21/09/2024
क्या आप जानते हैं देश में पहला चुनाव 1937 में हुआ था?
देश में पहली बार चुनाव सन् 1937 में हुआ था। इसके लिए 1935 में ब्रिटिश संसद ने भारतीयों को प्रांतीय शासन के प्रबंध का अधिकार दिया था, जिसकी वजह से पहली बार भारत में चुनाव कराए गए थे। कांग्रेस को आगरा व अवध के संयुक्त प्रातं, मध्य प्रांत व बरार (अब मध्य प्रदेश), मद्रास, उड़ीसा तथा बिहार में पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ।
इस तरह केंद्रीय व्यवस्थापिका सभा में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। कांग्रेस को अंग्रेजों की ओर से यह भरोसा मिला हुआ था कि जो सरकार वह गठित करेगी, उसमें गवर्नर जनरल बिना वजह हस्तक्षेप नहीं करेंगें। इसके बाद कांग्रेस ने आठ प्रांतों में अपनी सरकार बनाई। सिंध, उत्तर पश्चिम सीमा प्रांत तथा असम में मिला-जुला मंत्रिमंडल गठित हुआ। पंजाब में यूनियनिस्ट पार्टी ने और बंगाल में कृषक प्रजा पार्टी और मुस्लिम लीग ने मिलकर सरकार बनाई।
1937 में प्रांतीय विधानसभा चुनावों के साथ ही विधान परिषदों के लिए भी चुनाव संपन्न कराये गए। पांच प्रांतों, बम्बई, मद्रास, बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के विधान परिषदों के लिए संपन्न चुनाव में कांग्रेस को आंशिक सफलता प्राप्त हुई। तब बिहार में विधान परिषद की 26 सीटें थीं, जिनमें से आठ पर कांग्रेस को सफलता मिली थी। सबसे ज्यादा मद्रास की 46 सीटों में से 26 कांग्रेस के पक्ष में गई थीं।
चुनाव के दो साल बाद ही 1939 में दूसरा विश्वयुद्ध प्रारंभ हो गया। भारतीय विधान मंडल की सहमति के बिना ब्रिटिश सरकार ने भारत को युद्ध में झोंक दिया। ऐसे में देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई। कांग्रेस ने मांग रखी कि युद्ध के बाद भारत को स्वतंत्र कर दिया जाए। सरकार ने इस मांग की उपेक्षा की, लिहाजा कांग्रेस कार्यकारिणी के निर्देश पर 15 नवम्बर, 1939 को प्रांतीय कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने इस्तीफा दे दिया था।