20/05/2021
कोरोना महामारी के काल में लगातार उपचार के प्रोटोकॉल में बदलाव आ रहे है. ऐसी स्थिति में आम लोगो के मन में कई प्रकार के सवाल भी उठ रहे है. उन सभी सवालों का जवाब आप तक लाने के लिये हमारी संस्था Journalist for social reform जे. एस.आर ने आगामी 22 मई को रात्रि 8 बजे युनाईटेड किंगडम से डॉक्टर रंजीत सिंह के साथ लाइव सवाल- जवाब का सेशन आयोजित किया है.
डॉ. रंजीत सिंह, विगत कई वर्षों से लंदन, यू.के में चिकित्सा सेवा दे रहे है, रिस्पेरेटरी डीजीज में डॉ रंजीत को विशेषज्ञता प्राप्त है. अयोजित होने वाला सेशन सभी लोगो के लिये बेहद लाभकारी साबित होने वाला है. जे.एस.आर द्वारा आयोजित इस ऑनलाइन मेडिकल कंसल्टेंसी में सामाजिक संस्था YOUTH of BIHAR का भी अहम योगदान है. फेसबुक पर बिहार का प्रचलित पेज़ हम बिहारी के माध्यम से भी इस कार्यक्रम को अधिक से अधिक लोगो तक पहुँचाया जाएगा. कार्यक्रम संचालन जीवविज्ञान के युवा शिक्षक प्रतीक रत्न करेंगे उनकी कोचिंग संस्था रत्न ट्यूटोरियल का भी इस आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान है..
22 मई को आयोजित होने वाले इस भव्य लाइव कार्यक्रम को फ़ेसबुक के माध्यम से @हमबिहारी पर आप सभी देख सकते है -
कोरोना के दौर में निम्नलिखित जानकारीयों पर डॉ रंजीत सिंह से विशेष चर्चा होगी और यह जानकारी हर लोगो तक जनसाधारण होने की भी बेहद आवश्यकता है.
कोरोना के लक्षण को शुरुआत के दिनों में पहचान कर हमें सावधानी बरतते हुए कुछ प्राथमिक जांच करा लेना चाहिये. सी.आर.पी टेस्ट, चेस्ट का एक्स- रे इनमें अहम है, अगर ऑक्सीजन लेवल में गिरावट आने लगे तो एच. आर. सी. टी और डी- डाइमर जैसे जांच ज़रूरी हो जाते है..
मुख्यतः कोरोना की बीमारी में आमतौर पर बुख़ार/ सर्दी/ खासी / सांस लेने में रुकावट जैसी समस्या आती है. इन समस्याओं को शुरुआती दिनों में अनदेखा करने वालो को जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ता है और यह प्राण घातक भी हो सकता है..
कोरोना उपचार में राष्ट्र स्तर पर चिकित्सक कुछ प्रोटोकॉल का पालन कर रहे है, उन प्रोटोकॉल को भी आम लोगो को समझना ज़रूरी है ताकि आपके मरीज़ के साथ लापरवाही नहीं हो सके..
रेमडीसीवीर इंजेक्शन को लेकर मरीज़ो के परिजनों में ग़जब के अफरातफरी का माहौल है, परन्तु वास्तविकता यह है कि रेमडीसीवीर कोई रामबाण उपाय नही है आप अपने मरीज़ को सिर्फ़ रेमडीसीवीर के इंजेक्शन से नहीं बचा सकते. केवल रेमडीसीवीर के सहारे मरीज़ को छोड़ देना पूर्णतः लापरवाही है. रेमडीसीवीर के साथ- साथ कई और ज़रूरी इंजेक्शन है, जिसका सही समय पर प्रयोग मरीज़ को मृत्यु से बचा सकता है, अमूमन मरीज़ो को कुछ डॉक्टर रेमडीसीवीर मात्र चढ़ा कर हाथ पर हाथ धरे बैठ जाते है.. ऐसा केश देखने को बहुत मिल रहे है, इसमें ज़रूरी हो जाता है कि मरीज़ के अटेंडेंट को भी इलाज के प्रोटोकॉल की पूर्ण जानकारी हो.
कोरोना में मृत्यु दर बढ़ने के कई कारण है, एस.पी.ओ. टू लेवल गिरने की हालत में जल्दी से ऑक्सीजन मुहैया नही होना भी खतरनाक हो सकता है - इन सभी सावधानी का विशेष ध्यान रखें.
माइल्ड सिम्पटम के साथ होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिये प्रोटोकॉल भी अलग है इनमें इम्पेरियल मेडिसिन जैसे विटमिन सी, जिंकोवीट, डॉकसीसाईक्लिन, आइवरमेकटिन और एजीथ्रोमैसीन का भी अहम प्रयोग है. इसकी जानकारी भी बेहद ज़रूरी है.
वैक्सीन को लेकर लोगो के मन में कई सवाल है लेक़िन अभी तक वैक्सीन ही कोरोना को हराने का सबसे कारगर उपाय है.. जो सभी को लेना ज़रूरी है..
मूलतः बात यही है कि कोरोना महामारी के इस काल में जानकारी ही बचाव है. आप जितना अधिक जानकार होंगे आप उतना ही सुरक्षित होंगे और कोरोना से मृत्यु को सिर्फ आपकी सजगता ही रोक सकती है..
ऐसी ही इन सभी जानकारियों को विस्तार से आपको समझाना हमारा अहम मक़सद है. आपको सजग करने और इस कोरोना महामारी से लड़ने के लिये आपको तैयार करने के लिये 22 मई दिन शनिवार को रात 8 बजे होने वाला हमारा यह लाइव सेशन बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है.
इस लाइव ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से हम आपको इतना जानकार बना देंगे कि आप कोरोना से होने वाले मौत के आगोश में आने से खुद को और अपने परिजनों को बचा सकते है.. याद रहें जानकारी ही बचाव है.. सही समय पर सही उपचार होने से कोरोना में प्राण घात होने का भय कम हो जाता है. 22 मई को रात्रि 8 बजे जर्नलिस्ट फॉर सोशल रिफॉर्म के तत्वावधान में होने वाले इस वेबिनार की जानकारी अधिक से अधिक लोगो को दे और अधिक से अधिक लोग इस लाइव से जुड़े- उपयुक्त कार्यक्रम में यूथ ऑफ बिहार, @हमबिहारी और का अहम योगदान है. ये सभी संस्थान आपदा के इस काल में आपके साथ खड़ी है.. निडर और निर्भीक होकर इस बीमारी को हराने का प्रण ले और अधिक से अधिक लोगो को इस लाइव में भाग लेने के लिये आमंत्रित करें..