11/02/2015
जहाँपनाह हम दिल्ली हार गए हैं...कैसे?अवाम ने बगावत कर दी है और बागियों ने दिल्ली पर कब्ज़ा कर लिया है।ये बागी कौन हैं?वही, जिन्हें आपने नक्सली और बाज़ारू कहा थाजहाँपनाह।लेकिन हमारे किरण टैंक ने उन्हें रोका क्यों नहीं?वह टैंक आउटडेटेड था, चला ही नहीं।और दंगा ब्रिगेड कहाँ थी?उसने तो पूरी कोशिश की....लेकिन उसके लगाए बमों को अवाम ने ढूँढ़कर डिफ्यूज कर दिया।और मीडिया बम क्यों नहीं चला?अवाम समझ गई है कि ये बम आवाज़ बहुत करता है, लेकिन इससे डरने की ज़रूरत नहीं है।हमारे सेनापति और योद्धाओं का क्या हुआ?वे युद्ध में खेत रहे जहाँपनाह।हमारे स्वच्छता बम के धुँए से अवाम की आँखेंबंद नहीं हुईं क्या?हुई थीं, मगर उसने उनका भी तोड़ ढूँढ़ लिया जहाँपनाह। उन्होंने आँखों पर चश्मे लगा लिेए थे। अब वे कह रहे हैं दिल्ली स्वच्छ कर दी, अब नई दिल्ली स्वच्छ करेंगे।कोई बात नहीं, मैं बराक से बात करके हथियारों की नई खेप मँगाता हूँ। देखता हूँ अवाम कैसे नहीं सुधरती।सहभार मुकेश जी (वरिष्ठ पत्रका