17/06/2026
खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम – द्वितीय सप्ताह, जून 2026
दिनांक: 07 जून 2026
स्थान: ग्राम तिसिऔता, प्रखंड पातेपुर, जिला वैशाली, बिहार
केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (CIPMC), पटना द्वारा प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO), ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर (BTM), सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM) श्रीमती छवि छाया एवं किसान सलाहकार, पातेपुर (वैशाली) के सहयोग से दिनांक 07 जून 2026 को ग्राम तिसिऔता, प्रखंड पातेपुर, जिला वैशाली में “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम मुखिया, प्रगतिशील कृषकों तथा क्षेत्र के अनेक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM), पातेपुर श्रीमती छवि छाया द्वारा सभी उपस्थित किसानों एवं अधिकारियों के स्वागत के साथ किया गया। उन्होंने पंचायत भवन में उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा उपस्थित अधिकारियों का परिचय कराया।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) श्री संजय सिंह ने सतत कृषि के लिए मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, मृदा परीक्षण की आवश्यकता एवं प्रक्रिया तथा कीटनाशकों का केवल आवश्यकता पड़ने पर एवं अनुशंसित मात्रा में प्रयोग करने के संबंध में किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
पौध संरक्षण अधिकारी (PPO) एवं टीम लीडर, CIPMC पटना श्री विवेक कांत गुप्ता ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर बल देते हुए किसानों को एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (IPM) तकनीक से अवगत कराया। उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल पौध संरक्षण उपायों के अंतर्गत ट्राइकोडर्मा, स्यूडोमोनास, कीट-रोगजनक जैव-एजेंट, फेरोमोन ट्रैप, विभिन्न प्रकार के स्टिकी ट्रैप, वानस्पतिक अर्कों तथा प्राकृतिक शत्रुओं के संरक्षण की भूमिका एवं उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
सहायक पौध संरक्षण अधिकारी (APPO), CIPMC पटना श्री सज्जाद सैयद अहसन ने मृदा स्वास्थ्य सुधार हेतु जैविक खाद, गोबर की खाद एवं एजोला के उपयोग पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को ट्राइकोडर्मा द्वारा बीजोपचार का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। साथ ही फेरोमोन ट्रैप, प्रकाश प्रपंच (Light Trap), ल्यूर ट्रैप, पीला स्टिकी ट्रैप (Yellow Sticky Trap) एवं नीला स्टिकी ट्रैप (Blue Sticky Trap) के महत्व, उपयोग एवं स्थापना विधि की जानकारी देते हुए पर्यावरण-अनुकूल नाशीजीव प्रबंधन में उनकी उपयोगिता को समझाया।
सहायक पौध संरक्षण अधिकारी (APPO), CIPMC पटना श्री मोहन कुमार ने कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर जानकारी दी। उन्होंने कीटनाशकों के सुरक्षित संचालन तथा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के सही उपयोग का प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों को केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (CIB&RC) द्वारा अनुशंसित एवं पंजीकृत कीटनाशकों का ही प्रयोग करने तथा लेबल दावों (Label Claims) के अनुसार उनका उपयोग करने की सलाह दी।
तकनीकी सहायक (TA), CIPMC पटना श्री अंकित कुमार ने राष्ट्रीय नाशीजीव निगरानी प्रणाली (NPSS App) के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने किसानों एवं कृषि कर्मियों को ऐप की विभिन्न विशेषताओं, संचालन प्रक्रिया तथा फसलों में नाशीजीवों की निगरानी, डेटा संकलन एवं समयबद्ध प्रबंधन निर्णयों में इसकी उपयोगिता से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने NPSS App के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए बताया कि यह प्रणाली नाशीजीव प्रबंधन को अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनाने में सहायक है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी किसानों ने “खेत बचाओ अभियान” की शपथ ग्रहण की तथा सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया।