06/01/2026
16 दिसंबर 1971 विजय दिवस हमारी भारतीय सेना के 3000 से भी ज्यादा सैनिक शहीद हुए। लेकिन क्यों? किसके लिए? हमें क्या मिला? हमारे जाबाज सैनिक मानवता के लिए अपने प्राणों की आहुति दिए, और पूर्वी पाकिस्तान में महिलाओं से हो रहे अत्याचार के खिलाफ युद्ध कर उन्हें आत्मसम्मान से जीने का अधिकार दिया। लेकिन हमें पाकिस्तान के साथ एक और दुश्मन देश बांग्लादेश की सौगात मिली। मैं हमेशा से इंदिरा गांधी जी के पूर्वी पाकिस्तान को आजाद कराने के फैसले को मूर्खता पूर्ण फैसला मानता हूं और मानता रहूंगा। हां, यह अच्छा फैसला तब हो सकता था जब हम अपने सैनिकों के बलिदान से पूर्वी पाकिस्तान पर कब्जा कर उसे भारत में शामिल कर लिए होते। अन्यथा अगर आज बांग्लादेश (पूर्वी पाकिस्तान) पाकिस्तान का हिस्सा होता तो संभत: पाकिस्तान में और भी गृह युद्ध की स्थिति उत्पन्न होती, हो सकता था कि पाकिस्तान वर्तमान स्थिति से भी कमजोर होता।
बेशर्मी की हद तो तब पार हो जाती है जब कल तक जिस पूर्वी पाकिस्तान की लाखों मुस्लिम महिलाओं के साथ पाकिस्तानी सैनिकों ने अमानवीयता की पराकाष्ठा पार कर दी और मौत के घाट उतार दिया, आज वही पाकिस्तान इन बांग्लादेशियों की मुसलमान देश होने की वजह से पहली पसंद है।
आप हम उनसे क्या ही वफादारी की उम्मीद कर सकते हैं जो अपने देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान का नहीं हुआ, उनके परिवार के सभी सदस्यों को गोली से भून दिया गया, उनकी दो बेटियाँ संयोगवश बच गयीं जो घटना के समय जर्मनी में थीं। उनमें एक शेख हसीना जिनके साथ हाल ही में क्या हुआ हम सभी जानते हैं।
आज वह बांग्लादेश हमें खुद का सबसे बड़ा दुश्मन मानता है, वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं को पाकिस्तान में होने वाली अमानवीयता से भी बढ़ कर कौमी उन्माद का शिकार बनाया जा रहा है। ये अल्पसंख्यक हिंदू स्वर्ण हैं या दलित यह आप तय करना चाहें तो करें, मेरे लिए ये मुसलमान भी होते तो उतना ही दुखद था, एक बेजुबान जानवर के साथ भी इंसानियत दिखाना एक इंसान का फर्ज होता है। बहरहाल ये चंद अमानवीयताएं हैं जो मुझ आप तक पहुंच जा रही है, ऐसे अनेकों वारदात रोज कई हो रहे होंगे।
तत्कालीन बांग्लादेश सरकार के कई ऐसे फैसले जिनमें बांग्लादेश क्रिकेट टीम का T20 के लिए भारत नहीं आना, IPL के प्रसारण पर बांग्लादेश में रोक, और BCCI के द्वारा IPL के KKR टिम से मुजीबुर रहमान को बाहर निकालना बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं के लिए और भी हिंसा बढ़ाने जैसा फैसला है। ऐसे में मैं आपसे यही निवेदन करूंगा कि आप बांग्लादेश का झंडा जला कर या सड़क पर फैला के अपमान कर, बांग्लादेश के खिलाफ अपनी गलत बयानबाजी से, अथवा भारतीय मुस्लिमों के साथ दुर्व्यवहार कर बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं पर होने वाले हिंसक अपराध को बढ़ावा नहीं दें।
आइए हम सभी ईश्वर से बांग्लादेश और पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की रोकथाम और उनके बेहतर जीवनयापन हेतु प्रार्थना करें।🙏💐🕉️
जय हिंद - जय भारत।🇮🇳👍
#हिंदू
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