10/10/2018
#पटनाकेप्रेम - पार्ट 3
#खुशबु... वाह क्या प्यारा नाम है।
अब हमको बुझा गया था कि हमको अब... फिजिक्स, केमेस्ट्री आ मैथ पकड़ में नहीं आने वाला.. हमरा नाव... प्यार, इश्क आ मुहब्बत के बरमूडा ट्रेंगिल में फस चुका है। पटना में माई-बाबू पढ़े के लिए भेजे थे अऊर हम ईहा मोहतरमा के चक्कर में डिलीवरी बॉय बन के घुम रहे थे।
"हाँ बोलिए, क्या काम है???"
वाह क्या मिश्री जईसन मीठ आवाज़ है मोहतरमा का... सुन के तऽ, दिल गार्डन-गार्डन हो गया।
तभी हम हकलाते हुए बोले... "महतो जी का घर यही है??"
ऊ आपन कोयल जईसन आवाज़ में बोली... "नहीं, यहा तो आस-पास कोई महतो नाम का आदमी नहीं रहते।"
हम तऽ उनका से बतियाए के बहाना खोजिये रहे थे,,, तऽ हम भी बात को थोड़ा लम्बा खीचते हुए पूछे... "ये एड्रेस देखियेगा, यही एरिया का है ना?"
एड्रेस हमरा पार्शल बॉक्स पर लिखल था,,, एहि चलते उ पार्सल बॉक्स पर एड्रेस पढ़े के लेल हमरा तरफ झुकबे की थी कि... हम उनका जुल्फ के खुशबु सूंघ के मंत्र मुग्ध हो गए।
डव शैम्पू लगायी थी मोहतरमा... काफी अमीरों वाला रुतवा है। ऊ समय में डव कंपनी का प्रोडक्ट सिर्फ़ अमीरे लोग सब खरीदता था। हमरा गांव में तऽ अभीयो नयीकी भऊजी लोग आठ-अना वाला क्लिनिक प्लस अऊर चिक शौम्पू से काम चलाती थी। दादी अऊर बडकीया (ताई जी) सब तऽ पियरी माटीये से मुड़ी धोती थी। डव-सव तऽ कऊनो सुनवो नहीं किया होगा। ऊ समय हमारा गांव में टीवी नहीं ना था। पूरा गाँव में एक्के ठो टीवीये था... कल्लू चच्चा के पास। बंम्बे से कीन के लाये थे पीछले साल। वही टीवीयवा मे पूरा गाँव वाला सब मंगर के दिन "जय हनुमान" देखता था। रात के 9 बजे कलक्टर भईया कही न कही से 12 वोल्ट के बैटरी का इंतज़ाम करिये देते थे।
अच्छा, ऊ सब छोड़िए... हम भी बतियाते बतियाते गांव में घुस गए।
आगे सुनिए, फेर क्या हुआ... हमारा और मोहतरमा के बीच।
एड्रेस पढ़ने के बाद उ बोली... "ये एड्रेस तो इसी एरिया का है, लेकिन इस बिल्डिंग का नहीं है। शायद आप दूसरी गली में आ गए हैं।"
हम भी पूरा हीरो वाला स्टाइल में बोले... "ठीक है, थैक-यू"
जईसे ही ऊ केवाड़ी बंद करने वाली थी... अचानक से हमरा मुह से बोलाई हो गया.. "एक्सक्यूज मी"
"येस, बोलिए" .. वो अपने कोयल जैसी आवाज़ में बोली।
"एक गिलास पानी मिलेगा???"... हम उनकी आंखों में देखते हुए बोले।
"जी हाँ, ज़रूर मिलेगा,,, एक मिनट रुकिए... लेकर आती हू"... मुस्कुराते हुए घर के अंदर चली गई... :)
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श्रवण कुमार साहनी