31/03/2026
बिहार के नालन्दा में हुई भगदड़ की घटना पर राज्य सरकार जवाब दो!
आज सुबह बिहार के नालन्दा में शीतला माता मन्दिर में प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई भगदड़ में यह रिपोर्ट लिखे जाने तक करीब 8 लोगों की मृत्यु हो गयी है और कई घायल हुए हैं। चैत्र माह का आखिरी दिन और मंगलवार होने की वजह से मन्दिर परिसर में भीड़ ज़्यादा थी। इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन को पहले से थी कि बड़ी संख्या श्रद्धालु आज मन्दिर पहुंचेंगे, लेकिन इसके बावजूद भीड़ नियंत्रण के पुख़्ता इंतज़ाम नहीं किये गये थें।
आनन फानन में उस क्षेत्र के एस एच ओ को सस्पेंड कर दिया गया है, तथा इस मामले के 'जाँच' के आदेश दिये गये। लेकिन, यह सिर्फ़ एक घटना की बात नहीं है, आये दिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण ऐसी हृदय विदारक घटनाएं घटित होती रहती है। एन.सी.आर.बी के आंकड़ों के अनुसार, 2001 से 2022 के बीच भारत में भगदड़ की घटनाओं में 3,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हुयी थी। सिर्फ़ पिछले साल भगदड़ की 8 बड़ी दुर्घटनाएं हुयी थी, जिसमें करीब 120 लोग मारे गये थें और सैंकड़ों घायल हुए थें। यहाँ गौर करने वाली बात यह भी है कि केन्द्र व राज्य में सत्तासीन भाजपा, जो खुद को बहुसंख्यक हिंदू आबादी का सबसे बड़ा हितैषी बताती है, आख़िर वह मन्दिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर भगदड़ जैसी घटना से हिन्दू श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रबंध क्यों नहीं कर पाती? जब भाजपा मन्दिर के नाम पर बेशर्मी से अपना वोटबैंक मज़बूत करती है और सरकार बना लेती है, तब इन्हीं मन्दिरों में जाने वाले हिन्दू श्रद्धालुओं की जान की हिफाज़त क्यों नहीं कर पाती?
आज नालन्दा में हुई दुर्घटना ने फ़िर से वही सवाल खड़े किये, जो भारत में भीड़ के नियंत्रण को लेकर पहले से उठते रहें हैं। आख़िर भीड़ के नियंत्रण को लेकर पुख़्ता इंतज़ाम क्यों नहीं है? क्या सरकारी एजेंसियां दुर्घटना हो जाने के बाद ही क्यों जागती है? क्या राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जिनके मातहत ही सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग आता है। वह इस घटना की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देंगे? राज्य और केन्द्र सरकार इन सवालों पर चुप्पी धड़े नहीं रह सकती है।
भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी यह माँग करती है कि शीतला माता मन्दिर में हुयी भगदड़ की घटना की जाँच की रिपोर्ट यथाशीघ्र सार्वजनिक की जाय तथा दोषी अधिकारियों और मंत्रियों पर तुरन्त कार्रवाई की जाय। साथ ही, तत्काल राज्य के ऐसे सभी भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर भगदड़ से बचने के सुरक्षा के इंतज़ाम किये जाय तथा इन स्थलों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की जाय।