27/03/2026
*प्रेस नोट*
*सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), गुजरात*
*विषय: गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पास होना – संविधान के खिलाफ एक कदम*
*सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) गुजरात, राज्य सरकार द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पास किए जाने की कड़ी निंदा करती है। यह कानून न केवल देश की विविधता पर हमला है, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना के भी खिलाफ है।*
*भारत एक बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश है, जहां हर समाज को अपने धर्म और व्यक्तिगत कानूनों के अनुसार जीवन जीने का अधिकार दिया गया है। भारतीय संविधान के Article 25 और Article 26 हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देते हैं। UCC लागू करके सरकार इन मूल अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।*
*SDPI का मानना है कि:*
*यह कानून संविधान में दिए गए “धार्मिक स्वतंत्रता” के अधिकार के खिलाफ है।*
*यह देश की “Unity in Diversity” की परंपरा को नुकसान पहुंचाता है।*
*यह एक खास विचारधारा थोपने की कोशिश है, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है।*
*हम यह भी साफ करना चाहते हैं कि भारत में पहले से ही अलग-अलग समाजों के लिए उनके धर्म और परंपरा के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ मौजूद हैं। इन कानूनों में दखल देना संविधान द्वारा दी गई आज़ादी का उल्लंघन है।*
*SDPI गुजरात सरकार से मांग करती है कि:*
*UCC को तुरंत वापस लिया जाए।*
*सभी समाजों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जाए।*
*संविधान के मूल अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाए।*
*अगर सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती है, तो SDPI पूरे राज्य में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगी।*
*जारीकर्ता:*
*मुफ्ती अब्दुल्लाह*
*अध्यक्ष, SDPI गुजरात*