श्री पीपाजी मंदिर राजस्थान के जालोर जिले के रानीवाडा शहर मे स्थित हैं। संवत 2009 वैशाख वद 11 सोमवार दि. 18-06-1953 को बडगांव ठिकाणे के रावत साहब से पीपा क्षत्रिय समाज पट्टी 9 के सर्व पंचो ने जमीन खरीद कर मंदीर कि नीव रखी। लगभग 19 वर्ष के अथक प्रयासो से एवं मंहत श्री शीतलगिरीजी महाराज के पावन सानिध्य एवं नवपट्टी के समाज बंधुओ द्वारा संवत 2028 मिति वैशाख सुदी 6 गुरुवार दि. 18-5-1972 को रानीवाडा शहर
मे भक्त शिरोमणी पीपाजी महाराज एवं द्वारकाधीश की प्रतिमाओं की मंदीर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा की गई। समाज की निरन्तर प्रगति होती गई एवं 25 वर्ष उपरांत नवीन मंदीर का निर्माण करवाया गया। जिसकी प्राण प्रतिष्ठा संवत 2053 माघ शुल्य 11 सोमवार 17’-2-1997 मृगशीरायाम नक्षम उतम रवियोग में सम्पन हुई। मंदीर मे भक्त शिरोमणी पीपाजी महाराज, द्वारकाधीश एवं राधीकाजी, गरुडजी, हनुमानजी, गणपतिजी की प्रतिमाएं विराजमान हैं। मंदीर के दोनो तरफ धर्मशालाएं बनी हुई एवं पीछे भोजनशाला बनी हुई जिनका निर्माण समाज बन्धुओं के अथक प्रयासो का परिणाम हैं। मंदीर के पास ही श्री 108 श्री शीतलगिरिजी महाराज की समाधि स्थल हैं जिन्होने अपना सम्पूर्ण जीवन पीपाजी के सेवा मे व्यतीत किया। मंदीर मे समाज बंन्धुओ द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी, पीपा जयन्ति महोत्सव, मंदीर पाटोत्सव उत्सव धूमधाम से मनाया जाता हैं, जिससे समस्त पीपा क्षत्रिय समाज पट्टी 9 के समाज बंधु भाग लेते हैं।
मंदीर मे आने वाले श्रद्धालुओं हेतु भोजनशाला हरवक्त चालु रहती है व ठहरनी की भी व्यवस्था उपलब्ध हैं।
संकलकर्ता
मफतलाल दहीया
हीरालाल सोलंकी
जगदीशकुमार भाटी