06/08/2026
संस्थान अनुसंधान परिषद की तीन दिवसीय बैठक का शुभारंभ
आईसीएआर-आरसीईआर, पटना में 5–7 अगस्त 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय संस्थान अनुसंधान परिषद (IRC) की बैठक का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास की अध्यक्षता में हुआ। बैठक का उद्देश्य संस्थान में संचालित अनुसंधान परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, नई अनुसंधान परियोजनाओं का मूल्यांकन तथा पूर्वी भारत के लिए आगामी पाँच वर्षों की अनुसंधान प्राथमिकताओं का निर्धारण करना है।
बैठक के उद्घाटन सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए डॉ. राकेश कुमार, सहायक महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), आईसीएआर ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप बहु-विषयक एवं सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करने पर बल दिया, ताकि जलवायु-सहिष्णु, किसान-केंद्रित एवं प्रभावशाली कृषि प्रौद्योगिकियों का विकास किया जा सके।
इस अवसर पर डॉ. बिकास दास, निदेशक, आईसीएआर-एनआरसी लीची, मुजफ्फरपुर, डॉ. पी. के. मिश्रा, निदेशक, बामेती, पटना, डॉ. राघवेंद्र सिंह, एमजीआईएफआरआई, मोतिहारी तथा डॉ. अर्नब सेन, प्रभारी, आईवीआरआई, कोलकाता केंद्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और अनुसंधान परियोजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ वृक्षारोपण से हुआ, जो पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उद्घाटन सत्र में गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी प्रसार को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
बैठक में 100 से अधिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारी भाग ले रहे हैं। विभिन्न तकनीकी सत्रों में बागवानी फसलों का आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन एवं उन्नत उत्पादन तकनीक, पुनर्योजी एवं एकीकृत कृषि प्रणाली, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पशुधन एवं मत्स्य उत्पादन प्रणाली तथा सामाजिक-आर्थिक, प्रसार एवं नीति अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। वैज्ञानिक अपनी वर्तमान उपलब्धियों के साथ-साथ नई अनुसंधान परियोजनाओं को प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे आने वाले वर्षों में पूर्वी भारत की कृषि को नई दिशा मिल सके।