31/12/2020
हमारे समाज मे चुनावों के समय विभिन्न समुदायों, जातियों में आपसी तनाव और नकारात्मक प्रतिस्पर्धा देखी जाती है जो समाज के आपसी भाईचारे और तालमेल के लिए सही नही है
हम सभी को समाज की एकता, भाईचारे को भी केंद्र में रखकर पूरी चुनावी प्रक्रिया से गुजरना चाहिए लोकतंत्र समाज की अभिव्यक्ति का माध्यम है ये सिर्फ सत्ता प्राप्ति के बाद भाषण बाजी तक सीमित नही है
बल्कि ये कल्याण कारी समाज के लिए सामूहिक प्रयास है जिसमे हर वयस्क शामिल है
गरीबी, दीनता और शोषण झेल रहे लोगो की मुक्ति का मार्ग है लोकतंत्र
हम भारत के लोग आपस के स्वार्थी हितों को छोड़ कर सर्व समाज की प्रगति , शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को बहस के केंद्र में रखकर आगे बढ़े तो देश भी निःसन्देह आगे बढ़ेगा
पंचायतीराज चुनावो के सभी उम्मीदवारों को हार्दिक शुभकामनाएं
जय हिंद