26/05/2026
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने आज लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पथ निर्माण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने ‘हर घर नल का जल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक घर तक निरंतर एवं निर्बाध शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति की समय-सीमा को सुबह एवं शाम एक-एक घंटा बढ़ाया जाए, ताकि सभी लोगों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। साथ ही शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता एवं आपूर्ति बनाए रखने हेतु प्रत्येक दो-तीन माह पर पंचायतवार जांच कराने का निर्देश दिया। माननीय मुख्यमंत्री जी ने पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान तथा इसके लिए ए०आई० तकनीक के उपयोग पर भी बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि जहां आवश्यकता हो, वहां 30 जून से पूर्व नए चापाकलों की स्थापना सुनिश्चित की जाए। साथ ही भू-जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं का प्रभावी एवं बेहतर क्रियान्वयन करने को कहा।
पथ निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य में निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं स्टेट हाई-वे के कार्यों को तीव्र गति एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए। उन्होंने सभी जिला मुख्यालयों को फोर-लेन सड़कों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासतों, औद्योगिक कॉरिडोर, विशेष कृषि उत्पादन क्षेत्रों एवं महत्वपूर्ण बाजारों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने पर जोर दिया।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने पुलों की गुणवत्ता एवं मजबूती की नियमित जांच कराने का भी निर्देश दिया।
उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज विहीन 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई प्रारंभ कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों में महाविद्यालय स्थापना हेतु भूमि दान दी जाएगी, वहां उस महाविद्यालय का नाम दानदाता अथवा उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर रखा जाएगा।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन हेतु भारत सरकार को शीघ्र भूमि हस्तांतरित करने तथा इस संबंध में भारत सरकार को पत्र भेजकर सूचित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों से जुड़े सभी रिसर्च सेंटरों को पुनर्व्यवस्थित कर व्यवस्थित, सिस्टमैटिक एवं स्पेशलाइज्ड बनाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लोक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत ग्रीन फील्ड एवं ब्राउन फील्ड मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों का विकास किया जाएगा।
उन्होंने अनावश्यक रेफरल पर यथासंभव रोक लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में 15 अगस्त तक यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इसकी नियमित मॉनिटरिंग जिलाधिकारियों द्वारा करने का निर्देश दिया।