16/03/2026
दिनांक 21.02.2026 को जी.एन.एम. स्कूल, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रथम वर्ष की जी.एन.एम. प्रशिक्षु छात्राओं ने अपने कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग पाठ्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक दौरे का उद्देश्य छात्राओं को आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की मूल अवधारणाओं, सिद्धांतों और व्यवहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान संस्थान के विभिन्न विशेषज्ञ अनुसंधान अधिकारियों ने छात्राओं को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान की—
🔹 आयुर्वेद का परिचय
डॉ. रोहित कुमार रावते, प्रभारी अनुसंधान अधिकारी ने आयुर्वेद की उत्पत्ति, इतिहास, उसके प्रमुख घटकों तथा आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
🔹 आयुर्वेद के मौलिक सिद्धांत
डॉ. बालाजी पोटभरे, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने त्रिदोष सिद्धांत, पंचमहाभूत सिद्धांत तथा शरीर-मन-इन्द्रिय के आपसी संबंध जैसे मूलभूत सिद्धांतों की सरल एवं व्यवहारिक व्याख्या प्रस्तुत की।
🔹 आयुर्वेदीय चिकित्सा शैली
डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने आयुर्वेदिक रोग-निदान पद्धति, उपचार के प्रकार, औषधि निर्माण विधि तथा रोगी-केंद्रित चिकित्सा पद्धति के बारे में छात्राओं को जागरूक किया।
🔹 आयुर्वेद में स्वस्थवृत्त
डॉ. कुमारी अर्चना, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार और स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक नियमों की जानकारी दी, जिससे छात्राएं स्वास्थ्य संवर्धन की वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकें।
🔹 पंचकर्म चिकित्सा
डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयु.) ने पंचकर्म की अवधारणा, उसके प्रकार, उपयोगिता एवं विभिन्न रोगों में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण से छात्राओं को आयुर्वेद के सिद्धांतों, चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के आयामों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो उनके नर्सिंग प्रशिक्षण में एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में जुड़ गया।