AIIMS Raebareli

AIIMS Raebareli AIIMS Raebareli is one of the Medical Institute, established under PMSSY initiative.

To mark World No To***co Day (May 31), the Department of Community Medicine and Public Health at the All India Institute...
01/06/2026

To mark World No To***co Day (May 31), the Department of Community Medicine and Public Health at the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), Raebareli, organized a public awareness walkathon on May 30, 2026, at 8:00 AM at the Degree College Crossing in the Raebareli area. During the event, people were sensitized to the adverse effects of to***co and ni****ne addiction, and a message advocating for a to***co-free society was conveyed.

The walkathon was flagged off by the Executive Director of AIIMS Raebareli, Prof. Dr. Amita Jain. On this occasion, she urged the youth and the general public to stay away from to***co and ni****ne addiction, placing special emphasis on the need for firm resolve, sustained effort, and the adoption of a healthy lifestyle to quit to***co.

Representing the District Administration, the City Magistrate attended the event as the Chief Guest. Faculty members, resident doctors, nursing officers, departmental staff, employees, students, and members of the general public from AIIMS Raebareli participated enthusiastically in the walkathon.

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एम्स रायबरेली द्वारा जनजागरूकता वॉकाथॉन आयोजित

विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा दिनांक 30 मई 2026 को प्रातः 8 बजे डिग्री कॉलेज चौराहा, रायबरेली क्षेत्र में जनजागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तंबाकू एवं निकोटीन की लत के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया तथा तंबाकू मुक्त समाज का संदेश दिया गया।

वॉकाथॉन का शुभारंभ एम्स रायबरेली की कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं एवं आमजन को तंबाकू एवं निकोटीन की लत से दूर रहने का संदेश दिया तथा तंबाकू त्याग हेतु दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट महोदय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वॉकाथॉन में एम्स रायबरेली के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, विभागीय स्टाफ, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

एम्स रायबरेली में चल रहे समर कैंप का समापन एम्स रायबरेली में 18 मई से 27 मई तक चल रहा समर कैंप सफलता पूर्वक संपन्न हो चु...
28/05/2026

एम्स रायबरेली में चल रहे समर कैंप का समापन

एम्स रायबरेली में 18 मई से 27 मई तक चल रहा समर कैंप सफलता पूर्वक संपन्न हो चुका है। डॉ सुनीता सिंह की अध्यक्षता में क्रेच समिति द्वारा आयोजित समर कैंप समापन समारोह में छोटे बच्चों हेतु एक रंगारंग एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक डॉ अमिता जैन, उप निदेशक प्रशासन कर्नल अखिलेश सिंह एवं वित्तीय सलाहकार कर्नल यू एन राय की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा साइंस एग्जीबिशन प्रस्तुत की गई, जिसमें जल घनत्व (Water Density), हल्दी एवं डिटर्जेंट मिलाने पर रंग परिवर्तन जैसे रोचक वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। बच्चों ने इन प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को सरल एवं आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया।

इसके अतिरिक्त फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने कैप्टन अमेरिका, काशी बाई, माता सीता आदि विभिन्न आकर्षक वेशभूषाओं में भाग लेकर सभी का मन मोह लिया। कुछ बच्चों ने वॉइस मिमिक्री प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अभिभावकों द्वारा खूब सराहा गया।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समर कैंप के इस आयोजन ने बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Conclusion of the Summer Camp at AIIMS Raebareli

The summer camp held at AIIMS Raebareli from May 18 to May 27 has successfully concluded. During the closing ceremony—organized by the Crèche Committee under the chairpersonship of Dr. Sunita Singh—a vibrant and educational program was presented for the young children. The event was graced by the distinguished presence of Executive Director Dr. Amita Jain, Deputy Director (Administration) Colonel Akhilesh Singh, and Financial Advisor Colonel U.N. Rai.

Children presented a science exhibition featuring demonstrations of fascinating scientific experiments, such as water density and the color change observed when mixing turmeric with detergent. A fancy dress competition was organized, in which the children captivated the audience by participating in various attractive costumes, portraying characters such as Captain America, Kashibai, and Mata Sita. Some children showcased their exceptional talent through voice mimicry performances, which were highly appreciated by all the officials and parents present at the event.
Prizes were distributed to the children who delivered outstanding performances.

Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

On the occasion of World Thyroid Day, an awareness program was organized at the Department of Pediatrics, AIIMS Raebarel...
25/05/2026

On the occasion of World Thyroid Day, an awareness program was organized at the Department of Pediatrics, AIIMS Raebareli on 25th May 2026 to promote the theme of “Universal Newborn Screening of Congenital Hypothyroidism.” An awareness skit and poster competition were conducted in the OPD complex, witnessing enthusiastic participation from patients, attendants, and medical students. Through the awareness skit, the general public was educated about the disease in a simple, engaging, and informative manner.

The program was organized by Dr. Namita Mishra, Additional Professor, Department of Pediatrics, and in charge of Pediatric Endocrinology. Addressing the mothers present at the event, she provided detailed information regarding the symptoms, screening, and treatment of Congenital Hypothyroidism. She emphasized that early screening for thyroid-related disorders in newborns can help prevent serious complications.
Additional Medical Superintendent Dr. Niraj Shrivastava graced the occasion as the Chief Guest and motivated the parents to ensure regular health check-ups and seek timely medical consultation for their children. He distributed certificates to the winners of the poster-making and quiz competitions and expressed appreciation to them.
Dr. Ananya, Head of the Department of ENT, informed patients about thyroid-related disorders and the surgical treatment options available for such conditions.
Dr. Mrityunjay Kumar, Head of the Department of Pediatrics, praised the entire organizing team for their efforts.
Dr. Amita Jain, Executive Director of the institute, appreciated the initiative and highlighted that timely diagnosis and treatment of Congenital Hypothyroidism are crucial for the physical and mental development of children. She stated that such awareness programmes play an important role in disseminating accurate health information within society.

AIIMS Raebareli में विश्व थायरॉयड दिवस के अवसर पर जनजागरूकता हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, विशेषकर माताओं में जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म (Congenital Hypothyroidism) के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अवसर पर अस्पताल के ओपीडी परिसर में जागरूकता स्किट एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों, अभिभावकों एवं चिकित्सा छात्रों ने सहभागिता की।

यह कार्यक्रम बाल रोग विभाग की Additional प्रोफेसर और बाल चिकित्सा एंडोक्राइनोलॉजी प्रभारी डॉ. नमिता मिश्रा द्वारा आयोजित किया गया। Dr.नमिता ने माताओं को संबोधित करते हुए जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म के लक्षण, जांच एवं उपचार के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवजात शिशुओं में थायरॉयड संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक जांच से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने थायरॉयड रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान एवं उपचार पर आधारित आकर्षक पोस्टर प्रस्तुत किए।
अस्पताल के Additonal Medical Superintendent डॉ. नीरज श्रीवास्तव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. Dr. नीरज ने आम जनता को थायराइड से जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया और अभिभावकों को नियमित स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बाल रोग विभाग को इस कार्यक्रम के लिए बधाई दी। पोस्टर and प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार भी वितरित किए।

इस मौके पर ईएनटी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनन्या भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने मरीजों को थायरॉइड से संबंधित सर्जरी के बारे में जानकारी दी।

MBBS students ने जागरूकता स्किट के माध्यम से आमजन को सरल भाषा में बीमारी के प्रति जागरूक किया गया।

बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार ने सभी रेजिडेंट्स, स्टाफ और फैकल्टी की सरहना की।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक Dr. Amita Jain ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म की समय पर पहचान एवं उपचार बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनस्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया।

Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

एम्स, रायबरेली में बच्चों हेतु ग्रीष्मकालीन कैंप का शुभारंभ एवं नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्राओं हेतु एक नवीन छात्रावास क...
20/05/2026

एम्स, रायबरेली में बच्चों हेतु ग्रीष्मकालीन कैंप का शुभारंभ एवं नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्राओं हेतु एक नवीन छात्रावास के निर्माण कार्य का भूमि पूजन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में एम्स कर्मचारियों के बच्चों हेतु 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कैंप (Summer Camp) का शुभारंभ संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. अमिता जैन द्वारा किया गया। यह कैंप दिनांक 18 मई से प्रारंभ होकर 27 मई तक चलाया जाएगा। इस कैंप की पहल एम्स रायबरेली की क्रेच समिति द्वारा बालरोग शल्यचिकित्सा विभागाध्यक्षा प्रो. सुनीता सिंह के मार्गदर्शन में की गई है। कैंप के सफल संचालन हेतु लिटिल राइडर्स प्ले स्कूल की टीम संस्थान की क्रेच समिति के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों के लिए रचनात्मक, रोचक एवं यादगार अनुभव सुनिश्चित करने में सहयोग कर रही है।उद्घाटन अवसर पर कार्यकारी निदेशक प्रो. अमिता जैन, उपनिदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह तथा वित्तीय सलाहकार कर्नल उपेंद्र नाथ राय द्वारा बच्चों को मिठाई वितरित कर कार्यक्रम का उत्साहवर्धन किया गया।
कैंप में बच्चों के लिए विज्ञान प्रयोग, ड्राइंग, STEAM गतिविधियाँ, क्राफ्ट सेशन, पॉटरी, पूल पार्टी सहित अनेक रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने, रचनात्मकता विकसित करने तथा समूह में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। कैंप बच्चों के लिए एक आनंददायक एवं शिक्षाप्रद वातावरण प्रदान कर रहा है। संस्थान प्रशासन ने इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

एम्स रायबरेली ने अपने शैक्षणिक एवं आवासीय अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए संस्थान परिसर में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्राओं हेतु नए छात्रावास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया। यह परियोजना एनटीपीसी ऊंच्चाहार द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत लगभग ₹13.99 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। परियोजना का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिशासी अभियंता श्री वाई. पी. सिंह के निर्देशन में कराया जा रहा है।
प्रस्तावित S+7 बालिका छात्रावास में में 65 डबल ऑक्यूपेंसी कमरें होंगे, जिनमें कुल 130 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। हॉस्टल में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमरे, कॉमन कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, इंटरनेट सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
समारोह में एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक, डॉ. अमिता जैन, एनटीपीसी ऊंच्चाहार के प्रोजेक्ट हेड श्री बिस्वा मोहन सिंह, कर्नल अखिलेश सिंह, उप निदेशक (प्रशासन); कर्नल यू. एन. राय, वित्तीय सलाहकार; तथा श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, एएमएस सहित संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि, छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एम्स रायबरेली के इंजीनियरिंग विभाग ने परियोजना की परिकल्पना, योजना, समन्वय एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर श्री हरीश कुमार यादव, अधीक्षण अभियंता; श्री छत्रपाल, अधिशासी अभियंता (सिविल); श्री विशाल सिंह, अधिशासी अभियंता (विद्युत); श्री सूरज कुमार विश्वकर्मा, सहायक अभियंता (सिविल) सहित कनिष्ठ अभियंताओं एवं इंजीनियरिंग विभाग के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, जिनके समर्पित प्रयास एवं सतत निगरानी से संस्थान में विकास कार्यों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ. अमिता जैन ने कहा कि यह गर्ल्स हॉस्टल निर्माण परियोजना संस्थान की शैक्षणिक एवं आवासीय अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संस्थान नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्राओं के लिए सुरक्षित, समावेशी एवं छात्र-केंद्रित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एनटीपीसी ऊंचाहार द्वारा CSR के अंतर्गत प्रदान किए गए सहयोग तथा इंजीनियरिंग सेवा विभाग एवं यूपीएसआईसी लिमिटेड के समर्पित प्रयासों की सराहना की।
Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (17 मई) के उपलक्ष्य में एम्स रायबरेली द्वारा जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम आयोजितविश्व उ...
19/05/2026

विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (17 मई) के उपलक्ष्य में एम्स रायबरेली द्वारा जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम आयोजित
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (17 मई) के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा दिनांक 18 मई 2026 को जहानपुर कोदार पंचायत भवन में विशेष जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भोला नाथ के मार्गदर्शन तथा डॉ. नीरज पवार, फैकल्टी एवं कार्यक्रम के नोडल समन्वयक, के निर्देशन एवं समन्वय में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत एमबीबीएस छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक से हुई, जिसमें उच्च रक्तचाप के जोखिम, नियमित जांच, दवाओं के नियमित सेवन तथा स्वस्थ जीवनशैली एवं DASH डाइट के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के अंतर्गत सीबीएसी (CBAC) फॉर्म का उपयोग करते हुए घर-घर जाकर उच्च रक्तचाप एवं तंबाकू सेवन की स्क्रीनिंग की गई। इस गतिविधि में सीएचओ दीपाली मिश्रा, आशा कार्यकर्ता श्रीमती विनय तथा ग्राम प्रधान श्री मिथेश यादव का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इसके अतिरिक्त 30–75 वर्ष आयु वर्ग के लोगों हेतु विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 40 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जिन व्यक्तियों का रक्तचाप 140/90 mmHg से अधिक पाया गया, उन्हें आवश्यक औषधियां एवं फॉलो-अप परामर्श प्रदान किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. मानस निगम, डॉ. प्रज्ञा वर्मा एवं डॉ. शशांक ममगैन ने भी सेवाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समय पर जांच एवं उपचार को प्रोत्साहित करना था।
Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

AIIMS रायबरेली में पहली बार आयोजित अंतरमहाविद्यालयीय शैक्षणिक उत्सव "ज़ेनिथ" का शुभारंभ अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ किय...
17/05/2026

AIIMS रायबरेली में पहली बार आयोजित अंतरमहाविद्यालयीय शैक्षणिक उत्सव "ज़ेनिथ" का शुभारंभ अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। यह आयोजन विभिन्न संस्थानों के मेडिकल विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता, सहयोग एवं सौहार्द को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
​AIIMS रायबरेली ने आसपास के मेडिकल कॉलेजों को एक मंच पर लाकर शैक्षणिक उन्नयन एवं आपसी समन्वय को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जो 10 से अधिक संस्थानों से आए थे। इनमें AIIMS गोरखपुर, AIIMS पटना, KGMU, RML सहित कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थान शामिल रहे।
​इस कार्यक्रम के अवसर पर AIIMS मेडिकल कॉलेज को भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने पूरे आयोजन की गरिमा और आकर्षण को और अधिक बढ़ा दिया।
​इस आयोजन का संचालन स्टूडेंट काउंसिल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्थान की माननीय कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव, वित्तीय सलाहकार कर्नल उपेंद्र सिंह तथा अन्य सम्मानित संकाय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
​उत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं रचनात्मक विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें क्विज प्रतियोगिता, वाद-विवाद, केस प्रेजेंटेशन, केस डायग्नोसिस एवं रंगोली प्रतियोगिता प्रमुख रहीं।
​इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में चिकित्सकीय कार्यशालाओं (Clinical Workshops) का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को आधुनिक मानव शरीर जैसे सिमुलेशन मॉडल्स के माध्यम से आवश्यक चिकित्सकीय कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन कार्यशालाओं में विभिन्न कॉलेजों से आए लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशालाओं ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव एवं हैंड्स-ऑन लर्निंग का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।
​माननीय कार्यकारी निदेशक के मार्गदर्शन में स्टूडेंट काउंसिल ने इस दो दिवसीय आयोजन का सफलतापूर्वक संचालन किया, जिसका समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। अपने संबोधन में डॉ. अमिता जैन ने "ज़ेनिथ" नाम के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे उपलब्धि एवं उत्कृष्टता के सर्वोच्च शिखर का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर छोटे-छोटे प्रयास करते हुए अपने जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य तक पहुँचने के लिए प्रेरित किया।

Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायबरेली के नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा 12 मई 2026 को “स्ट्रैबिस्मस (भेंगापन): आधुनिक प्...
15/05/2026

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायबरेली के नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा 12 मई 2026 को “स्ट्रैबिस्मस (भेंगापन): आधुनिक प्रबंधन एवं शल्य चिकित्सा” विषय पर एक सफल एवं प्रभावशाली सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भेंगापन के नवीनतम निदान एवं उपचार विधियों पर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देना था।
एम्स रायबरेली का नेत्र विज्ञान विभाग लंबे समय से नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित वर्गों में आंखों की बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्थान निरंतर उन्नत चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता देता रहा है।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. प्रगति गर्ग ने किया, जिनकी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, समर्पण एवं संवेदनशील दृष्टिकोण ने विभाग को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है। डॉ. गर्ग न केवल एक कुशल चिकित्सक हैं, बल्कि एक प्रेरणादायक मार्गदर्शक भी हैं, जिन्होंने विशेष रूप से भेंगापन से ग्रस्त बच्चों में आत्मविश्वास जगाने और उनके जीवन की गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से अनेक बच्चों ने न केवल दृष्टि सुधार पाई है, बल्कि सामाजिक आत्मविश्वास भी प्राप्त किया है। वे अपने जीवन में नई आशा और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ पा रहे हैं।

उनके नेतृत्व में विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा केवल दृष्टि दोष के कारण आत्मग्लानि या सामाजिक संकोच का शिकार न हो। डॉ. गर्ग का यह मानना है कि सही समय पर उपचार और सहानुभूतिपूर्ण देखभाल से न केवल दृष्टि, बल्कि आत्मसम्मान और व्यक्तित्व का भी पुनर्निर्माण संभव है।

कार्यक्रम की संचालक कार्यकारी निदेशिका डॉ. अमिता जैन ने अपने उद्बोधन में भेंगापन के शीघ्र निदान और उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रारंभिक हस्तक्षेप से बच्चों के दृष्टि विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

अतिथि वक्ता डॉ. विनिता सिंह, प्रोफेसर, नेत्र विज्ञान विभाग, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ ने भेंगापन प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया तथा लाइव स्क्विंट सर्जरी का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया।

सीएमई कार्यक्रम में संस्थान के अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें डॉ. नीरज कुमारी, डीन अकादमिक; डॉ. अर्चना वर्मा, डीन रिसर्च; डॉ. नीरज श्रीवास्तव , अपर चिकित्सा अधीक्षक; डॉ. मृतुन्जय कुमार विभागाध्यक्ष (बाल रोग विभाग) तथा डॉ. सुनीता सिंह, विभागाध्यक्ष (बाल शल्य चिकित्सा विभाग) की विशेष उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सभी अतिथियों ने अपने विचारों एवं मार्गदर्शन से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई तथा प्रतिभागियों को अकादमिक एवं शोध गतिविधियों में उत्कृष्टता हेतु प्रेरित किया। यह सीएमई ज्ञानवर्धक चर्चाओं, आपसी सहयोग तथा बाल स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

इस CME में विभिन्न सत्रों के माध्यम से भेंगापन के क्लिनिकल मूल्यांकन, नॉन-सर्जिकल एवं सर्जिकल उपचार विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। देशभर से आए नेत्र रोग विशेषज्ञों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं मेडिकल विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

समापन सत्र में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथि वक्ताओं का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सम्मेलन क्षेत्र में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
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एम्स, रायबरेली ने कई गतिविधियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायबरेली के कॉले...
12/05/2026

एम्स, रायबरेली ने कई गतिविधियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायबरेली के कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग ने 08 मई 2026 से 11 मई 2026 तक आयोजित शैक्षणिक, रचनात्मक और खेल गतिविधियों की एक श्रृंखला के माध्यम से बड़े उत्साह के साथ 'नर्स सप्ताह 2026' मनाया, जिसका समापन 12 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के भव्य समारोह के साथ हुआ। इस सप्ताह भर चलने वाले आयोजन का उद्देश्य नर्सिंग की भावना का जश्न मनाना और "हमारी नर्सें, हमारा भविष्य: सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं" (Our Nurses, Our Future: Empowered Nurses Save Lives) विषय को उजागर करना था।

इस सप्ताह की शुरुआत 08 मई 2026 को 'स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम' के साथ हुई, जिसमें कुपोषण की जांच, दांतों की जांच और स्वास्थ्य शिक्षा शामिल थी। इस सप्ताह के दौरान कई अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें फेस पेंटिंग, बोतल पेंटिंग, समूह नृत्य, रंगोली प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और खेल प्रतियोगिता शामिल थीं।

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का मुख्य समारोह 12 मई 2026 को दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथि के रूप में एम्स, रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने बढ़ाई। इस अवसर पर उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों में नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों के नोडल अधिकारी डॉ. प्रबल जोशी, उप निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू.एन. राय, मेजर अंजना सिंह और कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के प्राचार्य श्री नरेंद्र पाल सिंह चौधरी शामिल थे।

इस कार्यक्रम की शुरूआत परंपरागत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात इस वर्ष के थीम का अनावरण, पुरस्कार वितरण समारोह, छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई।

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने अपने संबोधन में, प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने नर्सों के समर्पण, करुणा और सेवा-भाव की सराहना की, और छात्रों को रोगी की देखभाल में व्यावसायिकता, सहानुभूति और प्रतिबद्धता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नर्सिंग एक महान पेशा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और मानवता की सेवा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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एम्स रायबरेली में अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजनअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायबरेली में कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता...
12/05/2026

एम्स रायबरेली में अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायबरेली में कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में दिनांक 04 मई से 10 मई 2026 तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया। सप्ताह भर चले कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्थान में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करना तथा मरीजों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ 04 मई को डीन (अकादमिक) डॉ. नीरज कुमारी, डीन (अनुसंधान) डॉ. अर्चना वर्मा, डीन (परीक्षा) डॉ. प्रगति गर्ग, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू एन राय, अपर चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अग्नि सुरक्षा शपथ ग्रहण के साथ किया गया। 05 मई को ICU, NICU, PICU एवं ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों पर तकनीकी वेबिनार आयोजित किया गया।
06 एवं 07 मई को अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों, जैसे ICU, OPD, CSSD, ब्लड बैंक, लैब, HVAC प्लांट एवं LT पैनल रूम आदि का आंतरिक अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया गया। इस दौरान विद्युत अग्नि सुरक्षा एवं अस्पताल अग्नि सुरक्षा योजना विषयक तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए। आवासीय परिसर में अग्निशामक यंत्रों के उपयोग का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी कराया गया।
08 मई को मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए फायर सेफ्टी विषय पर क्विज प्रतियोगिता एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही मेडिकल कॉलेज भवन एवं छात्रावास क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा संबंधी अभ्यास एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए।
09 मई को जिला अग्निशमन विभाग के सहयोग से अस्पताल भवन के वार्ड 4C में फायर मॉक ड्रिल एवं रेस्क्यू ऑपरेशन का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रकार की आग पर नियंत्रण एवं आपातकालीन निकासी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान प्रशासन ने कहा कि अग्नि सुरक्षा सप्ताह के माध्यम से कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं आपदा से निपटने की क्षमता में वृद्धि हुई है।
Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

Technical Webinar on Fire Safety Measures1. A Technical Webinar on Electrical Fire Safety for health care facilities was...
08/05/2026

Technical Webinar on Fire Safety Measures
1. A Technical Webinar on Electrical Fire Safety for health care facilities was conducted on 06/05/2026.
Objective: A technical webinar on Electrical Fire Safety for healthcare facilities was successfully conducted to enhance awareness and preparedness. The session focused on identifying common electrical fire hazards in hospitals, including overload, short circuits, and faulty wiring.
Participants & Departments Involved
2. The webinar mandated attendance from four key stakeholders responsible for fire safety in critical areas:
(a) Hospital Administration
(b) Nursing Officers
(c) Security & Fire Staff: Hospital security personnel, fire staff, and supervisors.
(d) Electrical Department: Executive engineers, electrical engineers, and maintenance staff.
(e) HVAC Department : JE HVAC and all supporting staffs.
3. Internal Fire Safety Audit – Critical Areas: A detailed Fire Safety Audit was conducted from 12:00 PM to 01:30 PM in critical areas including OT, ICU, NICU, PICU, Post OP Ward and Emergency Department. The audit included inspection of fire safety equipment, systems, and preparedness in these high-risk zones.
4. A hands-on live demonstration of fire extinguishing techniques was conducted in the open ground. During the demonstration, students were given the opportunity to operate fire extinguishers under the supervision of Fire Fighting Staff and observe the proper handling, discharge, and aiming techniques required to safely control a small fire (PASS METHOD).
Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

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All India Institute Of Medical Sciences (AIIMS) Munshiganj
Raebareli
229405

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