03/06/2025
श्री भारतीय सेवा समिति पटियाला (पंजाब) के जनरल सैक्टरी एवं श्रीराम हनुमान सेवादल के कोषाध्यक्ष श्रीचंद शर्मा बैंकॉक थाईलैंड में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित हुए व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती किरण कुमारी को मिला अंतरराष्ट्रीय देवनागरी सम्मान 2025 व बुद्ध शांति सम्मान 2025
इतिहास में पहली बार 57 हिंदी शिक्षकों को मानवता, शिक्षा और वैश्विक शांति के लिए उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2025’ और ‘अंतर्राष्ट्रीय देवनागरी सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित एक ऐतिहासिक वैश्विक कार्यक्रम में शिक्षकों को प्रतिष्ठित *गौतम बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 और अंतर्राष्ट्रीय देवनागरी सेवा सम्मान* प्रदान किया गया। ये सम्मान शिक्षा, करुणा और वैश्विक शांति के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देते हैं।
इस कार्यक्रम का आयोजन *एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स*, यूनाइटेड गिल्ड यूके और धरा धाम इंटरनेशनल के सहयोग से देवनागरी उत्थान फाउंडेशन द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, धार्मिक नेता, अंतर्राष्ट्रीय विद्वान और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे:
- **महामहिम राजा जनरल ग्रैंड मास्टर प्रो. दातो सेरी डॉ. सुमचंद रथपट्टया**
- **डॉ. मोनरुडी सोमार्ट**
- **डॉ. परविंदर सिंह**
- **फ्रा अचन विचान**
- **हिरह हे महाराजा पैंगर्न ड्यूक प्रिंस राडेन मास नागाबी**
- **पवन मिश्रा**
- **सुशील कुमार धानुका**
- **डॉ. प्रेम प्रकाश**
- **शांतनु पाल**
- **कीर्तन त्रिपाठी**
# # # *आयोजक और नेतृत्व*
**देवनागरी उत्थान फाउंडेशन** के संस्थापक डॉ. सुनील दुबे ने इस बात पर जोर दिया कि *"शिक्षकों का सम्मान ईश्वर के सम्मान के बराबर है। जो समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, वह विकास और उत्थान सुनिश्चित करता है।"*
कार्यक्रम का सफल नेतृत्व डॉ. सौरभ पाण्डेय डॉ. सुनील दुबे, डॉ. पूजा निगम और ने किया, जिन्होंने वैश्विक इवेंट मैनेजमेंट में एक मानक स्थापित किया।
यह सम्मान न केवल शिक्षकों की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता है, बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपराओं और मानवीय मूल्यों को वैश्विक स्तर पर अपनाए जाने का प्रमाण भी है।
सभी कार्यक्रमों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा l शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति और दुनिया को आकार देने में शिक्षकों की भूमिका के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जाएगा है।