06/12/2025
में स्वयं एक किसान हूँ और किसान सर्दी में धूप में बड़ी मेहनत करके अपनी फसल तैयार करता है पूरे भारतवर्ष में सिर्फ़ किसान ही उस श्रेणी में है जो अपनी मेहनत से तैयार फसल का ना तो दाम तय कर सकता एवं ना ही उसके पैसे समय से ले सकता है हालात ये है कि घर में बेटी की शादी,माँ बाप के बीमार होने पर साहूकारो से सूद के पैसे लेकर क़र्ज़ में दबता जा रहा है इतना दर्द झेलने के बाद भी अगर कोई अधिकारी किसानो को मुकदमे का डर दिखाएगा तो उसका जवाब मज़बूती से देकर ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध मज़बूती से लड़ाई लड़ी जाएगी ये बेहट का लाल आपके हर संघर्ष में आपके साथ खड़ा मिलेगा रोहित सिंह राणा