08/07/2021
इस साल कर लो जी भर के मस्ती,
होती नहीं है ये इतनी सस्ती,
जी लो फिर से अपना बचपन,
जब लगता था अपनों में अपनापन ।
इस साल मुस्कुरा लो जी भर कर,
और रो लो मन भर कर,
गुस्सा कर लो अपने हरकत पर,
और उठो हस्ते हस्ते, अपने गिरने पर ।
इस साल फिर से कर लो कए वादें खुद से,
और कर लो पूरी अपनी कई चाहते,
कह दो समय से की कर लो थोड़ा आराम,
और तुम भी बहने दो खुद को अपनों के नाम।
इस साल जी लो हर अपने सपने के जिद को,
छेड़ दो फिर से शरारतों को,
फिर से महसूस कर लो अपने जीत को,
भर लो सपनों से अपने इच्छाओं को,
इस साल फिर से अनुभव करो लो अपनी जीत को।