17/11/2025
*सागर में कुटुंब भावना की अद्वितीय व्यवस्था पर संगोष्ठी, मुख्य वक्ता एकता खेमरिया ने राम राज्य के आदर्शों को किया रेखांकित*
सागर। सरस्वती शिशु मंदिर, रामझरिया द्वारा रविवार को आयोजित 'सप्तशती संगम' कार्यक्रम में भारतीय कुटुंब व्यवस्था की अद्वितीयता पर गहन विमर्श हुआ। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एकता खेमरिया ने अपने उद्बोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि यदि विश्व में कहीं भी कुटुंब की भावना की एकमात्र और सर्वश्रेष्ठ व्यवस्था देखनी है, तो वह केवल भारतवर्ष में ही विद्यमान है। उन्होंने इस व्यवस्था को भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित और 'राम राज्य' की सीख प्रदान करने वाला बताया, जिसकी समतुल्य व्यवस्था विश्व के अन्य किसी भी समाज या राष्ट्र में दुर्लभ है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर रश्मि जैन ने की। अन्य वक्ताओं में विनीत राजपूत और संघमित्रा गुरु ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संपूर्ण आयोजन का कुशल संयोजन विशाखा देव द्वारा किया गया। इस साहित्यिक एवं वैचारिक संगम में अनेक गणमान्य नागरिक और शिक्षाविद उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्राचार्य सुरेंद्र जैन और प्रधानाचार्य हरिराम प्रजापति शामिल थे।