ETAH patiyali kasganj

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15/03/2023

हम अपनी पटियाली से जुड़े लोग जो आदरणीय है और ज्ञानी है उनसे जुड़ रहे है जल्द ही एक अपना इतिहास साझा करेंगे

15/06/2022

कथा के अनुसार पांचाल राज्य दो भगो में बात गया - नौर्थ पांचाल और साउथ पांचाल. नौर्थ पांचाल की राजधानी काम्पिल्य रही और साउथ पांचाल अहिच्छारत्र जो की वर्तनाम रामनगर है , इस तरह पटियाली को बटियारी ( बटबारा ) के कथन को बल मिलता है - कथन में नाम से संदर्भ को The Geography dictionary of Ancient and Medival India- LAL DEY NUNDO-1899 से लिए गए है 15/06/2022

04/03/2022

प्रचीन ऐतिहासिक पटियाली -
पटियाली का उल्लेख महाकाव्य महाभारत में भी आया है जब राजा दुरपद पांचाल राज्य के शासक थे । यह बात निश्चित रूप से कह सकते है की पटियाली एक महाभारत कालीन पाञ्चाल राज्य का महत्व पूर्ण स्थान रहा होगा , इस बारे मे तथ्य् पूर्ण लेख नही खोज पाये.
प्रश्न जो अक्सर उठाते है
१- क्या पटियाली राजा दुरपद की राजधानी थी
२ महाभारत काल में द्रुपद राज्य पांचाल में पटियाली का महत्ब

अगर हम नीरा मिश्रा जी के दृष्टिकोण से देखे तो - कुरु और पांचाल प्रचीन भारत के पहले राजनैतिक संगठन में देखा जा सकता है। पांचाल लोग को कुरु के साथ सहजता नहीं रही, कारण कुछ भी हो और वो पाँच जन जातियों भौगोलिक के साथ संगठित हो गए जो पंच - अचाल और पांचाल कहा गया।
नीरा मिश्रा द्रोपती के जन्म स्थान को कम्पिल से जोड़ती है। जो की तथ्य पूर्ण है । महाभारत कालीन कम्पिल् पटियाली से 30 कि . मी पूर्व है यह द्रोपती के स्वयंबर का स्थान है इस कथन को ब्रिटिश गजट में भी कुछ इस तरह का उल्लेख लिखा गया -1 है इस तरह हमें महाभारत कालीन पटियाली के बारे में बस इस जानकारी के साथ आगे बढ़ना होगा।

गंगा नदी का किनारा , उपजाऊ जमीन , किसी भी शासक की नजर से दूर नहीं रह सकती क्युकि राजा के लिए राजस्व यही से आता है कंपिल , कनौज पटियाली , महाभारत काल , हर्ष बर्धन के शासन काल , से लेकर समसुदीन इल्तुमिश , सहाबुद्दीन गोरी , तुर्क ब्रिटिश सरकारों के लिए सामरिक , प्रशासनिक राजस्व दृष्ट्रिकोण से यह हमेशा महत्ब पूर्ण स्थान रहा

-1 Statistical-Descriptive and Statistical descriptive and historical account of the Eta district. Prepared, under orders of the govt. of India by Edwin T. Atkinson, HC Conybeare page-15

18/09/2021

पटियाली
1- उत्तर में सहावर परगना उत्तर पूर्व मे निधीपुर परगना पश्चिम में सिढ़पुरा परगना और दखिन में आजमनगर परगना से घिरा हुआ। बर्ष 1872 -73 पटियाली 41762 एकड़ का , जिला एटा का परगना था
2-बूढ़ी गंगा , गंगा के पुरानी धारा " बूढ़ी गंगा ": यहाँ के जमीन को निचली और ऊपरी जमीन में बटी हुई है। निचली जमीन जिसे तराई के नाम से जाना जाता है । तराई के जमीन में बिना सिचाई के यहाँ गन्ना अनाज चावल पैदा होता था।
3- पहली और प्रचिलित कहानी। महाभारत काल से से जुडी है , जो पांचाल राज्य के बटबारे , राजा दुरपद और द्रोणाचार्य से जुडी है ।
4-दूसरी राजा रानी ने इस जगह के टुकड़े को दिया था अहिरन को। यहाँ अहिरन यहाँ के पूरब जमींदार थे । जहां आज पटियाली खड़ी है। जो कालांतर अहीर महिला को दिया टुकड़ा था जिस पर पटियाली बसी है जिसे कालन्तर कायस्थ और ब्राह्मण ने उनसे हथियाली थी पटियाली के मूल जमींदार अहीर थे

1-4 As per
Statistical-Descriptive and Statistical descriptive and historical account of the Eta district. Prepared, under orders of the govt. of India by Edwin T. Atkinson

No any own statement

18/09/2021

पटियाली जो देखी, जी सुनी जो अभिलेखों में और हम सब का विश्लेषण, अपनी पटियाली

29/06/2021

पटियाली एक जानने का प्रयास, कोई भी जानकारी तथ्य के साथ साझा करे

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