AISF Bihar

AISF Bihar All India Students Federation (AISF) State Council Bihar

President- Com. Sudheer Kumar
Secretary - Com. Amin Hamza

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 17 से 18 मई 2026 तक अजय ...
21/05/2026

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 17 से 18 मई 2026 तक अजय भवन, इंद्रजीत गुप्ता मार्ग, नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि नीट पेपर लीक मामले तथा छात्रों-युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 20 एवं 21 मई को पूरे देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

इसी राष्ट्रीय परिषद के निर्णय के आलोक में आज दिनांक 21 मई 2026 को पटना विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर AISF एवं AIYF के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता AISF के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर कुमार एवं AIYF के बिहार राज्य सचिव गयासुद्दीन ने संयुक्त रूप से की तथा संचालन AISF नेता सुशील उमराज ने किया।

AISF के पूर्व महासचिव विश्वजीत कुमार ने कहा कि देशभर के बेरोजगार युवाओं और छात्रों को सरकार लगातार गुमराह कर रही है। वहीं AISF सचिव मंडल सदस्य सबीना खातून ने कहा कि नीट जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों छात्र प्रभावित होते हैं, जबकि दूसरी ओर बिहार में छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

AIYF नेत्री सगुप्ता रशीद ने कहा कि बीते दिन 20 मई 2026 को पटना में BPSC TRE-4 की अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे हजारों छात्रों पर बिहार पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया, जो छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। यह घटना दर्शाती है कि केंद्र एवं राज्य — दोनों जगह “डबल इंजन” की सरकार होने के बावजूद युवाओं को रोजगार देने के वादे केवल चुनावी जुमले साबित हुए हैं। जब छात्र-युवा अपने अधिकार और रोजगार की मांग को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तब सरकार उन पर लाठीचार्ज कराती है, गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तारियां करती है तथा मुकदमे दर्ज करती है।

AISF एवं AIYF ने इस दमनात्मक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मांग की कि जिन छात्रों को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया है, उन्हें अविलंब रिहा किया जाए तथा छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से AISF की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य सलमान सिद्दीकी, कॉम उदयन सिंह,बबलू सिंह, रोशन कुमार,सगुप्ता रशीद, पप्पू,आशीष कुमार, अमरजीत कुमार, राहुल कुमार बिपिन कुमार,राज पासवान सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल रहे।

📢 पटना विश्वविद्यालय में Ph.D नामांकन में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन जारीआज हड़ताल का छठा दिन एवं आंदोलन का 16वाँ दिन है। प...
20/05/2026

📢 पटना विश्वविद्यालय में Ph.D नामांकन में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन जारी

आज हड़ताल का छठा दिन एवं आंदोलन का 16वाँ दिन है। पटना विश्वविद्यालय के सत्र 2025 के Ph.D नामांकन में हुई गड़बड़ी, पक्षपात और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘रिसर्च स्कॉलर संघर्ष समिति’, AISF एवं PFVC के संयुक्त बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज भी जारी रहा।

CSIR एवं UGC-NET के माध्यम से Ph.D Only उत्तीर्ण छात्रों से आवेदन भरवाने के बावजूद उन्हें नामांकन से वंचित किया जा रहा है। इसी अन्यायपूर्ण प्रक्रिया के खिलाफ छात्र आंदोलनरत हैं।

आज इस आंदोलन को पीयू कर्मचारी संघ का समर्थन मिला। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुबोध जी एवं महासचिव फरहान जी ने कहा कि यदि कुलपति छात्रों से वार्ता कर समस्या का समाधान नहीं निकालते हैं, तो कर्मचारी संघ भी छात्रों के साथ धरने पर बैठेगा।

लगातार पाँच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे PFVC के बिहार प्रदेश महासचिव विद्यानंद पासवान की तबीयत बिगड़ने लगी है। डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य जांच के बाद उनकी स्थिति चिंताजनक बताई है। विद्यानंद पासवान ने कहा कि जब तक Ph.D Only उत्तीर्ण छात्रों को नामांकन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

AISF के राज्य सह-सचिव कॉमरेड सुशील उमाराज ने कहा कि Ph.D नामांकन में छात्रों द्वारा लगाए जा रहे पक्षपात, भ्रष्टाचार एवं अपारदर्शिता के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

AISF के पटना विश्वविद्यालय छात्र नेता Md. जैद ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के कुलपति दलित एवं दृष्टिबाधित छात्रों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज तक कुलपति अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का हालचाल लेने तक नहीं पहुंचे हैं।

धरना-प्रदर्शन में छात्र नेत्री प्रीति पासवान, जाह्नवी रॉय, पूजा कुमारी, छात्र नेता कृष्णा कुमार, सुधांशु राठौड़, सत्यम, अंकुश कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं शामिल हुए।










20/05/2026

प्रेस विज्ञप्ति

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), बिहार राज्य परिषद
दिनांक: 20 मई 2026

TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज एवं मुकदमे दर्ज करने की AISF ने की कड़ी निंदा

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) बिहार राज्य परिषद ने पटना में TRE-4 अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं पर बिहार पुलिस द्वारा किए गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज एवं दर्ज मुकदमों की कड़ी निंदा की है।

AISF बिहार राज्य परिषद द्वारा जारी संयुक्त प्रेस बयान में राज्य अध्यक्ष सुधीर कुमार एवं राष्ट्रीय सचिव आमीन हमजा ने कहा कि छात्रों पर किया गया यह हमला पूरी तरह अलोकतांत्रिक, छात्र-विरोधी तथा संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पहले पटना कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर रोका गया तथा मार्च शुरू होने से पहले ही पुलिस द्वारा गिरफ्तारियां की गईं। इसके बाद छात्रों एवं छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का मौलिक अधिकार प्राप्त है, लेकिन बिहार सरकार एवं प्रशासन ने छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का काम किया है।

गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों से TRE-4 अभ्यर्थियों को लगातार आश्वासन देकर सरकार द्वारा टालमटोल किया जा रहा है। अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी एवं रिक्तियों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं। पटना कॉलेज एवं जेपी गोलंबर के आसपास छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी रहा, जिसके दौरान प्रशासन ने बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया।

AISF नेताओं ने कहा कि सरकार को छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय दमनात्मक रवैया अपनाना बंद करना चाहिए। छात्र देश और समाज के भविष्य हैं, उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

AISF बिहार राज्य परिषद की मांगें:

1. TRE-4 अधिसूचना अविलंब जारी की जाए।
2. शिक्षक नियुक्ति में रिक्तियों की संख्या बढ़ाई जाए।
3. लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
4. गिरफ्तार किए गए सभी छात्र-छात्राओं को तुरंत रिहा किया जाए।
5. आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।

जारीकर्ता:
सुधीर कुमार
राज्य अध्यक्ष, AISF बिहार राज्य परिषद

Youth Life, the frontal magazine of the All India Youth Federation (AIYF), was launched on 18 May 2026 during the Joint ...
19/05/2026

Youth Life, the frontal magazine of the All India Youth Federation (AIYF), was launched on 18 May 2026 during the Joint National Council Meeting of the All India Students’ Federation (AISF) and AIYF.

The magazine was inaugurated by D. Raja, General Secretary of the Communist Party of India (CPI), in the presence of P. Sandosh Kumar CPI MP Rajya Sabha, Kerala, CPI National Secretary Girish Chandra Sharma, CPI National Secretary Annie Raja, Raushan Sinha, National General Secretary of AIYF; Dinesh Rangarajan, National General Secretary of AISF; and Sudhir Kumar, President of the AISF Bihar State Council.

The launch of Youth Life marks an important initiative to strengthen progressive youth voices and raise issues related to democracy, social justice, education, employment, and students’ and youth rights across the country.

18/05/2026
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) द्वारा आज नई दिल्ली स्थित अजय भवन में “NEET, पेपर ल...
17/05/2026

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) द्वारा आज नई दिल्ली स्थित अजय भवन में “NEET, पेपर लीक और सार्वजनिक शिक्षा पर हमला” विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया।

सेमिनार का उद्घाटन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्यसभा सांसद कॉमरेड P. Sandosh Kumar ने किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करते हैं। यह केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि मेहनतकश, गरीब एवं मध्यमवर्गीय छात्रों के सपनों और भविष्य पर सीधा हमला है।

सेमिनार में NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार, निजीकरण, व्यावसायीकरण तथा सार्वजनिक शिक्षा संस्थानों पर बढ़ते हमलों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा को बाजार के हवाले करना देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मांग की कि:

• NEET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
• पेपर लीक में शामिल दोषियों एवं माफियाओं पर कठोर कार्रवाई हो।
• सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
• शिक्षा के निजीकरण एवं व्यावसायीकरण पर रोक लगाई जाए।
• छात्रों के अधिकारों, सामाजिक न्याय एवं समान अवसर की रक्षा की जाए।

इस कार्यक्रम में AIYF के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड रोशन सिंह तथा AISF के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड Dinesh C. Rangarajan सहित कई छात्र-युवा नेताओं ने अपने विचार रखे। सेमिनार की अध्यक्षता AIYF के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड रोशन सिंह ने की।

बिहार की ओर से AISF के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड सुधीर कुमार ने अपने विचार रखे। बिहार से साथी अधिवक्ता संदीप भी इस संगोष्ठी में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रो. Ajay Gudavarthy, डॉ. Saravanan Kumar सहित अनेक छात्र-युवा साथियों, शिक्षा अधिकार कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

AISF यह स्पष्ट करता है कि शिक्षा कोई बाजार की वस्तु नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सार्वजनिक शिक्षा बचाओ — देश का भविष्य बचाओ।




















12/05/2026

प्रेस विज्ञप्ति
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), बिहार राज्य परिषद

दिनांक: 12 मई 2026
स्थान: पटना, बिहार

NEET (UG) 2026 की परीक्षा रद्द होना केंद्र सरकार की केंद्रीकृत, भेदभावपूर्ण और भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था की ऐतिहासिक विफलता है — AISF

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त गहरे भ्रष्टाचार, केंद्रीकरण और कोचिंग माफिया के गठजोड़ का परिणाम बताया है। AISF ने कहा कि संगठन शुरू से ही NEET व्यवस्था का विरोध करता रहा है और इसे ग्रामीण, गरीब, पिछड़े एवं मातृभाषा माध्यम के छात्रों के खिलाफ एक सुनियोजित भेदभावपूर्ण तंत्र मानता रहा है।

AISF के राज्य अध्यक्ष सुधीर कुमार ने कहा कि राजस्थान में कोचिंग माफिया द्वारा लाखों रुपये लेकर “गेस पेपर” के नाम पर 120 प्रश्न हूबहू उपलब्ध कराना यह साबित करता है कि NEET परीक्षा पूरी तरह भ्रष्टाचार और पेपर लीक माफिया के कब्जे में जा चुकी है। यह वही खतरा है जिसके प्रति AISF पिछले एक दशक से लगातार चेतावनी देता रहा है।

उन्होंने कहा कि NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा में गरीब, ग्रामीण, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक एवं हिंदी सहित भारतीय भाषाओं के छात्रों को बाहर करने का माध्यम बन चुकी है। यह केंद्र सरकार की “केंद्रीकरण, व्यावसायीकरण और सांप्रदायिकीकरण” की शिक्षा नीति का हिस्सा है। AISF लगातार मांग करता रहा है कि भारत की विविधता और संघीय ढांचे का सम्मान करते हुए राज्यों को अपने स्तर पर मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया तय करने का अधिकार मिलना चाहिए।

AISF ने परीक्षा केंद्रों पर छात्रों, विशेषकर छात्राओं, के साथ होने वाले अपमानजनक व्यवहार, कठोर ड्रेस कोड और अमानवीय जांच प्रक्रिया की भी कड़ी निंदा की। संगठन ने कहा कि लाखों छात्रों को मानसिक प्रताड़ना और अपमान झेलना पड़ता है, जिसकी कोई भरपाई संभव नहीं है।

AISF के राज्य सचिव आमीन हमजा ने आरोप लगाया कि NTA की लगातार विफलताएँ केंद्र सरकार द्वारा जवाबदेही खत्म कर सारी शक्तियों के केंद्रीकरण का परिणाम हैं। संगठन ने याद दिलाया कि 2024 के NEET घोटाले के समय भी AISF ने एक ही केंद्र से छह छात्रों के पूर्णांक प्राप्त करने पर गंभीर सवाल उठाए थे और NTA के भ्रामक जवाबों का विरोध किया था। अब 2026 का पेपर लीक कांड NTA की बची-खुची विश्वसनीयता को भी पूरी तरह समाप्त कर चुका है।

AISF ने स्पष्ट कहा कि केवल पुनः परीक्षा कराना न्याय नहीं है। संगठन की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—

1. NEET परीक्षा को स्थायी रूप से समाप्त किया जाए।
2. पूरी तरह बदनाम हो चुकी NTA को तत्काल भंग किया जाए।
3. राज्यों को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया तय करने का पूर्ण अधिकार दिया जाए, चाहे वह राज्य स्तरीय परीक्षा हो या कोई अन्य स्थानीय एवं न्यायपूर्ण व्यवस्था।
4. केंद्र सरकार द्वारा अपनी परीक्षा नीति थोपने हेतु राज्यों के केंद्रीय फंड रोकने की नीति समाप्त की जाए।
5. पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध न्यायिक आयोग से कराई जाए।
6. छात्र आंदोलनों के दमन, गिरफ्तारी और पुलिसिया उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए।

AISF ने घोषणा की कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा तथा देशव्यापी “राष्ट्रीय शिक्षा हड़ताल” आयोजित की जाएगी।

संगठन ने कहा कि NEET रद्द होना कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि भारत की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था एक अनियंत्रित परीक्षा माफिया के कब्जे में है। AISF हर पीड़ित छात्र के साथ मजबूती से खड़ा है और जब तक एक स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं वास्तविक संघीय प्रवेश व्यवस्था स्थापित नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा।

जारीकर्ता:
सुधीर कुमार
राज्य अध्यक्ष एवं राज्य सचिव आमीन हमजा AISF

Address

Patna

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+917004986937

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