24/04/2025
पुहेअल कश्मीरी भाषा का एक शब्द है जिसका मतलब होता है चरवाहा । पहलगाम का मतलब होता होता है - चरवाहों का गांव । दुनिया के बेहतरीन , खूबसूरत और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हिस्सा अनंतनाग जिले की एक तहसील है । यहाँ की कुल आबादी छह हज़ार से भी कम है । मुख्य रूप से यह एक मशहूर पर्यटक स्थल है । जो जून से सितंबर तक सैलानियों से भरा रहता है । इसलिए पहलगांव की छोटी से आबादी का जिवन यापन पर्यटन से ही जुड़ा हुआ है - होटल व्यवसाय घोड़ा चालक , सामान ढोने वाले मजदूर , कुछ फेरी वाले बस ।
यही भूगोल है , उस पहलगांव का जहाँ आतंकी हमला हुआ है । पच्चीस लोग मारे जा चुके हैं , अनगिनत घायल हैं । यह पोस्ट इसी विषय पर है । देश के पास जो सवाल हैं , गुस्से से भरे हुए , तकलीफ़ के साथ उसे संचार के माध्यम अनदेखा कर रहे हैं । अगर इस विषय से दूर रहते तो ज़्यादा बेहतर होता लेकिन ये मीडियावाले अपराधिक घपला कर के इस पहलगांव घटना को ही तोड़ मरोड़ कर परोस रहे हैं । सरकार से पूछा जाना चाहिए -
- पाँच हज़ार की छोटी सी आबादी में विदेशी आतंकवादी आता है , इसकी पूर्व सूचना भारत सरकार और कश्मीर सरकार के पास नहीं थी । क्यों ?
- पहलगांव संवेदनशील एरिया घोषित है , फिर यहाँ सुरक्षा बल क्यों नहीं था ?
- इस वारदात के बाद सरकार क्या कर रही है । ?
इस हमले के बाद मीडिया (?) जो नहीं बोल लिख रही है वह आंख खोलनेवाला है । हमले के बाद घायलों को अस्पताल तक ले जानेवाले वे लोकल पहलगामी ही हैं और अपने कंधे पर लाद कर ले गए हैं , उनके इस जज़्बे को सलाम करने की जगह आप उनकी लाशों के चित्र से पोस्टर बना रहे हो ? यह सब नहीं हुआ अलग बात है लेकिन इस समाज और सरकार के वे नामख़राम लुटेरों की कारस्तानी पर सरकार ने रोक तक नहीं लगाया । श्रीनगर से दिल्ली की कुल दूरी तकरीबन छ सौ किलोमीटर है , हवाई यात्रा भाड़ा पाँच हज़ार के लगभग होता है , हमले के बाद यह भाड़ा बढ़ कर चालीस हज़ार तक जा चुका है ।
इतनी घटिया व्यवस्था ?