RCS, Haryana

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The Objective and the role of Co-operation Department is to see that genuine Co-operatives are organized and managed on sound lines as per basic principles of Co-operation for the promotion of the economic interests, social betterment and welfare.

इफको द्वारा गांव लोहानी में मृदा परीक्षण अभियान का शुभारम्भभिवानी, 7 जून: उर्वरक क्षेत्र की विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस...
12/06/2019

इफको द्वारा गांव लोहानी में मृदा परीक्षण अभियान का शुभारम्भ
भिवानी, 7 जून: उर्वरक क्षेत्र की विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको द्वारा गत दिनों गांव लोहानी में मृदा परीक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में गांव के लगभग 70 किसानों ने भाग लिया। डाॅ. सतबीर शर्मा उपमण्डल कृषि अधिकारी भिवानी कार्यक्रम में मुख्यातिथि थे। श्री कृष्ण कुमार राणा, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक इफको ने मुख्यातिथि एवं किसानों का स्वागत करते हुए मिट्टी जांच हेतु मिट्टी का नमूना लेने के तरीके व मिट्टी जांच के महत्व बारे भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फसलों में मिट्टी जांच के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए।
श्री ओमकार सिंह, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक इफको रोहतक ने किसानों को पारम्परिक तरीके से खेती करने की बजाए आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती करने की सलाह दी। भूमि का स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए उन्होंने रासायनिक खादों के साथ-साथ देसी खाद जैसे गोबर की खाद, केचुआ खाद, हरी खाद, जैविक खाद आदि का प्रयोग करने की सलाह दी। श्री राणा ने बताया कि पौधों को अपना जीवन चक्र पूरा करने के लिए 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जिनका अपना-अपना कार्य होता है।
उन्होंने बताया कि पौधे नाईट्रोजन फास्फोरस व पोटाश तत्वों का अधिक मात्रा में अवशोषण करते हैं। इसलिए इनकी जमीनों में ज्यादा कमी पाई जाती है। सघन खेती की वजह से बहुत सी जमीन में जिंक सल्फर, बोरोन, कैल्शियम आदि की कमी होने लगी है। इसलिए मिट्टी जांच के आधार पर ही खाद का प्रयोग करना चाहिए। श्री कृष्ण कुमार ने इफको के नए उत्पादों जल विलय उर्वरक, जैव उर्वरक, सल्फर बेंटोनाईट, जिंक सल्फेट, सागरिका व कृषि रसायनों के बारे में विस्तार से बताया। डा. राम कुमार सैनी, पौध संरक्षण कृषि वैज्ञानिक (सेवा निवृत) ने किसानों को गवार फसल की काश्त के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डाॅ. सतबीर शर्मा ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अनुदानित दरों पर मूंग व ढंैचा बीज की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसलों के अवशेष न जलाने का भी अनुरोध किया, क्योंकि ऐसा करने से जमीन की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है और जमीन से मित्र कीट व जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इफको अधिकारियों द्वारा किसानों को खेत पर जाकर मिट्टी का नमूना लेने के तरीके का प्रदर्शन किया गया। किसानों को अपने अपने खेतों से जांच हेतु मिट्टी नमूने लाने का आग्रह किया गया ताकि सभी नमूनों की जांच करवाई जा सके।
इस अवसर पर गांव के सरंपच श्री अशोक शर्मा, श्री चित्रपाल पूर्व सरपंच, श्री ईश्वर पूर्व सरपंच, श्री दीपक, श्री राजेश, श्री मुकेश, श्री महाबीर शर्मा, श्री धन सिंह शर्मा, श्री रामा शर्मा सहित अनेक किसान उपस्थित थे।

विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर ग्रामीण जागरूकता कार्यक्रम आयोजितभिवानी, 1 जून: स्थानीय पंचायत भवन में विश्व दुग्ध दिवस के अ...
12/06/2019

विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर ग्रामीण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भिवानी, 1 जून: स्थानीय पंचायत भवन में विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी परियोजना के अंतर्गत मिल्क प्लांट रोहतक द्वारा ग्रामीण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दुग्ध संघ रोहतक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री चरण सिंह द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री जी.एल शर्मा, चेयरमैन हरियाणा दुग्ध विकास प्रसंघ, पंचकूला उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन दुग्ध संघ रोहतक के दुग्ध शीतकरण केन्द्र भिवानी द्वारा किया गया।
मुख्यअतिथि श्री जी.एल शर्मा ने हरियाणा दुग्ध विकास प्रसंघ द्वारा किसानों व पशुपालकों की वीटा महिला सहकारी समितियों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। जिसमें वीटा द्वारा मुख्यमंत्री दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत दूध सप्लायरों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5 रुपये प्रति किलोग्राम एक अप्रैल से 30 सितम्बर तक दूध के भाव के साथ बोनस के रूप में दी जा रही है। समिति के पंजीकृत सदस्यों के घर कन्या पैदा होने पर 11 हजार रुपये, लड़की की शादी पर 1100 रुपये कन्यादान, दसवीं व 12वीं में मेरिट प्राप्त करने पर छात्र व छात्राओं को छात्रवृति के रूप में क्रमशः 2100 व 5100 रुपये व वीटा सहकारी समितियों के पंजीकृत सदस्यों का पांच लाख रुपये का निःशुल्क बीमा व प्रसंघ द्वारा अपने लाभ में से भी सप्लायरों का शेयर दिया जाता है।
श्री शर्मा ने महिला सदस्यों से स्वच्छ दुग्ध उत्पादन के आग्रह के साथ ही दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए दूध का रेट 560 रूपये प्रति किलो फैट से बढ़ाकर 580 रुपए प्रति किलो फैट की घोषणा की जिससे दुग्ध उत्पादकों को दूध का उचित भाव मिल सके।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री चरण सिंह ने दुग्ध संघ रोहतक द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी व महिलाओं को आत्मनिर्भर व आर्थिक उन्नति के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
हरकोफैड के भिवानी से शिक्षा अनुदेशक श्री ईश्वर सिंह सहकारिता व सहकारी समिति के गठन व सिद्धांतो की जानकारी विस्तार से दी। लुवास विश्वविद्यालय से आए डाॅ. धर्मवीर सिंह दहिया व पशुपालन विभाग से उपमण्डल अधिकारी राजेन्द्र वत्स ने महिलाओं को पशुओं के रखरखाव, बीमारियों से बचाने की जानकारी एवं उपचार, संतुलित आहार के बारे में जानकारी दी। केएम बीएड कॉलेज से डाॅ. अनुराधा ने महिला सशक्तिकरण के बारे में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। मंच संचालन दुग्ध शीतकरण केन्द्र के इंचार्ज श्री सुभाष शर्मा ने किया।
मिल्क प्लांट रोहतक के प्रबंधक श्री राजेन्द्र प्रसाद सलुजा ने राष्ट्रीय डेयरी परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी व केन्द्रीय सहकारी बैंक लि. भिवानी के महाप्रबंधक श्री सुरेशपाल ने बैंक ऋण संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। एनआरएलएम से आए श्री सरीफ अली ने स्वयं सहायता समूह के गठन व उपयोगिता के बारे में बताया। हैफेड से आए हुए विपणन प्रबंधक श्री अश्वनी गौतम ने हैफेड की कैटल फीड के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर सर्वश्री अमित यादव, कृष्ण कुमार, दिलावर सिंह, महेन्द्र सिंह, हरविन्द्र सिंह चड्डा, मैनेजर राज सिंह प्रधान, मैनेजर सतीश, महिला विकास अधिकारी ज्योति शर्मा व जेई श्री आर. क.े सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

दी नारनौल यादव सहकारी श्रम एवं निर्माण समिति प्रगति पथ पर दी नारनौल यादव सहकारी श्रम एवं निर्माण समिति का पंजीकरण     11...
10/06/2019

दी नारनौल यादव सहकारी श्रम एवं निर्माण समिति प्रगति पथ पर

दी नारनौल यादव सहकारी श्रम एवं निर्माण समिति का पंजीकरण 11 सदस्यों के साथ 5 नवम्बर, 1996 को हुआ। समिति ने शुरूआती दौर में नगर परिषद् नारनौल में गलियों को पक्का करने का कार्य किया। कार्य को बढ़ाने के लिए समिति ने नगर परिषद् नारनौल के अलावा पंचायती क्षेत्रों में भी कार्य लेने शुरू किए और गलियों को सीमेंट कंकरीट से पक्का करने का कार्य किया। तत्पश्चात् समिति ने पी.डब्लयू.डी. (बी.एण्ड आर.) नारनौल में भी कार्य लेने शुरू किए और 5 सबहैल्थ सेंटरों का निर्माण पूर्ण करवाया। आज समिति तीनों विभागों में कार्य कर रही है और गत् पांच वर्षों से लाभ अर्जित कर रही है। समिति के पास अपनी मिक्सचर मशीन, वाइबरेटरस, ट्रैक्टर ट्राली और अन्य जरूरी मशीनरी है। समिति ने वर्ष 2016-17 में मु0 60.30 लाख रुपए का कार्य किया था जबकि समिति ने वर्ष 2017-18 में मु0 119.56 लाख रुपए का कार्य किया है और वर्ष 2018-19 का लाभ 58531.02 अर्जित किया है।

समिति की प्रबन्धक कमेटी का चुनाव 11 मार्च, 2015 को निम्नानुसार हुआ जिसमें श्री नवल सिंह, प्रधान, श्री प्रेम यादव, उप-प्रधान, श्री रमेश कुमार, खजांची, श्री दययन्ती, सदस्य, श्री प्रवीन कुमार, सदस्य निर्वाचित हुए।
अन्य जानकारी:
- यह समिति जिला प्रसंघ की सदस्य है।
- समिति जिला प्रसंघ की गतिविधियों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती है। समिति का प्रधान इस समय जिला प्रसंघ का भी प्रधान है।
- समिति का प्रधान राज्य प्रसंघ का निदेशक भी रह चुका है।
- समिति कई बार महेन्द्रगढ़ जिले में सर्वाधिक कार्य करने का गौरव प्राप्त कर चुकी है।
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दी गणेशपुर महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के बढ़ते कदम  दीे गणेशपुर महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लि0 का पंजीकरण 19 ...
10/06/2019

दी गणेशपुर महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के बढ़ते कदम

दीे गणेशपुर महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लि0 का पंजीकरण 19 मई 1999 को हुआ और तब से समिति लगातार अच्छा कार्य कर रही हैै। इस समिति में दूध की टेस्टिंग मिल्को टेस्टर द्वारा की जाती थी, पंजीकरण के समय समिति में 51 महिला सदस्य थीं और 64 लीटर दुग्ध प्रतिदिन समिति में एकत्रित होता था। महिलाओं को दुध का मूल्य, फैट और एस.एन.एफ का जोड करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
परन्तु अब सभी सदस्यों को दूध की पर्चियां मिलती हैं, जिससे मूल्य, फैट और एस.एन.एफ को लेकर सारी समस्याओं का समाधान हो रहा है। इससे सभी महिला सदस्य खुश हैं और समिति के प्रति विश्वास बढ़ा है। महिलाएं अपने दूध के व्यापार को बढ़ाने में पूर्णरूप से एक दूसरे का सहयोग करती हैं। समिति की माह में दो बार प्रबन्धक कमेटी की मीटिंग अवश्य करती हैं, जिससे सभी महिला सदस्यों को समिति में होने वाले व्यापार में लाभ-हानि के विषय में जानकारी होती है। इस समय समिति सदस्यों की संख्या बढकर 153 महिला सदस्य है, जिनमें से समिति में 75 महिला सदस्य दूध डाल रही हैं। समिति 454 लीटर दूध प्रतिदिन दुग्ध संघ को भेज रही हैं।

सचिव श्रीमती बलजिन्द्र कौर व प्रधान श्रीमती परविन्द्र कौर व सभी सदस्य मिलकर समिति की देखरेख करती हंै। समिति पर बी.एम.सी लगा है जिसके सभी कार्य श्रीमती बलजिन्द्र कौर ईमानदारी, स्वच्छता के साथ और नियमित रूप से कर रही है। यह समिति राज्य पुरस्कार से भी सम्मानित है। समिति का 31 मार्च 2019 को बैंक राशि 835446/- रुपये है। वर्ष 2018-19 में समिति का शुद्ध लाभ 84994/- रुपये रहा है।
डी.पी.यू लगने से समिति में लोगांे का दुग्ध उत्पादन की ओर रूझान बढ़ने के साथ विश्वास भी बढ़ा है और वह अपने दुध को अच्छी कीमत पर बेच कर परिवार की आय बढ़ाने में सहयोग कर रही हंै।
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हंजीरा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति बनी अनुकरणीय  इतिहास: सिरसा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अंतर्गत पंजीकृत कुल 562 ...
17/05/2019

हंजीरा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति बनी अनुकरणीय

इतिहास: सिरसा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अंतर्गत पंजीकृत कुल 562 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में से महिला हंजीरा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का पहला स्थान है जो श्रेष्ठ कार्य कर रही है। दुग्ध सहकारी संघ सिरसा ने डेयरी सहकारिताओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से इस समिति की शुरूआत की, जिसका 20 अक्तूबर, 2003 को पंजीकरण हुआ परन्तु आरम्भ में स्थानीय रीति-रिवाज व परम्परागत समस्याओं के कारण यह समिति दुग्ध व्यवसाय में सफल नहीं हुई और बंद हो गई।
राष्ट्रीय डेयरी परियोजना-1 के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से समिति को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया, जिस पर ग्राम आधारित दुग्ध खरीद प्रणाली के अंतर्गत इस समिति ने पहली जनवरी 2015 को पुनः कार्य शुरू किया। प्रारम्भ में समिति में केवल 12 महिला दुग्ध उत्पादकों द्वारा 50 किलोग्राम दूध प्रतिदिन एकत्रित होता था।

कार्यक्रम का विवरण: यह समिति निरन्तर कार्य कर दिन-प्रतिदिन प्रगति कर रही है। समिति की प्रगति और दूध संग्रह को देखने के बाद राष्ट्रीय डेयरी परियोजना-1 के अंतर्गत समिति में डाटा प्रोसेसर मिल्क कलैक्शन यूनिट्स स्थापित की गई है। इसकी स्थापना से दुग्ध डालने वाले सदस्यों का समिति के प्रति विश्वास बढ़ा और अधिक महिला सदस्य दूध एकत्र करने के लिए जुड़ी। इसके परिणाम स्वरूप 1000 लीटर की क्षमता का बीएमसी समिति में स्थापित किया गया।

प्रभाव: डाटा प्रोसेसर मिल्क कलैक्शन यूनिट्स की स्थापना के परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादक अपने द्वारा डाले गए दूध के परीक्षण से संतुष्ट हुए और समिति की दूध खरीद जो पिछले वर्ष 50 लीटर प्रतिदिन थी, से बढ़कर 1050 लीटर प्रतिदिन हो गई। दूध डालने वाले सदस्यों की संख्या भी 12 से बढ़कर 50 हो गई। दुग्ध सहकारी संघ द्वारा गांव में आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों द्वारा दुग्ध उत्पादकों को स्वच्छ दूध उत्पादन व पशु स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाती है जिसके परिणाम स्वरूप दूध की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इस तरह महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति हंजीरा ने अन्य दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

पंचकूला, 15 मई: श्री यशेन्द्र सिंह, आई.ए.एस. रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां हरियाणा ने आज हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्र...
15/05/2019

पंचकूला, 15 मई: श्री यशेन्द्र सिंह, आई.ए.एस. रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां हरियाणा ने आज हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों के अधिकारियों को ऋण के प्रति हुए मोरटगेज भूमि का इंतकाल चैक कर 31 मई तक उसकी रिपोर्ट भेजने और खातों के साथ शत-प्रतिशत आधार सीडिंग के लक्ष्य को हासिल करने के भी निर्देश दिए। श्री यशेन्द्र सिंह आज आज किसान भवन पंचकूला में आयोजित हरियाणा राज्य ग्रामीण विकास बैंकों के जिला मुख्य कार्यकारी
के अधिकारियों व प्रबन्धकों की ऋण वसूली व बैंकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा बैठक कह अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में श्री यशेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग के कार्यों को यथाशीघ्र पूरा करें। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को बैंकों में ऋण के प्रति मोरगेज़ की गई भूमि का इन्तकाल चैक करके
मुख्यालय को उसकी यथाशीघ्र रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए।
श्री नरेश गोयल, प्रबन्ध निदेशक हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने रजिस्ट्रार, सहकारी समितियों को अवगत करवाया गया कि कुछ पटवारी राजस्व रिकार्ड में भूमि मोरगेज के इन्दार्ज को स्वयं हटाकर भूमि की बिक्री करवा देते हैं जिससे बैंकों को ऋण वसूली में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे पटवारियों की जानकारी मुख्यालय को दें ताकि उनके विरूद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा सके।
श्री यशेन्द्र सिंह, आई.ए.एस. रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां व श्री नरेश गोयल प्रबन्ध निदेशक हरियाणा राज्य ग्रामीण विकास बैंक ने एक-एक अधिकारी से उसके संस्थान की समीक्षा की और अधिकारियों को बैंक को जीवित रखने के लिए ऋण वसूली पर विशेष ध्यान देना होगा अन्यथा बैंक बंद हो जाएंगे। आपकेे बेहतर प्रदर्शन से बैंक सुचारू रूप से अपना काम कर सकेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि वे अपने अधीन बैंक में व्यापक तौर पर सुधार लाएं और ऋण वसूली पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने अधिकारियों को सभी ऋण खाते के साथ आधार सीडिंग करने के निर्देश दिए और उसकी रिपोर्ट आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए।

हरियाणा के जिला नूंह में कार्यरत इन्द्री पैक्स का सराहनीय कार्य हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले नूंह में कार्यरत दि इन्द्री प...
15/05/2019

हरियाणा के जिला नूंह में कार्यरत इन्द्री पैक्स का सराहनीय कार्य

हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले नूंह में कार्यरत दि इन्द्री प्राथमिक कृषि सहकारी समिति का पंजीकरण 6 नवम्बर 2006 को हरियाणा सहकारी स्मितियां अधिनियम 1984 के अंतर्गत हुआ। केन्द्रीय सहकारी बैंक के गुड़गांव के अंतर्गत यह समिति अपने कार्यक्षेत्र के 25 गांवों को 6 बिक्री केन्द्रों (इन्द्री, गंगोली, किरंज, उलेटा, उडाका व छपेरा) के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध करवा रही है। पैक्स प्रबन्धक श्री अमर सिंह के साथ 7 कर्मचारी सेल्ज़मैन के रूप में समिति की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मेहनत व ईमानदारी से कार्य कर रहे हैंैं। पैक्स अपने सदस्यों की विभिन्न प्रकार की आवश्यकताओं की पूर्ति का दायित्व निभा रही है, जिनमें अल्पावधि ऋण, मध्यावधि ऋण, बचत व सावधि जमा करना, खाद-बीज, कीटनाशक व कृषि आदानों की बिक्री करना व सार्वजनिक वितरण प्रणाली व गैर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उपभोक्ता वस्तुओं का वितरण कर रही है। समिति का व्यवसाय वर्ष दर वर्ष बढ़ रहा है। पैक्स द्वारा अपने कार्यों में विविधीकरण कर वसूली में बढ़ोत्तरी के कारण पैक्स ने लाभ अर्जित किया है। पैक्स प्रबन्धक ने बताया कि समिति के सभी खाते कम्प्यूट्रीकृत हो चुके हैं और किसानों को डेबिट कार्ड व एटीएम दिए गए हैं। समिति काम सुचारू रूप से चल रहा है। शीघ्र ही समिति बहुउद्देशीय सहकारी समिति के रूप में कार्य आरम्भ करने जा रही है जिससे किसानों को कृषि सम्बन्धी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। समिति पिछले पाँच वर्षों से लाभ अर्जित कर रही है।
समिति की महत्वपूर्ण विशेषताएं:

1. समिति हरियाणा के अति पिछड़े जिला नूंह में कार्यरत होने के बावजूद राज्य की सबसे अच्छा कार्य कर रही समितियों में से एक है।
2. वर्तमान में सम्पूर्ण हरियाणा के पैक्सों की वसूली दर बहुत कम होने के बावजूद भी इन्द्री पैक्स की नगद वसूली 90 प्रतिशत से अधिक है।
पैक्स की भावी योजनाएं:
सदस्यता का आधार बढ़ाना, फोटोस्टेट इत्यादि गतिविधियों को अपनाना, कृषि आदानों व ऋण व्यवसाय को बढ़ाना, कृषि उत्पाद विपणन और प्रसंस्करण की शुरूआत, जिनमें मुख्य फसलें गेहूं, सरसों, बाजरा व सब्जियां इत्यादि, कुशलतापूर्वक वित्तीय संसाधनों का प्रबन्ध, शासन और कार्य में भागीदारी बढ़ाने के लिए सदस्य प्रशिक्षण, प्रबन्धक कमेटी सदस्यों की निर्णायक क्षमता में सुधार, पैक्स का कम्प्यूट्रीकरण, पैक्स के बिक्री केन्द्रों के माध्यम से सरकार की सामाजिक कल्याण पेंशन का वितरण।
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पंचकूला: - श्रीमती ज्योति अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता विभाग, हरियाणा ने आज सहकारिता विभाग व सहकारी संस्थाओं के व...
03/05/2019

पंचकूला: - श्रीमती ज्योति अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता विभाग, हरियाणा ने आज सहकारिता विभाग व सहकारी संस्थाओं के विज़न 2022 व कार्ययोजना 2019-20 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में आॅरगेनिक फूड सहकारी समितियां, फल व सब्जी सहकारी समितियां तथा स्वास्थ्य सहकारी समितियां गठित की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक सहायक रजिस्ट्रार के लिए हर माह पाँच समितियां गठित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया।
श्रीमती ज्योति अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता विभाग तथा श्री यशेन्द्र सिंह, रजिस्ट्रार सहकारी समितियां ने आज पंचकूला स्थित हैफेड के सभागार में आयोजित एक बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित किया।
श्रीमती अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सहकारी समितियों के निदेशक मण्डल की अवधि निकट भविष्य में पूरी हो रही है उनके चुनाव समय पर करवाए जाएं। उन्होंने समितियों को सशक्त बनाने के लिए अधिकारियों को अन्य राज्य में कार्यरत समितियों के अध्ययन दौरों की व्यवस्था करने के लिये भी कहा। उन्होंने कहा कि सघन सहकारी विकास परियोजना के अतंर्गत डेयरी, मत्स्य पालन जैसी परियोजनाएं तैयार करके राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की योजना का भरपूर लाभ उठाया जाए।
उन्होंने राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक को निर्देश दिए कि वे 19 जिलों में प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों की शाखाओं में कैमरे लगाएं ताकि बैंकों का कार्य पारदर्शी और सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऋण धारकों के आधार कार्ड को उनके ऋण खातों के साथ लिंक किया जाए। प्रबन्ध निदेशक हरकोबैंक को निर्देश दिए गए कि वे वसूली बढ़ाने और एन.पी.ए. कम करने के लिए मासिक व त्रैमासिक आधार पर कार्ययोजना तैयार करे। इसके अतिरिक्त पैक्सों के ऋणों की वसूली के लिए मुख्यालय से भी बैंक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आप अपने वीटा के उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। यदि आपके किसी बूथ पर उत्पादों की शिकायत पर उत्पाद की गुणवत्ता जांच के लिए वर्तमान में कोई व्यवस्था नहीं है तो उसे भविष्य में सुचारू किया जाए।

डेयरीफैड जून, जुलाई माह में कौन-कौन से नये उत्पादों को बाज़ार में ला रहा है, की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। इसके साथ ही सभी दुग्ध संघों के लिए दुग्ध एकत्रित करने के लक्ष्य निर्धारित किए जाएं । दुग्ध सहकारी समितियों की प्रबन्धक कमेटी के चुनाव के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने श्रम एवं निर्माण संघ की कार्ययोजना का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि संघ का आगामी वर्ष में कम से कम 550 करोड़ रुपए का कारोबार समितियों के लिए निर्धारित किया जाए। इसके अतिरिक्त जो समिति ठीक तरह से काम करने में अक्षम हैं उन्हें वाईंड-अप किया जाए। श्रीमती अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कि श्रम एवं निर्माण समितियों संघ की प्रबन्धक कमेटी का चुनाव करवाने के लिए भी योजना तैयार करें और संस्थाओं के अधिकारी अपनी वेबसाइट का नियमित रूप से निरीक्षण भी करें।
श्रीमती ज्योति अरोड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारी चीनी मिल व हैफेड मार्केटिंग के क्षेत्र में नई-नई योजनाए बनाए तथा हरेक जिले में एक-एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाए ताकि किसान/सदस्य इन कारखानों का लाभ उठा सकें। उन्होंने चीनी मिल प्रसंघ के अधिकारियों को कहा कि चीनी मिलों का कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए गन्ना उत्पादकों व यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठकर बातचीत की जाए और मिलों में सोहार्दपूर्ण वातावरण बनायें।
हरकोफैड को निर्देश दिए गए कि बैठकों व कार्यक्रमों के अतिरिक्त शीर्ष संस्थाओं व जिला सहकारिताओं की प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया में कवरेज करवाने के साथ-साथ सक्सेस स्टोरी, टिव्टर हैंडल तथा फेसबुक पर भी डाली जाए।
श्रीमती ज्योति अरोड़ा ने सभी संस्थाओं को अपने कार्यालयों में स्वच्छता-अभियान चलाने के भी निर्देश दिए ताकि कार्यालयों को साफ-सुथरा रखा जा सके। साथ ही कार्यालय में कार्य अनुकूल वातावरण सृजित हो। कार्यालयों के कबाड़ व रद्दी का निपटान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को 10 मई तक अपनी रिपोर्ट तथा डैश बोर्ड सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध करवाने के लिये भी कहा ताकि कार्ययोजना को अन्तिम रूप दिया जा सके।
इससे पूर्व बैठक में संस्थाओं का कार्य सुचारू रूप से चलाने और कार्यालय में पारदर्शिता लाने के लिए विभिन्न सोफ्टवेयर कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा एप्पस के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी गई। उपस्थित अधिकारियों ने एप्पस की कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल की।

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