दिन में भले चंगे हो जायेंगे ..........

SP साहब की बीबी खुद डॉक्टर थी ........उनके ससुर जी भी डॉक्टर थे .........वो दोनों अपने पति / दामाद के भयंकर तनाव के लक्षणों को पह्चान न पाए ? आदमी यूँ ही ख़ुदकुशी नहीं कर लेता ........ ये depression की अंतिम स्टेज होती है .......... उन्होंने प्रारम्भिक लक्षण तो ६ महीने पहले देने शुरू कर दिए होंगे ........... उनकी बीबी जो खुद एक क्वालिफाइड डॉक्टर है , दिन रात उनके साथ रहती है , वो उनके depression को पढ़ क्यों न पायी ..........उनका इलाज क्यों न कराया ............

ये सीधे सीधे ह्त्या है ..........Murder .......... दोनों बाप बेटी को उलटा लटकाओ सालों को ..........

keep your eyes open ......... अपने इर्द गिर्द झांकिए .....खुद के अन्दर झांकिए ......... एक कीमती जान बचाइये ..........

08/09/2018

प्रधानमंत्री मोदी की "मानसिकता" क्या है?
***
मेरी पिछले कुछ लेखो - "सन्नाटा भी बहुत कुछ कहता है" - पे कुछ लोगो ने प्रधानमंत्री मोदी की मानसिकता पे प्रश्न उठाया. उनके समर्थन करने पे मेरी भी "मानसिकता" पे प्रश्नचिन्ह लगा दिया. ऐसे लोगो को मैं तुरंत ब्लॉक करता हूँ क्योकि मेरे पास समय का अभाव है. घर और कार्यालय का काम करने के बाद, कुछ समाचारपत्र और पुस्तके पड़ने के बाद समय मिलने पे लिखता हूँ. और उस लेख पे आये हर कमेंट को संज्ञान में लेने का और जहाँ तक संभव हो, जवाब देने का प्रयास करता हूँ.
लेकिन किसी की "मानसिकता" पे प्रश्नचिन्ह लगाना कहीं ना कहीं मेरे मन पे लगे घाव को गहरा कर देता है.
आज तक केवल एक बार किसी ने मेरी मानसिकता पे प्रश्न लगाया और वह एक अंग्रेज था. हुआ यह कि विदेश में मेरा 6 वर्ष का पुत्र उसकी हमउम्र पुत्री के साथ स्कूल में खेल रहा था और उसकी पुत्री को मामूली सी चोट लग गयी. शाम को घर लौटने के बाद उसकी बच्ची ने कुछ कहा होगा और उसने टेक्स्ट करके शिकायत की. मैंने वापस टेक्स्ट किया कि बच्चे है, खेल-कूद में चोट लग गयी होगी, जाने दीजिये. तुरंत उसका अभद्र भाषा में जवाब आया जिसमे उसने मेरे बेटे को अपनी बेटी से ना खेलने की चेतावनी दी और कहा कि वह हम भारतीयों की "मानसिकता" को जानता है.
भारत में भी मैंने कई बार देखा है कि अगर हम सामने वाले को अपने से "तुच्छ" समझते है तो तुरंत उसकी मानसिकता पे चोट कर देते है. मेरे बड़े भाई का खुदरा बिज़नेस है, लेकिन उसके नाम के साथ सिंघल शब्द नहीं लगा है. उसका सरनेम "कुमार" है और उसके प्रतिष्ठान का नाम - कुमार ### - है. ग्राहक कुछ उधारी का माल ले जाते है और जब पैसा लेने की बात आती है तो उसे कई बार जातिसूचक गालियों से सम्मानित किया गया है. गाँव-देहात और शहर में मैंने छोटी-छोटी घटनाओ, जैसे कि पार्किंग, रिक्शे वाले को पेमेंट, कूड़ा फेंकने, लेबर को पेमेंट करना इत्यादि पे आम आदमी और औरत को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते देखा है. प्रियंका वाड्रा स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के लिए "नीच" शब्द का प्रयोग कर चुकी है.
अब आते है प्रधानमंत्री मोदी की "मानसिकता" पे. 11 जून 2014 को लोकसभा में अपने पहले उद्बोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "1200 साल की गुलामी की मानसि‍कता हमें परेशान कर रही है. बहुत बार हमसे थोड़ा ऊँचा व्‍यक्‍ति‍ मि‍ले तो, सर ऊँचा करके बात करने की हमारी ताकत नहीं होती है. कभी-कभार चमड़ी का रंग भी हमें प्रभावि‍त कर देता है. .. अब वि‍श्‍व के सामने ताकतवर देश के रूप में प्रस्‍तुत होने का समय आ गया है. हमें दुनि‍या के सामने सर ऊँचा कर, आँख में आँख मि‍ला कर, सीना तान कर, भारत के सवा सौ करोड़ नागरि‍कों के सामर्थ को प्रकट करने की ताकत रखनी चाहि‍ए और उसको एक एजेंडा के रूप में आगे बढ़ाना चाहि‍ए. भारत का गौरव और गरि‍मा इसके कारण बढ़ सकते हैं.
फिर उन्होंने पूछा कि "इस देश पर सबसे पहला अधि‍कार कि‍सका है? सरकार कि‍सके लि‍ए होनी चाहि‍ए? क्‍या सरकार सिर्फ पढ़े-लि‍खे लोगों के लि‍ए हो? क्‍या सरकार सि‍र्फ इने-गि‍ने लोगों के लाभ के लि‍ए हो? मेरा कहना है कि‍ सरकार गरीबों के लि‍ए होनी चाहि‍ए. अमीर को अपने बच्‍चों को पढ़ाना है तो वह दुनि‍या का कोई भी टीचर हायर कर सकता है. अमीर के घर में कोई बीमार हो गया तो सैकड़ों डॉक्‍टर आ कर खड़े हो सकते हैं, लेकि‍न गरीब कहाँ जाएगा?...शासन की सारी व्‍यवस्‍थायें गरीब को सशक्‍त बनाने के लि‍ए काम आनी चाहि‍ए और सारी व्‍यवस्‍थाओं का अंति‍म नतीजा उस आखि‍री छोर पर बैठे हुए इंसान के लि‍ए काम में आए उस दि‍शा में प्रयास होगा, तब जाकर उसका कल्‍याण हम कर पाएंगे."
अंत में, प्रधानमंत्री ने कहा कि "लोकतंत्र में आलोचना अच्‍छाई के लि‍ए होती है और होनी भी चाहि‍ए. सिर्फ आरोप बुरे होते हैं आलोचना कभी बुरी नहीं होती है, आलोचना तो ताकत देती है."
क्या इस समय प्रधानमंत्री से बढ़कर कोई राष्ट्रवादी नेता मिल सकता है? वह नेपाल जाते हैं तो पशुपतिनाथ मंदिर, मुक्तिनाथ मंदिर में माथा टेकते हैं. काशी विश्वनाथ में भगवान शिव की अर्चना करते हैं. गंगा घाट पर आरती उतारते हैं. विदेशों में भारतीय समुदाय से उनकी संस्कृति की बात करते हैं. हमेशा भारत का मान रखा. सिर्फ और सिर्फ सनातन धर्म की नीतियों के अनुसार अपनी बात आगे बढ़ाते हैं.
आख़िरकार प्रधानमंत्री मोदी जी ने राजनैतिक खतरा मोलकर कैशलेस इकॉनमी, GST, आधार, जन-धन अकाउंट, दिवालिया कानून इत्यादि क्यों लेकर आये है. क्यों उन्होंने विश्व के प्रमुख देशो, जिसमे खाड़ी के देश, इजराइल, चीन, जापान, इत्यादि शामिल है, की यात्रा की, उनके राष्ट्र प्रमुखों को भारत बुलाया. क्यों संयुक्त राष्ट्र महासभा से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव पास करवाया? क्या वे केवल योग को बढावा देना देना चाहते थे?
चार वर्ष के बाद मै उनकी अलग-अलग से दिखनी वाली कार्रवाई और उनकी "मानसिकता" में एक पैटर्न देख रहा हूँ.
प्रथम, प्रधानमंत्री मोदी भारत की अर्थव्यवस्था को आज के डिजिटल युग का मुकाबला करने के लिए तैयार कर रहे है. द्वितीय, वे भारत के अभिजात वर्ग का रचनात्मक विनाश कर रहे है. क्योकि बिना पुरानी व्यवस्था को बदले नए समाज, नयी व्यवस्था, नए उद्यम और रोजगार का सर्जन नहीं हो सकता. तृतीय, वे भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एक सशक्त और समृध राष्ट्र के रूप में स्थापित करना चाहते है.
लेकिन यह सब करने के लिए राष्ट्र के भीतर बैठी भारत तोड़क शक्तियों को हराना होगा, जो प्रधानमंत्री मोदी को जातिवादी समीकरणों से हारने का प्रयास कर रही है क्योकि "सांप्रदायिक शक्तियां" आलरेडी विपक्ष के साथ है.

06/09/2018

इनका ndtv भारत का बेहतरीन चैनल इनके भाई दुनियां के बेहतरीन इंसान ये ब्रह्मांड के बेहतरीन पत्रकार और समस्त जीव मात्र चूतिया... है ना रवीश बाबू😉

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