Alok Kumar Ranjan

Alok Kumar Ranjan I will write the truth with impunity till my last breath and even if my breath breaks, the sound of Alok kumar Ranjan

शुभ दीपावली 🪔✨ अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य की विजय का पर्व — दीपावली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💛माँ लक्ष्मी और...
20/10/2025

शुभ दीपावली 🪔✨

अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य की विजय का पर्व — दीपावली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💛

माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश का दिव्य आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य का प्रकाश फैलाए 🌼

दीपों की यह रौशनी हर हृदय को उत्साह और सकारात्मकता से आलोकित करे 🙏🏻

🪔


02/07/2025

"घर की यादें – एक दिल से निकली दास्तान"

नाम – अलोक कुमार रंजन
तारीख – 2 जुलाई 2025

आज का दिन थोड़ा भारी है। मैं अपने घर को छोड़कर पढ़ाई के सफर के लिए निकल पड़ा हूँ। मन तो बिलकुल नहीं था, लेकिन कुछ फैसले दिल से नहीं, दिमाग से लेने पड़ते हैं — क्योंकि पढ़ाई करके ही तो कामयाबी की सीढ़ियाँ चढ़नी हैं।

पिछले 10 दिनों से घर पर था। जैसे ही ये दिन पूरे हुए, लगा जैसे वक्त बहुत जल्दी फिसल गया हो। उन कुछ दिनों में माँ और छोटी बहन के हाथों का बना खाना जैसे अमृत था। हर निवाला दिल को सुकून देता, माँ की रसोई से उठती खुशबू आज भी नाक में बसी है।

और इस चिलचिलाती गर्मी में पके हुए आम — बस पूछिए मत! जैसे ही रसदार आम मुंह में जाता, सारी थकावट, सारी चिंता छू मंतर हो जाती। वो ठंडी छांव में बैठकर आम खाना और पापा की प्यारी बातें सुनना — शायद ही कोई सुख इससे बड़ा होगा।

माँ, पापा और छोटी बहन का प्यार — इनका मोल मैं शब्दों में नहीं बाँध सकता। घर की वो दीवारें, वो आँगन, वो रोज़ का शोर — सब कुछ दिल में बस गया है।

अब जब निकल पड़ा हूँ अपने सफर पर, तो दिल में बस एक ही बात है — मेहनत करनी है, पढ़ाई करनी है, ताकि एक दिन वो मुकाम हासिल कर सकूँ जिससे मेरा परिवार मुझ पर गर्व करे। लेकिन सच कहूं तो —
"घर से दूर जाना आसान नहीं होता, खासकर जब वहाँ दिल के टुकड़े रहते हों।"

✍️ अलोक कुमार रंजन

हमारी सशस्त्र सेनाओं ने पाकिस्तान को अमेरिका के आगे नाक रगड़ने के लिए मजबूर कर दिया।ऑपरेशन सिंदूर हमारी सेनाओं के पराक्र...
10/05/2025

हमारी सशस्त्र सेनाओं ने पाकिस्तान को अमेरिका के आगे नाक रगड़ने के लिए मजबूर कर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर हमारी सेनाओं के पराक्रम, साहस, वीरता और त्याग का प्रतीक है।

हम हमारी सेनाओं के जज्बे को नमन करते हैं !

जय हिंद! 🇮🇳

आज दिनांक 29/01/2025 के शुभ मुहूर्त के मोनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र त्रिवेणी संगम पर सामाजिक समरसता और सद्भाव  के प्र...
29/01/2025

आज दिनांक 29/01/2025 के शुभ मुहूर्त के मोनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र त्रिवेणी संगम पर सामाजिक समरसता और सद्भाव के प्रतीक ‘महाकुंभ’ में पूज्य संतजनों के सान्निध्य में स्नान कर अभिभूत और भावविभोर हूँ।

माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती से सभी के कल्याण की कामना करता हूँ। 🙏

अद्भुत संगम, अविरल संगम…

#एकता_का_महाकुंभ

वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है;थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है।चिनगारी बन गई लहू कीबूँद गिरी जो पग...
27/12/2024

वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है;
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है।

चिनगारी बन गई लहू की
बूँद गिरी जो पग से;
चमक रहे, पीछे मुड़ देखो,
चरण - चिह्न जगमग - से।
शुरू हुई आराध्य-भूमि यह,
क्लान्ति नहीं रे राही;
और नहीं तो पाँव लगे हैं,
क्यों पड़ने डगमग - से?
बाकी होश तभी तक, जब तक जलता तूर नहीं है;
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है।

अपनी हड्डी की मशाल से
हॄदय चीरते तम का,
सारी रात चले तुम दुख
झेलते कुलिश निर्मम का।
एक खेय है शेष किसी विधि
पार उसे कर जाओ;
वह देखो, उस पार चमकता
है मन्दिर प्रियतम का।
आकर इतना पास फिरे, वह सच्चा शूर नहीं है,
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है।

दिशा दीप्त हो उठी प्राप्तकर
पुण्य--प्रकाश तुम्हारा,
लिखा जा चुका अनल-अक्षरों
में इतिहास तुम्हारा।
जिस मिट्टी ने लहू पिया,
वह फूल खिलायेगी ही,
अम्बर पर घन बन छायेगा
ही उच्छवास तुम्हारा।
और अधिक ले जाँच, देवता इतना क्रूर नहीं है।
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है।

27/12/2024

Humble tributes to the legend 🙏🏻

Nation Will always be indebted and remember you ,
former Prime Minister Dr Manmohan Singh ji 🙏🏻

Forever in our hearts Sir 🙏💔

(VC- SM)

प्रख्यात अर्थशास्त्री और देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय मनमोहन सिंह जी का निधन भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति है।ईश...
26/12/2024

प्रख्यात अर्थशास्त्री और देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय मनमोहन सिंह जी का निधन भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति है।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

आदरणीय मनमोहन जी की स्मृतियों को नमन करता है और राष्ट्रनिर्माण में दिये उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता है।

ॐ शान्ति

भारत ने एक अद्भुत "रत्न" खो दिया... 🥺मेरे आदर्श , मुझे परम प्रिय ,देश की धड़कन, देश के असल विकास पुरुष श्री रतन टाटा नही...
10/10/2024

भारत ने एक अद्भुत "रत्न" खो दिया... 🥺

मेरे आदर्श , मुझे परम प्रिय ,देश की धड़कन, देश के असल विकास पुरुष श्री रतन टाटा नहीं रहे।

बहुत महान व्यक्ति थे रतन टाटा जी , अपना पूरा जीवन देश की उन्नति के लिए समर्पित कर दिया था !!

आज देश का एक अध्याय समाप्त हो गया।
विनम्र श्रद्धांजलि।

ओम शांति Sir🙏

मैं चाहता था कि उन्हें जीवित रहते हुए उनको भारत रत्न दिया जाए 🙏🏻🙏🏻

"प्राप्नोति वै वित्तमसद्बलेन नित्योत्त्थानात् प्रज्ञया पौरुषेण। न त्वेव सम्यग् लभते प्रशंसां न वृत्तमाप्नोति महाकुलानाम्...
12/05/2024

"प्राप्नोति वै वित्तमसद्बलेन नित्योत्त्थानात् प्रज्ञया पौरुषेण।
न त्वेव सम्यग् लभते प्रशंसां न वृत्तमाप्नोति महाकुलानाम्॥"

अर्थात - "धूर्तता/कपट, निरंतर प्रयास एवं चतुराई से कोई व्यक्ति धन तो प्राप्त कर सकता है, परंतु सदाचारी उत्तम पुरुष को प्राप्त होने वाले आदर-सम्मान को नहीं ।"

12/05/2024

मां, तुमसे ही सब सीखा

असहाय न पाया कभी
सिर उठाए तुम्हारा जीना देखा ;
आशा में रख विश्वास
असफलता को गले लगाना देखा ;
सतत् कर्म, पूजा से बढ़कर
तुमसे ही पाठ पढ़ा
सम्हालो कि ‘जीवन है सौग़ात-
मां ! तुमसे ही यह सीखा…

-चंद्रकला जैन

My Soulmate 💕
My Mumma 🥰

May God bless you with good health and long life 🙏🏻

*त्याग का दूसरा नाम है माँ* परिवार का ख़्याल रखते-रखते अपनी पसंद-नापसंद बहुत पीछे छोड़ देती हैं माँ ।बच्चों की ख़ुशियों ...
12/05/2024

*त्याग का दूसरा नाम है माँ*

परिवार का ख़्याल रखते-रखते अपनी पसंद-नापसंद बहुत पीछे छोड़ देती हैं माँ ।
बच्चों की ख़ुशियों में अपनी ख़ुशियाँ ढूँढ लेती है माँ।

Salute to the unending sacrifices, unconditional love and care by all the mothers in our lives 🫡🦋

💕

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