Sahibganj Forest Division

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क्विज़ प्रतियोगिता : सहभागिता दिशानिर्देश एवं प्रारूपआयोजक:वन प्रमंडल, साहिबगंजआयोजन स्थल:पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय...
30/01/2026

क्विज़ प्रतियोगिता : सहभागिता दिशानिर्देश एवं प्रारूप

आयोजक:
वन प्रमंडल, साहिबगंज

आयोजन स्थल:
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, साहिबगंज

तिथि:
02 फ़रवरी, 2026

रिपोर्टिंग समय:
कार्यक्रम के दिन प्रातः 10:00 बजे (02 फ़रवरी, 2026)।

पात्रता:
प्रत्येक विद्यालय से कक्षा 8 अथवा कक्षा 9 के दो विद्यार्थियों का नामांकन किया जा सकता है।

चयन (एलिमिनेशन) राउंड:
इस चरण में कक्षा 8 एवं कक्षा 9 के पाठ्यक्रम पर आधारित 30 से 50 वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्नों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।

प्रश्न हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होंगे तथा विभिन्न विषयों से संबंधित होंगे।

स्टेज राउंड हेतु चयन
चयन राउंड के प्रदर्शन के आधार पर चार विद्यालयों का चयन अंतिम स्टेज राउंड के लिए किया जाएगा।

प्रत्येक चयनित विद्यालय का प्रतिनिधित्व दो विद्यार्थी करेंगे। स्टेज राउंड के सभी प्रश्न एवं विकल्प हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होंगे।

पंजीकरण:
प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से पंजीकरण करना अनिवार्य है।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 जनवरी निर्धारित है।

https://forms.gle/JwB2WytVwG6Bd4xw6

अंतिम राउंड:
अंतिम राउंड में मुख्य रूप से झारखंड की जैव विविधता एवं भूगोल, विशेषकर साहिबगंज ज़िले से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।

21/09/2025

*गंगा नदी में मगरमच्छ दिखा, वन विभाग ने जारी किए सुरक्षा निर्देश*

साहिबगंज। गदाई दियारा क्षेत्र में गंगा नदी में एक मगरमच्छ के देखे जाने की खबर सामने आई है। वन प्रमंडल साहिबगंज ने आमजन से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मगरमच्छ आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते और मुख्य रूप से मछलियों का भोजन करते हैं, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। विभाग ने लोगों से मगरमच्छ से दूरी बनाए रखने, बच्चों और पालतू जानवरों को किनारे से दूर रखने तथा पानी में न उतरने की सलाह दी है। इसके अलावा मगरमच्छ को भोजन न देने और किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी गई है।

यदि किसी को मगरमच्छ दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करने का आग्रह किया गया है। इस संबंध में नागरिक +91 70613 91175 नंबर पर भी सूचना दे सकते हैं।

विभाग ने कहा कि मगरमच्छ की उपस्थिति नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए जनता का सहयोग जरूरी है।

— वन प्रमंडल साहिबगंज

31/08/2025
*मंडरो फॉसिल्स पार्क में जागरूकता कार्यशाला और भ्रमण का आयोजन*मंडरो: सोमवार को मंडरो स्थित फॉसिल्स पार्क में "जियोलॉजिकल...
03/03/2025

*मंडरो फॉसिल्स पार्क में जागरूकता कार्यशाला और भ्रमण का आयोजन*

मंडरो: सोमवार को मंडरो स्थित फॉसिल्स पार्क में "जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया" और वन प्रमंडल के तत्वाधान में एक जागरूकता कार्यशाला और शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएफओ प्रबल गर्ग ने की।

कार्यशाला के दौरान कन्या हाई स्कूल और तेतरिया हाई स्कूल, मंडरो के छात्र-छात्राओं को राजमहल पहाड़ियों में पाए जाने वाले जीवाश्मों की उत्पत्ति, उनके प्रकार, उपयोगिता, उपलब्धता और संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर बच्चों को वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से जीवाश्म विज्ञान की विशेष जानकारी दी गई, जिससे वे इस विषय को और गहराई से समझ सके।

कार्यक्रम के अगले चरण में छात्रों को फॉसिल्स पार्क का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न प्रकार के जीवाश्मों को नजदीक से देखा और उनकी विशेषताओं के बारे में विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ प्रबल गर्ग ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होते हैं। उन्होंने छात्रों को जीवाश्मों के संरक्षण का महत्व समझाते हुए कहा कि यह धरोहर भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी संजोकर रखी जानी चाहिए।

इस दौरान डॉ रणजीत कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं ने जीवाश्मों के महत्व और उनके संरक्षण को लेकर संबोधन में कहा फॉसिल विश्व धरोहर है वो पृथ्वी वनस्पति जीव जंतु जीवन में करोड़ों साल के इतिहास भू वैज्ञानिक घटना को चट्टानों में सहेज कर रखा है उसे नष्ट न करें, आने वाले पीढ़ी को में यह प्रकृति संपत्ति को छोड़ कर जाए।वहीं छात्र छात्राओं में जीवाश्म को लेकर काफी गहरी जिज्ञासा व्यक्त की और विशेषज्ञों से विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के सफल आयोजन से छात्रों में जीवाश्म विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ी और उन्होंने इसे आगे अध्ययन करने की इच्छा व्यक्त की।

इस कार्यक्रम में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से अंजलि पॉल और सौरव पॉल, राजमहल मॉडल कॉलेज के प्राचार्य सह भू वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. रणजीत कुमार सिंह, नमामि गंगे के डीपीओ अमित मिश्रा, वनपाल राणा रंजीत चौधरी, वन रक्षी अंकित झा, फैलिसिटस हांसदा सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे।

साहिबगंज वन प्रमंडल अंतर्गत, बरहरवा स्थित मधु प्रसंस्करण केंद्र, में ग्राम वन प्रबंधन समिति अम्बेरी द्वारा आर्गेनिक शहद ...
20/02/2025

साहिबगंज वन प्रमंडल अंतर्गत, बरहरवा स्थित मधु प्रसंस्करण केंद्र, में ग्राम वन प्रबंधन समिति अम्बेरी द्वारा आर्गेनिक शहद - “राजमहल मधु” का उत्पादन

10/02/2025

उधवा झील, साहिबगंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित रामसर साइट बन गई है! यह झारखंड की पहली रामसर साइट है, जो प्रवासी पक्षियों और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है।

Received the Ramsar certificate from MoEFCC (MoS) Sh Kirti Vardhan Singh at Parvati Arga Ramsar site, Ayodhya
03/02/2025

Received the Ramsar certificate from MoEFCC (MoS) Sh Kirti Vardhan Singh at Parvati Arga Ramsar site, Ayodhya

 #उधवा_पक्षी_अभयारण्य  अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। प्रवासी पक्षियों की शरणस्थली पतौड़ा झील को रामसर साइट...
01/02/2025

#उधवा_पक्षी_अभयारण्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। प्रवासी पक्षियों की शरणस्थली पतौड़ा झील को रामसर साइट घोषित किया गया है। यह उपलब्धि संरक्षण और #पर्यटन के लिए बड़ा कदम है!
📅 सर्वश्रेष्ठ समय: नवंबर-मार्च
Office of Chief Minister, Jharkhand Hemant Soren IPRD Jharkhand TTop FANsFANs

*उधवा पक्षी आश्रयणी में की हुई पक्षियों की गनना*साहिबगंज।झारखंड के इकलौते उधवा झील पक्षी आश्रयणी में पक्षियों के गणना की...
18/01/2025

*उधवा पक्षी आश्रयणी में की हुई पक्षियों की गनना*

साहिबगंज।
झारखंड के इकलौते उधवा झील पक्षी आश्रयणी में पक्षियों के गणना की गई। एशियन वाटर बर्ड सेंसस की टीम ने उधवा पहुंचकर पक्षियों की गणना की। उनके हैबिटेट का आकलन किया।
गणना के दौरान इस वर्ष माइग्रेटरी बर्ड के साथ स्थानीय पक्षी भी काफी संख्या में मिले हैं। झील में माइग्रेटरी बर्ड सेंट्रल एशिया मंगोलिया और साइबेरिया क्षेत्र से पहुंचे हैं। उधवा पक्षी आश्रयणी में कुल 50 से अधिक प्रजाति के वाटर बर्ड और वाटर डिपेंडेंट बर्ड मिले हैं। लगभग 25000 से ज्यादा पक्षी इस साल पहुंचे हैं। एडब्लूसी की टीम को इस बार बताया कि इस वर्ष नए पक्षी के रूप में ब्लैक बिटर्न नामक पक्षी उधवा झील में दिखा है।
झराखंड
एडब्लूसी
के स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ सत्य प्रकाश ने बताया कि बरहेल में 8 हजार, पतौड़ा में 2 से ढाई हजार, पुरीलिया में भी लगभग 8 हजार पक्षी देखे गए हैं। पहली बार उधवा में ब्लैक बिटर्न मिला है। हजारों कॉमन टिल, नॉर्दन पिनटेल भी मिला है। यहां अच्छी संख्या में पक्षी मिले हैं।
बिहार, एडब्लूसी स्टेट कोऑर्डिनेटर
अरविन्द मिश्रा ने बताया कि उधवा एक गजब की जगह है। यहां के पतौड़ा झील में पक्षियों का जुटान अलग तरीके का है। प्रजातियां अलग हैं। कम गहराई वाली झील बरहेल में पक्षियों की विविधता ज्यादा और अनोखी है। बरहेल झील से सटे पुरोलिया झील में 10 हजार के करीब झुंड में पक्षियों का दिखना पक्षी विशेषज्ञों को आश्चर्य में डाल रहा है। बड़े-बड़े पक्षी अभ्यारण्य में भी इतने पक्षियों की कल्पना नहीं कर सकते। पतौड़ा, बरहेल व पुरुलिया व आसपास 20 हजार की संख्या में पक्षी आप आराम से देख सकते हैं। लोगों को पता नहीं है कि इस इलाके में भी पक्षियों की इतनी समृद्धि है। तीन दिनों के अंदर यहां यहां प्रवासी पक्षियों में कॉमन टेल, पिन टेल, रेड कैस्टर पोचार्ड, गार्डवाल सहित इतने पक्षी यहां आ रहे हैं। ब्लैक नेक स्टर्ड भी यहां आ रहा है। आज ब्लैक बिटर्न भी दिखा जो उधवा के लिए नई प्रजाति है। उधवा अदभुत जगह है।
सर्वे टीम में इंडियन बर्ड कंजर्वेशन नेटवर्क मेम्बर अमित जैन, मुरारी सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, उप वन परिसर पदाधिकारी इंद्रजीत भारती, बर्ड वाचर कामदेव कुमार, मनीष कुमार चौधरी, डॉल्फिन प्रहरी अजीजूर रहमान एवं वन कर्मी कुंदन कुमार शामिल थे।
सभी शामिल सदस्यों के अनुसार इस वर्ष सबसे अधिक प्रवासी पक्षी जैसे रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, पर्पल हेरोन, लेसर एडीजूटेंट, ग्रे हीरोंन, ब्लैक हेडेड गल, ब्राउन हेडेड गल, नॉर्दर्न पिंटेल, गार्गिनी, गडवाल, वाइट आई पोचार्ड, ग्रे वेग़टेल, वुड सेंड पाइपर, कॉमन कूट एवं यूरेसियन मार्श हैरियर जैसे अन्य पक्षिओं का झुंड देखा गया है।

*पेड़ पौधा लगाए वातावरण को शुद्ध पर्यावरण को हरा भरा बनाए : डीएफओ*साहिबगंज। पेड़ पौधा लगाए वातावरण को शुद्ध और पर्यावरण ...
23/09/2024

*पेड़ पौधा लगाए वातावरण को शुद्ध पर्यावरण को हरा भरा बनाए : डीएफओ*

साहिबगंज। पेड़ पौधा लगाए वातावरण को शुद्ध और पर्यावरण को हरा भरा बनाए उक्त बाते वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री प्रबल गर्ग ने कही। गंगा मिशन कोलकाता साहिबगंज की ओर से सोमवार को भरतिया रोड़ स्थित बाबूलाल नंदलाल बोहरा चैरिटेबल ट्रस्ट परिसर में मध्य विद्यालय तालाब स्कूल और उत्क्रमित कन्या नगरपालिका विद्यालय के सैकड़ों बच्चो के बीच फलदार पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डीएफओ प्रबल गर्ग ने स्कूली बच्चो को आम, कटहल, अमरूद, बेल, अनार, शरीफा का पौधा स्कूली बच्चो को दिया। वही डीएफओ ने स्कूली छात्रों से वार्ता किए। पेड़ पौधा से रिलेटेड कुछ सवाल किए, जिसका जवाब स्कूली बच्चो ने दिया। वही डीएफओ ने कहा कि बच्चे अपने जन्मदिन या किसी शुभ कार्य में एक फलदार पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करके बड़ा करे। जब वो फल देगा तो सभी परिवार के सदस्य उसे खाए। बेहद आनंद मिलेगा। एक पेड़ हमे मुफ्त में ऑक्सीजन, फल, फल, पूजन के लिए पत्ते, जलावन की लकड़ी, शुद्ध स्वच्छ हवा, हरा भरा पर्यावरण, दवाई में उपयोग आने वाली सामग्री, घरेलू कार्य के लिए और पढ़ाई के लिए सामग्री देती है। अपने आस पास खाली जगह में पेड़ पौधा अवश्य लगाए। वही गंगा मिशन की ओर से डीएफओ प्रबल गर्ग व दोनो स्कूल के प्रधानाध्यापक को आम का पौधा देकर सम्मानित किया। वही नगरपालिका कन्या विद्यालय व मध्य विद्यालय तालाब के स्कूली छात्रों ने फलदार पौधा हाथो में लेकर जागरूकता रैली निकालकर शहरवासियों को पेड़ पौधा लगाने के लिए जागरूक किया। मौके पर तालझारी रेंजर पंचम दुबे, मंडरो रेंजर संजय कुमार, मॉडल डिग्री कॉलेज प्राचार्य डा रंजीत सिंह, जेएससीए डिस्ट्रिक्ट सब कमिटी चेयरमैन सह समाजसेवी चंद्रदेश्वर प्रसाद सिन्हा उर्फ बोदी सिन्हा, चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सतीश सिन्हा, सुरेश निर्मल, निर्भय ओझा, बबलू चौधरी, आलोक भरतीया, सीए मनीष पोद्दार, राजेश गोगी, जगदीश नरसरिया, बबलू सिंह, प्रमोद पांडे, रत्न अग्रवाल, बच्चन कुमार पाठक, नगरपालिका कन्या विद्यालय व मध्य विद्यालय तालाब के प्रधानाचार्य, शिक्षक व सैकड़ो छात्र छात्राए उपस्थित थे।

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