01/08/2026
💥मेरे ख्याल से एक नेता को ऐसा ही होना चाहिए...
आपकी क्या राय है?
कुछ निठल्ले नेता अपने निजी व्यवहार और चाटुकारिता को जनता के सामने रख देते हैं।
फलाने अधिकारी सुनता नहीं है, फलाने अधिकारी से मेरी बहुत अच्छी जान पहचान है, फला फला
अबे जो तुम्हारा काम है वो करो ना...
मैं सच कह रहा हूं
गलती हमारी है...
हम भारतीयों को खासकर उत्तर प्रदेश के, लोगों को भगवान बनाने में बड़ा मजा आता है...
33 कोटि देवी - देवताओं के बाद भी हमारा मन नहीं भरा?
दशकों बीत गए माफियाओं को भगवान बनाते बनाते...
दशकों से आम आदमी इन नेताओं की चौखट पर अपनी अस्मिता बेच कर अपने अधिकार की भीख मांगता आया है...
कुछ चापलूसों को आगे कर इनकी आदत है अपनी जय जयकार कराने की...
जनता की नौकरी चुना है, चिता पे बैठकर रोटी सेकने का नहीं।
हर वो छोटी बात जो आपके आस पास बिखरा पड़ा हुआ है,
उसकी भी जवाबदेही,
किसी नेता की ही है...
उन तमाम नेताओं के चेहरे याद कीजिए जो फिर चुनावों में आपके दरवज्जे हाजिर होंगे...
बस इस बार बहला फुसला कर कोई आपका वोट व्यर्थ न करे....
हर उस बड़े पेड़ को गिराइए जिनकी जड़ों में दीमक घर कर गई है,
चुनावी मेंढकों को तवज्जो मत दीजिए...
पूरे पांच साल विपक्ष जनता के मुद्दों पर सड़क पर लड़ाई लड़ता है तब जाकर कहीं पांच साल बाद वो गर्व से चुनाव लड़ता है,
वही ये नेता, बस नाम के हैं
चुनाव आने का रंगमंचीय खेल बंद होना चाहिए।
जो हमारे लिए हर मुद्दों पर पांच साल खड़ा रहा है,
वही हकदार है विजेता बनने का।
सुनो,
अब दौर बदल गया है,
अब हमें सब दिखता है।
मेरा उद्देश्य अमुक व्यक्ति के समर्थन में लोगो को प्रेरित करना नहीं बल्कि अमुक व्यक्ति के निडर स्वभाव व जनता के तकलीफों के निस्तारण हेतु दिखाई गई दिलचस्पी से बाकियों को आईना दिखाना है जो बड़े बड़े नाम लेकर बैठे हैं, जिनकी जिम्मेदारी एक ऐसा समाजसेवी निभा रहा जिसे अभी जनता ने कुछ नहीं दिया...
आपका अपना प्रिय
असढियाँ बाज़ार
❤️
🙏🏻