25/11/2024
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
“आधुनिक तकनीकों से जुड़ रहा है छत्तीसगढ़” – श्रीमती निहारिका बारिक
रायपुर, 25 नवंबर 2024:
राजधानी रायपुर में आज उभरती तकनीकों (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डेक) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों की जानकारी को साझा करना और इनका उपयोग बढ़ाना था।
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती निहारिका बारिक, प्रमुख सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, ने किया। उन्होंने कहा, “तकनीक तेजी से बदल रही है और शासन को इन बदलावों के साथ तालमेल बिठाना बड़ी चुनौती है। छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल अधोसंरचना, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और आईटी उद्योगों के प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है, ताकि राज्य को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाया जा सके।”
छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के सीईओ श्री प्रभात मलिक ने चिप्स की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए स्टेट डेटा सेंटर और सीजी-स्वान (CG-SWAN) परियोजना जैसी पहलें की जा रही हैं। उन्होंने कहा, “निकट भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को बढ़ावा देने और कर्मचारियों की क्षमता विकसित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।”
सी-डेक की वरिष्ठ निदेशक डॉ. पद्मा जोशी ने बताया कि इस कार्यशाला में ब्लॉकचेन, आधार प्रमाणीकरण और अन्य उभरती तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा, “ऐसी कार्यशालाओं से आईटी क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का समाधान होगा और तकनीकी ज्ञान का प्रसार होगा।”
इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. आनंद मलावार, कुलपति, आईएसबीएम यूनिवर्सिटी सुश्री वीणा त्यागी, सी-डेक, मुंबई श्री राजीव श्रीवास्तव, तकनीकी विशेषज्ञ, श्री कुमार बिश्व रंजन, चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल रहे I
इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और छत्तीसगढ़ में डिजिटल विकास को बढ़ावा देना था। सी-डेक द्वारा आयोजित यह कार्यशाला राज्य में आईटी क्षेत्र के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।