30/01/2024
आंध्र ब्राह्मण समाज द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार, 27.01.2024 की शाम संक्रांति मिलन महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्यातिथि श्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं विशिष्ट अतिथि श्री पुरंदर मिश्र, विधायक रायपुर उत्तर व श्री अनुज शर्मा, विधायक धरसीवां मंच पे आसीन थे।
संक्रांति का त्योहार तेलुगु भाषियों का एक प्रमुख त्योहार है जिसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने एवम उत्तरायण होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस पारंपरिक त्योहार में घर की साज सज्जा कर, गृहवधु आंगन पखार कर उसे रंगोली से सजाती है। घर में विभिन्न व्यंजन बनाकर, अपने रिश्ते-नातेदारों से को बुलाकर उन्हें वस्त्र भेंट कर, स्त्रियां हल्दी कुमकुम का आदान प्रदान कर
इस त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाते है ।
आज का आंध्र ब्राह्मण समाज का संक्रांति मिलन शाम 6 बजे से देर रात 11 बजे तक चला जिसमे समाज के 500 से ज्यादा गणमान्य सदस्य उपस्थित थे, यह आयोजन श्री बालाजी विद्या मंदिर, देवेंद्र नगर, रायपुर में आयोजित किया गया।
इसमें मुख्यातिथि तथा विशिष्ट अतिथियों द्वारा समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं का सम्मान किया गया जिन्होंने न केवल शैक्षणिक बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल की , इस अवसर पर अतिथियों ने इन प्रतिभावान बच्चों की मुक्त कंठ से सराहना की व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
आंध्र ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों के हाथो पुरस्कृत किया और समाज के लोगों द्वारा विभिन्न सांकृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसकी शुरुवात बच्चों के फैंसी ड्रेस से लेकर बड़ो द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों तक चली। इन प्रस्तुतियों से सारा वातावरण राममय एवम कृष्णमय हो उठा। इन मनोरंजक प्रस्तुतियों में न केवल उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध हुवे अपितु मुख्यातिथि और विशिष्ट अतिथियों ने भी बहुत सराहा। सभी ने लज्जतदार रात्रिभोज का आनंद उठाया।
आनंद की इस मधुर बेला में समाज के एक्जीक्यूटिव मेंबर्स एवं महिला विंग के सदस्य उपस्थित थे।
समाज के अध्यक्ष *श्री आर मुरली* ने कहा कि आंध्र ब्राह्मण समाज विगत कई वर्षों से विभिन्न कार्यक्रम करते आ रहा है जिसमे प्रमुख रूप से समाज के जरूरतमंदों की सहायता करना , विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय सम्मेलन, मंदिरों में पूजा अर्चना के कार्यक्रमों का आयोजन , शास्त्रीय संगीत एवं शास्त्रीय नृत्य के कलाकारों को मंच प्रदान करना एवम शास्त्रीय गायन व नृत्य की प्रतियोगिताएं करवाना शामिल है।
आंध्र ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है