02/09/2026
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण की मांग तत्काल माने भाजपा सरकार: माकपा
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की हरियाणा राज्य कमेटी ने प्रदेश के गेस्ट टीचर्स द्वारा अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया है। माकपा ने कहा कि वर्षों से सरकारी स्कूलों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों को अस्थायी व्यवस्था में बनाए रखना उनके साथ घोर अन्याय है। सरकार उनकी नियमितीकरण की मांग को तत्काल स्वीकार करे और ठोस प्रक्रिया शुरू करे।
माकपा राज्य सचिव कॉमरेड प्रेमचंद ने कहा कि प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को वर्षों से अपने अनुभव और मेहनत से संभालने वाले गेस्ट टीचर्स को बार-बार आश्वासन देकर उनके साथ छल किया जा रहा है। सरकार जब उनकी सेवाओं का लगातार इस्तेमाल कर रही है तो उन्हें स्थायी रोजगार और समान सेवा सुरक्षा देने से पीछे क्यों हट रही है? उन्होंने कहा कि सरकार को अब आश्वासनों से आगे बढ़कर नियमितीकरण का स्पष्ट रोडमैप घोषित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापक लंबे समय से अपने न्यायपूर्ण अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जुलाई-अगस्त में कुरुक्षेत्र में उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा तथा 23 अगस्त को पानीपत में भी प्रदर्शन किया गया। सुप्रीम कोर्ट के 17 अप्रैल 2026 के फैसले तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 29 अप्रैल और 27 मई 2026 के आदेशों के संदर्भ में भी गेस्ट टीचर्स ने अपनी नियमितीकरण की मांग को मजबूती से उठाया है।
माकपा ने कहा कि सरकार को शिक्षा के निजीकरण, ठेका प्रथा और अस्थायी नियुक्तियों को बढ़ावा देने के बजाय सरकारी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में स्थायी शिक्षकों की भर्ती करनी चाहिए। वर्षों से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर्स को पक्का रोजगार देना न केवल उनके भविष्य की सुरक्षा का सवाल है, बल्कि प्रदेश की मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए भी जरूरी है।
कॉमरेड प्रेमचंद ने कहा कि माकपा गेस्ट टीचर्स के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। पार्टी उनके न्यायपूर्ण आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने तथा सरकार पर उनकी मांगें मानने के लिए हर स्तर पर सहयोग और संघर्ष करेगी।