26/06/2026
इस वर्ष सम्पन्न हुए पण्डोखर धाम महोत्सव के दौरान दिनांक 17 अप्रैल को धाम में आए श्रद्धालु लखनऊ निवासी श्री जोगेंद्र शर्मा जी की सुपुत्री को एक कीमती मोबाइल फोन मिला था। उन्होंने ईमानदारी एवं सजगता का परिचय देते हुए वह मोबाइल तत्काल मेरे पास सुरक्षित जमा करा दिया था।
सौभाग्य से मोबाइल के पीछे उसके स्वामी का एक मोबाइल नंबर लिखी हुई पर्ची लगी थी। कुछ समय बाद मोबाइल के वास्तविक स्वामी श्री श्याम वीर जी, निवासी बुद्ध विहार (रिठाला के पास), दिल्ली, ने वह नंबर पुनः चालू कराया। संपर्क स्थापित होने पर आज वे पण्डोखर धाम आए और मोबाइल की सही पहचान बताई। इसके उपरांत लखनऊ निवासी श्री जोगेंद्र शर्मा जी से भी दूरभाष पर पुष्टि की गई कि यही वही मोबाइल है जो उनकी सुपुत्री को मिला था। सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद आज वह मोबाइल उसके वास्तविक स्वामी को सकुशल वापस सौंप दिया गया।
ऐसे प्रसंग यह सिद्ध करते हैं कि ईमानदारी, विश्वास और सेवा की भावना आज भी समाज में जीवित है। श्री जोगेंद्र शर्मा जी एवं उनकी सुपुत्री का यह सराहनीय कार्य निश्चित रूप से अनुकरणीय है।
मेरा सभी श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से विनम्र आग्रह है कि यदि कभी किसी सार्वजनिक स्थान, धार्मिक संस्था या आयोजन में कोई कीमती इस वर्ष सम्पन्न हुए पण्डोखर धाम महोत्सव के दौरान दिनांक 17 अप्रैल को धाम में आए श्रद्धालु लखनऊ निवासी श्री जोगेंद्र शर्मा जी की सुपुत्री को एक कीमती मोबाइल फोन मिला था। उन्होंने ईमानदारी एवं सजगता का परिचय देते हुए वह मोबाइल तत्काल मेरे पास सुरक्षित जमा करा दिया था।
सौभाग्य से मोबाइल के पीछे उसके स्वामी का एक मोबाइल नंबर लिखी हुई पर्ची लगी थी। कुछ समय बाद मोबाइल के वास्तविक स्वामी श्री श्याम वीर जी, निवासी बुद्ध विहार (रिठाला के पास), दिल्ली, ने वह नंबर पुनः चालू कराया। संपर्क स्थापित होने पर आज वे पण्ड उपयोगी वस्तु मिले, तो उसे संबंधित स्थान के कार्यालय अथवा थाने में जमा कराते समय अपना नाम एवं संपर्क नंबर अवश्य दर्ज कराएँ , साथ ही जहां जमा कराया वहाँ संबंधित का नाम और नम्बर खुद भी ले लेना चाहिए। इससे वास्तविक स्वामी के मिलने पर वस्तु लौटाना सरल हो जाता है और सभी पक्षों को आत्मिक संतोष एवं प्रसन्नता का अनुभव होता है।
चित्र में मेरे साथ मोबाइल के वास्तविक स्वामी श्री श्याम वीर जी हैं।
॥ जय श्रीपण्डोखर सरकार ॥