Sarv Seva Sangh

Sarv Seva Sangh Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Sarv Seva Sangh, Social service, Rajghat.

*89 वां दिन*8 दिसंबर 2024  सत्याग्रह स्थल राजघाट,वाराणसआज सत्याग्रह के 89 वें दिन उपवास पर *नर्मदा बचाओ आंदोलन एवं जन आं...
08/12/2024

*89 वां दिन*
8 दिसंबर 2024
सत्याग्रह स्थल
राजघाट,वाराणस

आज सत्याग्रह के 89 वें दिन उपवास पर *नर्मदा बचाओ आंदोलन एवं जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय की नेत्री मैधा पाटकर* उपवास पर बैठी हैं। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से *मौजूराम सोनबोईर, नंदकुमार साहू, युवराज कुमार साहू एवं उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष राम धीरज* भी उपवास पर बैठे है।

*बुलडोजर न तो कानून है, न कोर्ट है और न संविधान है*

*न्याय, अहिंसा और विकास के लिए हम सत्याग्रह कर रहे हैं*
मेधा पाटकर

सर्व सेवा संघ के राजघाट परिसर को वाराणसी एवं नॉर्दर्न रेलवे द्वारा षडयंत्र पूर्वक कब्जा कर अधिकांश भवनों को ध्वस्त करने के खिलाफ तथा गांधी, विनोबा एवं जयप्रकाश की विरासत के पुनर्निर्माण के लिए विगत 11 सितंबर 2024 से चल रहे 100 दिन के सत्याग्रह में आज सामाजिक आंदोलनो की प्रतिनिधि *मेधा पाटकर* भी शामिल हुई। उन्होंने सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 तक का उपवास रखकर अहिंसा, न्याय और जनमुखी विकास के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया।

सत्याग्रह स्थल पर अपना संदेश देते हुए *मेधा पाटकर* ने कहा कि गांधी जी ने हमें सादगी से रहने का जीवन दर्शन दिया है। गांव में जल,जंगल, जमीन को बचाना है और उससे जो उपज मिले,अपनी आवश्यकताएं पूरी करना है। *यही ग्राम स्वराज है लेकिन आज कंपनियों का राज हो गया है, संसाधनों को बेचने वालों का राज हो गया है*। देश में रोजगार, गरीबी, भुखमरी,शोषण का संकट है। इन समस्याओं को गांधी जी के विचार से मिटाया जा सकता है।इस विचार को लोगों तक पहुंचाने का काम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी काम को करने के लिए वाराणसी के राजघाट में आचार्य विनोबा भावे और ईमानदारी के प्रतीक लाल बहादुर शास्त्री के प्रयास व मंजूरी से सर्व सेवा संघ परिसर की स्थापना हुई। सर्व सेवा संघ ने नॉर्दर्न रेलवे की जमीन मुफ्त में नहीं ली बल्कि उसकी कीमत चुकाई और वैध तरीके से खरीदा। इसके प्रमाण मौजूद है। लेकिन संसाधनों को बेचने वाले लोग *विनोबा भावे, लाल बहादुर शास्त्री, जयप्रकाश नारायण तथा बाबू जगजीवन राम द्वारा धोखाधड़ी कर रेलवे की जमीन हथियाने की बात कह रहे हैं*। यह शर्मनाक है। हम ऐसा सुनकर हैरान हैं। ये क्या कह रहे हैं ? स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण के विभूतियों के बारे में कोई ऐसा कैसे कह सकता है? यह आश्चर्यजनक है।

*मेधा पाटकर* ने कहा कि बरसों से अगर कोई किसी जमीन पर रह रहा है तो वैकल्पिक व्यवस्था के बिना उसे उजाड़ा नहीं जा सकता, उसके घर पर बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता। बुलडोजर कानून नहीं है, न वह कोर्ट है और न ही यह संविधान है। *जो लोग बुलडोजर पर नाज कर रहे हैं,समझ जाइए, वे कानून और संविधान खिलाफ है।* *इसलिए यह सत्याग्रह संविधान बचाने के लिए भी है।* संविधान की हिफाजत करना हमारा कर्तव्य है क्योंकि संविधान भारत के नागरिकों का रक्षा कवच है। गरीब से गरीब आदमी को अधिकार संपन्न बनाता है,सशक्त करता है। इसलिए *यह सत्याग्रह सिर्फ परिसर के पुनर्निर्माण के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए भी है।* हम एक बड़े उद्देश्य के लिए प्रयासरत है। इसमें हर नागरिक का साथ और सहयोग होना चाहिए।

*गांधी विरासत को बचाने के लिए प्रशासनिक दबाव के चलते सर्व सेवा संघ परिषद के सामने से स्थानांतरित होकर शास्त्री घाट में चल रहे सत्याग्रह का *आज 89 वां दिन* है। स्वतंत्रता आंदोलन में विकसित हुए *लोकतांत्रिक भारत की विरासत और शासन की मार्गदर्शिका- संविधान* को बचाने के लिए 11 सितंबर (विनोबा जयंती) से सर्व सेवा संघ के आह्वान पर *"न्याय के दीप जलाएं -100 दिनी सत्याग्रह* जारी है जो *19 दिसंबर 2024* को संपन्न होगा। सत्याग्रह आज *सर्व धर्म प्रार्थना एवं गीता पाठ* के साथ अपने 89 वें पायदान पर पहुंच गया है।

आज सत्याग्रह में उपवासकर्ता *मेधा पाटकर,राम धीरज, मौजूराम सोनबोईर, युवराज कुमार साहू, नंद कुमार साहू* के अलावा सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष *चंदन पाल*, वरिष्ठ गांधीवादी विद्याधर ,लोक समिति के प्रमुख नंदलाल मास्टर, एडवोकेट हाशमी, तनुजा मिश्रा, प्रकाशन समिति के संयोजक अशोक भारत,चेखुर प्रसाद प्रजापति,समाज सेविका सिस्टर फ्लोरीन, संध्या सिंह, आरती गिरी मीनू सिंह मीरा मौर्या,महिला चेतना समिति की पूनम,तारकेश्वर सिंह, छत्तीसगढ़ ईश्वर प्रसाद देशमुख,पन्नालाल कैलाशी,देवीप्रसाद साहु,जगतूराम पटेल, श्रवण कुमार मौर्य, अरुण कुमार, जाहिद नूर आदि शामिल रहे।

*जागृति राही, नंदलाल मास्टर*
सत्याग्रह प्रभारी

*राम धीरज*
सर्व सेवा संघ

*88 वां दिन*7 दिसंबर 2024  सत्याग्रह स्थल राजघाट, वाराणसी *अन्याय के विरुद्ध न्याय के लिए है हमारा सत्याग्रह* चंदन पालसर...
07/12/2024

*88 वां दिन*
7 दिसंबर 2024
सत्याग्रह स्थल
राजघाट, वाराणसी

*अन्याय के विरुद्ध न्याय के लिए है हमारा सत्याग्रह*
चंदन पाल

सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल ने कहा कि *हमारा सत्याग्रह किसी व्यक्तित के विरुद्ध नहीं बल्कि अन्याय के विरुद्ध न्याय के लिए है*। सर्व सेवा संघ परिसर को अन्यायपूर्ण तरीके से कब्जाकर ध्वस्त किया गया। उन्होंने कहा कि *कल जिस तरह राजघाट परिसर के सामने 87 दिन से लगातार चल रहे शांतिपूर्ण सत्याग्रह को रोका गया, सत्याग्रहियों को हिरासत में लिया गया तथा उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष रामधीरज, सर्व सेवा संघ के पूर्व प्रबंधक ट्रस्टी अशोक शरण, लोक समिति के प्रमुख नंदलाल मास्टर तथा गांधीवादी जोखन सिंह यादव को थाने में रोक कर रखा गया, वह अत्यंत दुखद है*।
एक आजाद मुल्क में संविधान द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुनिश्चित किए जाने के बावजूद प्रशासन ने दमनकारी कदम उठाया है। फिर भी हमारा विश्वास सत्याग्रह मे ही है। हम उसी रास्ते पर चलते रहेंगे।

*इसलिए राह संघर्ष की हम चुने*
*जिंदगी आंसुओं से नहाई न हो*
अशोक भारत

जीवन की सार्थकता की खोज में *अशोक भारत* प्रेमचंद के माध्यम से गांधी के पास पहुंचे । बचपन में प्रेमचंद के बयान *'बिगाड़ के डर से ईमान की बात नहीं कहोगे*' ने इन्हें प्रभावित किया और धीरे-धीरे गांधी मार्गी हो गये। इस क्रम में *बाबा आमटे द्वारा आयोजित भारत जोड़ो अभियान (1988-89) में ईटानगर से ओखा, गुजरात तक लगभग 6 महीने की 10, 000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा में शामिल रहे*। जिससे इनके जीवन एवं सोच में बुनियादी परिवर्तन हुआ। इसके बाद वे कई साइकिल, वाहन एवं पदयात्राओं का आयोजक एवं हिस्सा रहे हैं । इनका भारत जन आंदोलन, आजादी बचाओ आंदोलन, गंगा मुक्ति आंदोलन, नदी बचाओ जीवन बचाओ आंदोलन, हिमालय बचाओ आंदोलन आदि आंदोलनों से जुड़ाव रहा है।
भारत का कहना है- *आज जो कुछ भी हूं उनमें गांधी जैसे लोगों का बहुत बड़ा योगदान है*। ये वर्तमान में बाबा आमटे एकता अभियान ट्रस्ट, गीताई मिशन, राष्ट्रीय युवा योजना , शांति सेना , निवेदिता निलयम युवा केंद्र, युवा संवाद अभियान, युवा परिवार, भारत परिवार, सर्व सेवा संघ आदि और संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
'इसलिए राह संघर्ष की चुने, जिंदगी आंसुओं से नहाई न हो' यह इन्हें प्रेरणा देता है, सामाजिक काम करने की।

आज *उपवास पर बैठे अशोक भारत* का कहना है कि सरकार एवं वाराणसी प्रशासन द्वारा सर्व सेवा संघ परिसर, राजघाट का गैर-कानूनी बेदखली एवं ध्वस्तीकरण के खिलाफ न्याय और सत्य की स्थापना के लिए सत्याग्रह में शामिल हूं । *हमारा मार्ग सत्य का, न्याय का मार्ग है। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। हमें पूरा विश्वास है ,अंततः सत्य की जीत होगी*। सरकार एवं वाराणसी प्रशासन की साजिश विफल होगी । राजघाट पर हमला गांधी पर हमला, गांधी विचार पर हमला है । गांधी को कोई खत्म नहीं कर सकता । गांधी दुनिया की उम्मीद, भविष्य की आशा हैं। *गांधी ने मानव मुक्ति का जो पैगाम दिया है, इसे सुनकर हर काल में बंदी मानवता न सिर्फ मुक्ति के लिए संघर्ष करेगी बल्कि जीत कर मुक्त भी होगी*।

*गांधी विरासत को बचाने के* लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह का *आज 88 वां दिन* है।

आज सत्याग्रह में उपवासकर्त *सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल, प्रकाशन समिति के संयोजक अशोक भारत, उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष रामधीरज, छत्तीसगढ़ सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष दीनदयाल चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता सिराज अहमद एवं ईश्वर प्रसाद देशमुख* के अलावा वरिष्ठ गांधीवादी विद्याधर, लोक समिति के प्रमुख नंदलाल मास्टर, सुधीर सिंह, प्रमोद सिंह, महिला चेतना समिति की रंजू सिंह, पूनम, समाज सेविका सिस्टर फ्लोरिन, रागिनी, विनोद जायसवाल, वल्लभ, फादर आनंद, संजीव सिंह, विनय राय मुन्ना आदि शामिल रहे।

*जागृति राही, नंदलाल मास्टर*
सत्याग्रह प्रभारी

*राम धीरज*
सर्व सेवा संघ

*87 वां दिन*6 दिसंबर 2024  सत्याग्रह स्थल राजघाट,वाराणस*जिस बात का अंदेशा था, आज वह हो गया**प्रशासन के द्वारा सत्याग्रह ...
06/12/2024

*87 वां दिन*
6 दिसंबर 2024
सत्याग्रह स्थल
राजघाट,वाराणस

*जिस बात का अंदेशा था, आज वह हो गया*

*प्रशासन के द्वारा सत्याग्रह को रोका गया*

*राम धीरज, नंदलाल मास्टर अशोक शरण और जोखन सिंह यादव गिरफ्तार*


*फिर से बनारस के कमिश्नर द्वारा संविधान और कानून के राज की धज्जियां उड़ाई गई*

फिर से एक बार सर्व सेवा संघ परिसर के सामने विगत 87 दिनों से चल रहे शांतिपूर्ण सत्याग्रह को *प्रशासन के द्वारा रोक कर राम धीरज,नंदलाल मास्टर, अशोक शरण और जोखन सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया गया*। *प्रशासन की यह कार्यवाही संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला* है। यह उसी हमले की कड़ी है जो पिछले वर्ष 22 जुलाई 2023 को सर्व सेवा संघ के परिसर को स्थानीय प्रशासन के कुचक्र में शामिल होकर नॉर्दर्न रेलवे ने कब्जा किया और बाद में 12 अगस्त 2023 को इसके अधिकांश भवनों को ध्वस्त कर दिया था। हम यहां यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वाराणसी प्रशासन के *चंद अधिकारी ही ऐसे हैं जो लगातार बनारस की जनता के कष्ट के कारण बने हुए हैं और कानून की धज्जयां उड़ा रहे हैं*।

आला अधिकारियों के निर्देश पर आदमपुर पुलिस लगभग 12:00 बजे सत्याग्रह स्थल पर पहुंची और सत्याग्रह खत्म करने को कहा। बैनर आदि को हटा दिया गया। ज्ञात हो कि विनोबा जयंती 11 सितंबर 2024 को सत्याग्रह का स्थान ओल्ड जीटी रोड पर परिसर का मेन गेट निर्धारित था। लेकिन पुलिस के आग्रह पर सत्याग्रह स्थल को मुख्य सड़क से हटाकर बसंत कॉलेज वाली सड़क पर ले आया गया। विगत 86 दिनों तक सत्याग्रह सुचारू ढंग से चल रहा था। अचानक ऐसा क्या हुआ जो सत्याग्रह को रोका गया,यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है? जबकि इस बीच कई पर्व- त्यौहार गुजर गए। *देव दीपावली* जैसे भीड़भाड़ वाला दिन भी गुजर गया। सत्याग्रही सड़क के किनारे फुटपाथ पर बैठते थे। ट्रैफिक में किसी प्रकार की व्यवधान नहीं होता था। जिस वक्त गिरफ्तारी हुई उसे वक्त सिर्फ चार व्यक्ति थे। *इसे धारा 144 का उल्लंघन भी नहीं माना जा सकता। वैसे इस स्थान पर धारा 144 नहीं लगाया गया था*। किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई। फिर प्रशासन का यह रवैया क्यों? वास्तव में *बौखलाहट बनारस के कमिश्नर कौशल राज शर्मा की है*। उन्होंने सर्व सेवा संघ की जमीन हड़पने के लिए *इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र का इस्तेमाल किया* और अवैध तरीके से गांधी विद्या संस्थान को कला केंद्र को सौंप दिया। कला केंद्र को जब कौशल राज शर्मा के हिडन एजेंडा का एहसास हुआ तो उसने गांधी विद्या संस्थान को वापस कर दिया। सर्व सेवा संघ ने सत्याग्रह के दरमियान इस तथ्य को उजागर किया तो *आयुक्त बदले की कार्रवाई* पर उतारू हो गए। सत्याग्रह को बाधित करना इसी मनोविकृति का परिणाम है।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद वाराणसी पहुंचे *सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल* ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि *शांतिपूर्ण सत्याग्रहियों को गिरफ्तार करना न केवल अविवेक है बल्कि संविधान के मौलिक अधिकारों पर हमला है*। भारत के किसी भी नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से कहने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। बनारस के आयुक्त कौशल राज शर्मा का शत्रुवत व्यवहार अत्यंत अफसोस जनक और निंदनीय है। हम पूरे देश के गांधीजनों और लोकतंत्र के प्रति समर्पित व्यक्तियों,संगठनों और समूहों से अपील करते हैं कि इस घटना का अधिक से अधिक प्रतिवाद करें।

*आज का उपवास*

आज सत्याग्रह के 87 वें दिन उपवास पर *सर्व सेवा संघ खादी समिति के संयोजक अशोक शरण* बैठे हैं। *जोखन सिंह यादव* आज भी उपवास पर बैठे है।

*अशोक कुमार शरण* का जीवन गांधीवादी विचारधारा और समाज सेवा के प्रति समर्पित रहा है। यह विरासत उन्हे अपने पिता दिवंगत जलेश्वर नाथ शरण से प्राप्त हुई जो गांधी जी के साथ उनके सेवाग्राम आश्रम मे अखिल भारत चरखा संघ के कार्यों से जुड़े थे। उन्होंने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत *खादी और ग्रामोद्योग आयोग में निदेशक* के रूप में कार्य करते हुए अनेक राज्यों में अपनी सेवाएं दीं। उनके *कुशल नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई*।
इसके अलावा, वे गांधी स्मारक निधि (पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के सचिव रहे। उनके नेतृत्व में पत्तीकल्याणा, पानीपत में एक प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, स्वदेशी उत्पादों का शो रूम, गौशाला और बागवानी जैसी सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया।

अशोक शरण ने बच्चों के कल्याण के लिए भी गहन कार्य किया है। चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन के निदेशक के रूप में उन्होंने पानीपत क्षेत्र में हेल्पलाइन 1098 का संचालन किया। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद और संकटग्रस्त बच्चों को सहारा देने का अनवरत प्रयास किया।
उन्होंने खादी आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न पदों पर कार्य किया। वे क्षेत्रीय पंजाब और हरियाणा खादी मंडल के अध्यक्ष, अंबाला खादी आश्रम के उपाध्यक्ष और ग्राम विकास संस्थान, समालखा के प्रबंध न्यासी रहे। इसके साथ ही, उन्होंने *सर्व सेवा संघ, सेवाग्राम, वर्धा के प्रबंध न्यासी के रूप में गांधीवादी विचारधारा को जीवंत बनाए रखा*। शरण सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान (बापू कुटी) के ट्रस्टी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जो महात्मा गांधी का ऐतिहासिक निवास स्थल है।
वर्तमान में श्री अशोक कुमार शरण गांधी स्मारक प्राकृतिक चिकित्सा समिति, राजघाट, नई दिल्ली के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। वे गांधी स्मारक निधि (हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश) के सदस्य और मगन संग्रहालय समिति, वर्धा के ट्रस्टी भी हैं। इस संग्रहालय को महात्मा गांधी ने 1936 में स्थापित किया था।
वे इनोसेंट वर्ल्ड चैरिटेबल सोसाइटी के सदस्य हैं, जो द्वारका मोड़, दिल्ली में मासूम दुनिया नामक एक केंद्र का संचालन करती है। इसके अतिरिक्त, वे जलेश्वर नाथ शरण फाउंडेशन के निदेशक हैं, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है। इस फाउंडेशन ने लायंस क्लब के सहयोग से *रक्तदान शिविर, नेत्र जांच शिविर* और गरीब व अनाथ लड़कियों के विवाह का आयोजन किया है।
शरण *खादी, ग्रामोद्योग और गांधीवादी दर्शन पर लेखन* के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उन्होंने समाज में शांति और सद्भावना को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय युवा परियोजना के तहत कई शिविरों और रैलियों में भाग लिया है। उनका समर्पण और निस्वार्थ सेवा समाज को प्रेरणा प्रदान करती है।

*कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की मिली- भगत से सर्व सेवा संघ परिसर पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है*
अशोक शरण

अशोक शरण रेल्वे विभाग द्वारा सर्व सेवा संघ की भूमि पर जबरन कब्जा करने और भवनों को ध्वस्त करने के बिरोध मे 6 दिसंबर को उपवास सत्याग्रह पर बैठे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि *कभी सपने मे भी किसी ने ऐसा नही सोचा होगा कि सरकार आचार्य विनोबा भावे, लाल बहादुर शास्त्री, डा राजेन्द्र प्रसाद के सहयोग से सर्व सेवा संघ द्वारा खरीदी गई भूमि को जबरन कब्जा कर लेगी*। कार्यपालिका और न्यायपालिका ने अभी तक सर्व सेवा संघ के सभी निवेदनों पर कोई सकारात्मक रुख नही दिखाया है और यह लड़ाई लंबी चलने वाली है। सत्याग्रह के माध्यम से हम जन साधारण को जागरूक करना चाहते है और सरकार को भी सचेत करना चाहते है कि समय रहते सर्व सेवा कि भूमि वापस कर दे और भवनों को तोड़ने, लायब्रेरी की किताबों और अन्य संपत्तियों को नुकसान का उचित मुवावज दे। *बनारस के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से यह कब्जा किया गया है*। अतः इस पूरे कांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवायी की जाए। यह भी एक अजीब विडंबना है कि एक ओर केंद्र सरकार गांधी जी के साबरमती आश्रम परिसर के स्वरूप को बदलने के लिए रुपये 1200 करोड़ खर्च करने कि योजना बना रही है और दूसरी ओर गांधी जी के मृत्यु के उपरांत उनके विचारों के लिए बनी संस्था की 12.89 एकड़ भूमि हड़प रही है यदि वर्तमान सरकार की गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धा है तो वह शीघ्र यह जमीन के मामला का समाधान कर उचित निर्णय ले।

*गांधी विरासत को बचाने के* लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह का *आज 87 वां दिन* है। स्वतंत्रता आंदोलन में विकसित हुए *लोकतांत्रिक भारत की विरासत और शासन की मार्गदर्शिका- संविधान* को बचाने के लिए 11 सितंबर (विनोबा जयंती) से सर्व सेवा संघ के आह्वान पर *"न्याय के दीप जलाएं -100 दिनी सत्याग्रह* जारी है जो *19 दिसंबर 2024* को संपन्न होगा। सत्याग्रह आज *सर्व धर्म प्रार्थना एवं गीता पाठ* के साथ अपने 87 वें पायदान पर पहुंच गया है।

आज सत्याग्रह में उपवासकर्ता *अशोक कुमार शरण* के अलावा उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष रामधीरज, वरिष्ठ गांधीवादी विद्याधर,लोक समिति के प्रमुख नंदलाल मास्टर,एक कदम गांधी की ओर के प्रमुख सत्य प्रकाश भारत , वरिष्ठ गांधीवादी कार्यकर्ता सुरेश भाई आदि शामिल रहे।

*जागृति राही, नंदलाल मास्टर*
सत्याग्रह प्रभारी

*राम धीरज*
सर्व सेवा संघ



Rahul Gandhi Akhilesh Yadav Ravish Kumar Priyanka Gandhi Vadra TheWire.in Aaj Tak Bhupesh Baghel Anjana Om Kashyap Indian Express

06/05/2024

गांधी जेपी लोहिया की विरासत को बुल्डोज़र से ध्वस्त करने वाली तानाशाह सरकार को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी आप की है। जो अपने पुरखों का सम्मान नहीं करते, स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान नहीं करते क्या ऐसे लोगों के हाथों देश की सत्ता सौपोगेl

05/05/2024

तू वोट कर.…....

पराडकर भवन में लोगों का हुजूम आना शुरू हो चुका है, सीट भर चुकी है, लोग खड़े होकर सुन रहे हैं..... और यह साबित करता है कि...
09/08/2023

पराडकर भवन में लोगों का हुजूम आना शुरू हो चुका है, सीट भर चुकी है, लोग खड़े होकर सुन रहे हैं..... और यह साबित करता है कि देश में लोग गांधी की विरासत पर सरकारी हमले के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं और विरोध के लिए देश के कोने कोने से गांधी-विनोबा-जेपी विरासत बचाओ संघर्ष समिति के पक्ष में खड़े होने के लिए यहां पहुच रहे हैं.

चलो बनारस
07/08/2023

चलो बनारस


27/07/2023

सर्व सेवा संघ ने गाँधी, विनोबा और जयप्रकाश के विचारों के अलावा आज़ादी के समय के सारे अमूल्य लेखों, पत्रों और समाचारों को सहेजे रखा था! पर जब फ़र्ज़ी डिग्री वाले शासन में बैठें हों तो उनसे उम्मीद भी क्या किया जाए?


27/07/2023

#आवश्यक_सूचना

मित्रों
किसी ने यह अपील की है कि सर्व सेवा संघ को पैसे की जरूरत है और कोई पर्सनल अकाउंट भी दिया है.

आपसे निवेदन है, हमने ना तो कोई पैसा मांगा है और ना ही कोई अकाउंट नंबर दिया है.

जिन साथियों को मदद करना है वह कृपया सर्व सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदन पाल या बनारस के लिए उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष राम धीरज भाई या प्रो. आनंद कुमार से बात कर सकते हैं

बिना बात किए कोई भी पैसा किसी भी अकाउंट में नहीं भेजें.

राम धीरज
अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल
सर्व सेवा संघ वाराणसी
संपर्क- 94530 47097


26/07/2023

इस युवा की पीड़ा को जरूर सुनिएगा, हो सकता है कि बेरोजगारी के इस दौर में इस सरकार की बेरोज़गार कर देने वाली नीतियों का भी आपको पता लग जाए..... क्या इस सरकार को न गांधी से कोई मतलब है और न ही किसी के बेरोजगार होने से..... क्या यह सिर्फ अडानी और अम्बानी की सरकार है..... क्या किसी चाय बेचने से लेकर सत्ता की बुलन्दियों तक का सफर तय करने वाले व्यक्ति की नीतियां ऐसी हो सकती है जो किसी की ठीक ठाक चल रही जिंदगी को रोड पर आकर चाय बेचने और पकौड़े तलने को मजबूर कर दे? क्या इसे अंधेर नगरी नहीं कहा जाएगा??????





Narendra Modi Rahul Gandhi Akhilesh Yadav Ravish Kumar Anjana Om Kashyap Aaj Tak CM Bihar Nitish Kumar Priyanka Gandhi Vadra Ashok Gehlot Bhupesh Baghel Indian Express TheWire.in Sanjay Singh NDTV PMO India

25/07/2023

प्रकाशानार्थ
गांधी, विनोबा और जयप्रकाश की विरासत को बचाने के क्रम में
सर्व सेवा संघ वाराणसी पर अवैध और गैर कानूनी सरकारी कब्जे के खिलाफ 25 जुलाई 2023 को स्वराज विद्यापीठ, नागरिक समाज, ट्रेड यूनियन, सर्वोदय मंडल की ओर से एक प्रतिरोध मार्च स्वराज विद्यापीठ से बालसन चौराहे तक निकाला गया। इस प्रतिरोध मार्च में वाराणसी के सर्व सेवा संघ को प्रशासन द्वारा जिस तरह अवैध कब्जा किया गया है, उसको लेकर साथियों में आक्रोश स्पष्ट देखा जा रहा था। 'हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है' 'योगी मोदी शर्म करो जमीन हड़पना बंद करो' 'महात्मा गांधी अमर रहे' आदि के नारे के साथ सैकड़ों की संख्या में यह प्रतिरोध मार्च चल रहा था। नारो के गूंज के बीच बालसन चौराहे पर पहुंचकर यह प्रतिरोध मार्च एक छोटी सी सभा में परिवर्तित हो गया। सभा का संचालन करते हुए नागरिक समाज के वरिष्ठ साथी श्री अविनाश मिश्रा ने पिछले 3 दिनों से स्वराज विद्यापीठ और नागरिक समाज के नेतृत्व में सर्व सेवा संघ के अतिक्रमण के खिलाफ शहर में होने वाली गतिविधियां तथा राम धीरज जी के गिरफ्तारी के संबंध में बताने के बाद डॉ आनंदी से इस सभा को संबोधित करने के लिए आग्रह किया। डॉक्टर आनंदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सर्व सेवा संघ की यह जमीन रेलवे से 1960 में क्रय की गई थी। तत्कालीन समय में रेल मंत्री जगजीवनराम हुआ करते थे। सर्व सेवा संघ की वह जमीन विनोवा भावे, जयप्रकाश नारायण, लाल बहादुर शास्त्री आदि की उपस्थिति में क्रय हुई थी। लेकिन आज प्रशासन अवैध तरीके से यह जमीन हड़प कर तानाशाही रवैया अपना रहा है। डॉक्टर आनंदी ने यह भी कहा कि यह लड़ाई केवल सर्व सेवा संघ की ही नहीं है बल्कि हमें पूरे कॉरपोरेट जगत से लड़ना है। इस लंबी लड़ाई में उन्होंने युवा साथियों से आह्वान किया कि वे संघर्ष की इस लड़ाई में नए वाहक बने।
इस प्रतिरोध सभा में प्रोफ़ेसर आरसी त्रिपाठी, डॉक्टर कृष्ण स्वरूप आनंदी, श्री विनोद कुमार तिवारी, श्री अविनाश मिश्रा, डॉक्टर सुनील उरांव, श्रीमती सुमन शर्मा, विभूति विक्रम सिंह, बिनोद विक्रम सिंह, सत्येंद्र सिंह, कॉमरेड धर्मेंद्र, कामरेड मनीष, कामरेड राजेश सचान, दिनेश यादव,भानु,राज नारायण सिंह, मयंक श्रीवास्तव, शीतांशु भटट,भास्कर, आयुष, आदित्य, विमल, आदर्श, मनोज श्रीवास्तव, दीपक, श्याम नारायण, चंद्रप्रकाश, आर्य शेखर, विजय चितौरी, शंकरलाल, लखन प्रतापगढ़ी, केके मिश्रा, राम बहुरी पाल, देव मुनि विवस्वत, स्वाधा,अंशिका, सतीश, डॉक्टर गोपाल जी, बृजेश सक्सेना, विक्रमादित्य तथा मनीष सिन्हा सहित सैकड़ों साथी उपस्थित थे।





Narendra Modi Rahul Gandhi Akhilesh Yadav Aaj Tak Bhupesh Baghel CM Bihar Nitish Kumar Anjana Om Kashyap TheWire.in Ravish Kumar Priyanka Gandhi Vadra Indian Express Ashok Gehlot Sanjay Singh NDTV

22/07/2023

सर्व सेवा संघ परिसर बनारस पर जबरदस्ती कब्जे के प्रयास

वाराणसी में सर्व सेवा संघ और गांधी विद्या संस्थान पर कब्ज़ा करने के लिए पुलिस फोर्स के आने की शर्मनाक हरकत की जानकारी सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल वरिष्ठ गांधीवादी मुहम्मद आरिफ और उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष रामधीरज जी से पाकर बहुत क्षोभ हुआ।

परिसर के गेट पर गांधीजन धरने पर बैठे हैं, पुलिस जबरदस्ती उन्हें हटाने की कोशिश कर रही है। पुलिस के पास परिसर खाली कराने के लिए किसी न्यायालय का कोई आदेश नहीं है, न ऐसा कोई आदेश सर्व सेवा संघ के वकील और पदाधिकारियों को दिखाया गया है।

यह गांधी - जेपी की विरासत पर सीधा हमला किया जा रहा है। वाराणसी के साथी सर्व सेवा संघ पहुंच कर प्रतिरोध में योगदान कर रहे हैं। देश के सभी सरोकारी व्यक्ति और संगठन इस विरोध से जुड़े और सभी राष्ट्रीय नेता वाराणसी पहुंचे। इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ सत्याग्रह का समय आ गया है।

सभी गांधीजनों सर्वोदयी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आस्था रखने वाले सभी साथियों से अपील है कि इस तानाशाही का हर स्तर पर विरोध और प्रतिकार करें।





Rahul Gandhi Akhilesh Yadav CM Bihar Nitish Kumar Aaj Tak Priyanka Gandhi Vadra Ravish Kumar Indian Express Ashok Gehlot TheWire.in Bhupesh Baghel PMO India Narendra Modi Anjana Om Kashyap Sanjay Singh NDTV

Address

Rajghat

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sarv Seva Sangh posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category