15/05/2026
🔐 ताला-चाबी सिर्फ चुनाव चिन्ह नहीं, बदलाव की पहचान है 🔑
टिक्कर बुशैहर वार्ड की देवतुल्य जनता जनार्दन:-
आप सबको पता है हर घर में एक ताला होता है और हर ताले की एक चाबी। जब तक सही चाबी न मिले, ताला नहीं खुलता।
आज हमारे क्षेत्र की भी यही हालत है।
समस्याओं का ताला लगा है:- टूटी सड़कें, गंदा पानी, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं का पलायन।
और इस ताले को खोलने के लिए हमें चाहिए एक ईमानदार, मजबूत और जनता के बीच रहने वाली चाबी।
वो चाबी हैं जिला परिषद उम्मीदवार श्री अनुपम चौहान जी।
आप सभी को पता होना चाहिए क्यों चाहिए 👉ताला-चाबी?
1. ताला है भ्रष्टाचार पर:- श्री अनुपम चौहान जी का वादा है पारदर्शी शासन। हर खर्चे का हिसाब जनता के सामने होगा।
2. चाबी है विकास की:- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार। हर गांव, हर वार्ड तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना पहली प्राथमिकता।
3. ताला है वादाखिलाफी पर:- जो कहा है, वो करके दिखाएंगे और 5 साल का रोडमैप तैयार है।
4. चाबी है आपके हक की :- आपकी आवाज सीधे विधानसभा तक पहुंचे, इसके लिए हमेशा उपलब्ध।
यह चुनाव किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे क्षेत्र के भविष्य का है। यह मौका है पुराना ताला तोड़कर नई उम्मीदों के दरवाजे खोलने का।
इसलिए हमारा आपसे निवेदन है:-
मतदान वाले दिन घर से निकलें, अपने साथ परिवार और पड़ोसियों को भी ले जाएं। EVM में ताला-चाबी का निशान ढूंढें और उस पर मुहर लगाकर श्री अनुपम चौहान जी को भारी मतों से विजयी बनाएं।
याद रखिए:-सही चाबी लगेगी, तभी तरक्की का ताला खुलेगा।
एक वोट बदलाव के नाम
एक वोट अपने बच्चों के भविष्य के नाम
एक वोट अनुपम चौहान जी के नाम।
चुनाव चिन्ह: ताला-चाबी 🔐🔑