28/09/2025
🔥 “10 हज़ार की रिश्वत या स्थायी रोज़गार?” 🔥
बिहार की एनडीए सरकार जनता के टैक्स के पैसों से सिर्फ़ वोट बैंक खरीदने की राजनीति कर रही है।
👉 75 लाख महिलाओं को ₹10,000 बाँटने का एलान –
ये कोई कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि चुनावी रिश्वत है।
सवाल ये है कि जब ये पैसे ख़त्म हो जाएंगे, तब महिलाओं को क्या मिलेगा?
❌ न रोज़गार
❌ न उद्योग
❌ न स्थायी आय
अगर यही ₹75 हज़ार करोड़ फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग यूनिटों पर खर्च होते –
✅ लाखों युवाओं को रोज़गार मिलता
✅ किसानों की आमदनी दोगुनी होती
✅ बिहार उद्योग और शिक्षा में आगे बढ़ता
लेकिन सच्चाई यह है कि नीतीश कुमार ने 20 सालों में बिहार को सिर्फ़ ठगने और बाँटने की राजनीति दी है।
आज हालात ऐसे हैं कि सरकार को जनता से ताली और वोट खरीदने के लिए नकद बाँटना पड़ रहा है।
🚩 कांग्रेस का साफ़ कहना है –
बिहार को फ्री का झुनझुना नहीं, बल्कि स्थायी रोज़गार और उद्योग चाहिए।
अब जनता को तय करना है कि:
👉 10 हज़ार पर ताली बजाएँगे
या
👉 आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बनाएँगे।
🖊️ राकेश झा
जिला प्रवक्ता, कांग्रेस पार्टी
धमदाहा विधानसभा प्रत्याशी