19/09/2025
बोधगया विधानसभा क्षेत्र में राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के दो प्रभावशाली नेताओं — पूर्व विधायक अजय पासवान और वर्तमान विधायक कुमार सर्वजीत — अपनी-अपनी राजनीतिक पकड़ और जनसमर्थन का प्रदर्शन कर रहे हैं। डुमरीचट्टी और पुरनीबथान गांवों में दोनों नेताओं द्वारा किए जा रहे कार्यक्रम दरअसल एक तरह से शक्ति प्रदर्शन (show of strength) का माध्यम हैं।
इस स्थिति के कुछ प्रमुख पहलू:
1. भीड़ का आंकलन:
यह देखना दिलचस्प होगा कि किसके कार्यक्रम में ज्यादा भीड़ जुटती है। बिहार की राजनीति में जनसभा की भीड़ अक्सर यह संकेत देती है कि जनता का रुझान किस ओर है।
2. भीतरघात या शक्ति संतुलन?
दोनों नेता राजद से हैं, ऐसे में यह घटनाक्रम पार्टी के अंदर किसी गुटबाज़ी या आंतरिक प्रतिस्पर्धा की ओर भी इशारा करता है।
3. 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी:
यह संभावना है कि दोनों नेता अगला टिकट पाने की होड़ में हैं। पार्टी हाईकमान पर प्रभाव डालने के लिए ज़मीनी समर्थन का प्रदर्शन जरूरी हो जाता है।
4. स्थानीय समीकरण:
बोधगया एक मिश्रित जनसंख्या वाला क्षेत्र है। भीड़ सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि जातीय और सामाजिक समीकरणों का भी संकेत देती है।
आगे क्या हो सकता है?
यदि अजय पासवान बड़ी भीड़ जुटाते हैं, तो उन्हें दोबारा टिकट के लिए पार्टी पर दबाव बनाने का मौका मिलेगा।
अगर कुमार सर्वजीत अपना दमखम दिखाने में सफल रहते हैं, तो वे अपने कार्यकाल की लोकप्रियता को भुनाकर पुनः उम्मीदवार बन सकते हैं।
पार्टी को अंततः तय करना होगा कि किसके साथ जमीनी समर्थन और संभावनाएं ज्यादा हैं।
#बिहारविधानसभा Team SSR Sachin Singh Rajput
R.J.D - राष्ट्रीय जनता दल