पृष्ठभूमि :- OBC (ओबीसी) अन्य पिछड़ा वर्ग, एक सामूहिक शब्द है जिसका उपयोग भारत सरकार द्वारा उन जातियों को वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है जो शैक्षिक या सामाजिक रूप से वंचित (पिछड़े) हैं। लेकिन यह एक अधूरा सत्य है, देश की सबसे बड़ी राजनीतिक संगठन के रूप में कांग्रेस का यह आंकलन है की देश का ओबीसी वर्ग जनसंख्या घनत्व के मामले में सबसे बड़ा वर्ग होते हुवे भी सामाजिक, शैक्षिक एवम राजनीतिक रूप से भी
वंचित (पिछड़ा) रहा है, तथा अब तक पर्याप्त तरक्की नहीं कर पाया है, इस कारण ओबीसी वर्ग के उत्थान एवम विकाश कराने की देश में आज सबसे ज्यादा जरूरत है । इस प्रकार देश की सबसे बड़ी राजनीतिक संगठन के रूप में कांग्रेस का ऐसा मानना है की जब देश की जनसंख्या का सबसे बड़ा समुदाय सामाजिक, शैक्षिक एवम राजनीतिक रूप से वंचित (पिछड़ा) हो, तो हम किसी भी परिस्थिति में "लोकतंत्र"के मजबूती की परिकल्पना ही नही कर सकते है। कांग्रेस देश में "विधि के शासन","सामान्य न्याय", "लोकतंत्र की मजबूती" तथा सामान्य मानवीय के "प्राकृतिक एवम संविधान द्वारा प्रदत्त गारंटिसुदा अधिकारों की सुनिश्चिता" के लिए साथ की सामान्य मानवीय को सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक तौर पर मजबूती दिलाने हेतु प्रतिबद्ध है।
OBC, सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी और एसटी) के साथ भारत की जनसंख्या के कई आधिकारिक वर्गीकरणों में से एक है। 1980 के मंडल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार ओबीसी में देश की 52% आबादी शामिल थी। समय-समय पर भारत सरकार के द्वारा कई एजेंसियों एवम कमीशनों के माध्यम से ओबीसी समुदाय का देश के भीतर सर्वेक्षण कराया गया जिसमे देश के सामने ओबीसी समुदाय के भिन्न-भिन्न आंकड़े पाए गए किंतु उसके उपरांत भी यह अवधारणा बनी रही है की देशभर में ओबीसी समुदाय की जनसंख्या घनत्व इन आंकड़ों से कहीं अधिक है।
OBC अनुसंगिक संगठन के रूप में कांग्रेस का यह उद्देश्य है की इन समुदायों के उदारीकरण के लिए, इन्हें सामाजिक, शैक्षिक एवम राजनीतिक न्याय दिलाने तथा देश में लोकतंत्र को मजबूती दिलाने के लिए इनके राजनीतिक उदारीकरण का प्रयास किया जाए साथ ही इस बड़े समुदाय के प्रतिनिधिमंडल को देश में राजनीति से जोड़कर इन्हे संसद तक पहुंचाया जाए ताकि भारत सरकार को ओबीसी समुदाय के उत्थान के लिए योजनाओं के निर्माण हेतु वास्तविक आंकड़ों तथा युक्तियुक्त तथ्यों की उपलब्धता हो सके।