01/07/2026
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76 वर्षीय रेवती देवी (जैनाबाद) की पुकार — आखिर इस बेबस बुजुर्ग मां का सहारा कौन बनेगा?
सरकार का सहारा सरकार ने ही छिन लिया
76 वर्ष की रेवती देवी आज अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं। न सिर पर कोई अपना है, न घर में बिजली, न पीने के पानी की उचित व्यवस्था। सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनकी वृद्धावस्था/विधवा पेंशन भी बंद हो गई है, जो उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा थी।
बताया जाता है कि पिछले 6 महीनों से वह अपनी पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं से भी उन्होंने मदद की उम्मीद की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
सरकार लगातार हर घर तक बिजली, पानी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दावा करती है। लेकिन जब एक 76 वर्षीय अकेली बुजुर्ग महिला आज भी इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, तो यह व्यवस्था के सामने गंभीर सवाल खड़े करता है।
रेवती देवी जैसी असहाय महिलाओं के लिए सरकार को तत्काल पेंशन बहाल करनी चाहिए, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए और राशन व्यवस्था की भी समीक्षा करनी चाहिए, ताकि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिल सके।
सिर्फ बड़े-बड़े भाषण, फोटो और प्रचार से समाज नहीं बदलता। समाजसेवा का असली अर्थ है कि सबसे कमजोर और जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचे। यदि एक असहाय बुजुर्ग मां की आवाज भी व्यवस्था तक नहीं पहुंच पा रही है, तो यह हम सभी के लिए आत्ममंथन का विषय है।
हम जिला प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हैं कि रेवती देवी की स्थिति का तुरंत संज्ञान लें, उनकी बंद पेंशन बहाल करें, बिजली-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें और उन्हें हर सरकारी योजना का लाभ दिलाएं।
Rao Inderjit Singh
CMO Haryana Nayab Saini DC Rewari DPR Haryana Anil Yadav