04/07/2025
भारत के संविधान की प्रस्तावना में भारत राज्य की प्रकृति को स्पष्ट किया गया है!
जो समाजवादी, संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य हैं।
संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता, न्याय, बंधुत्व और समानता जैसे उद्देश्य भी शामिल हैं।
ऐसे देश में किसी के साथ अन्याय,भेदभाव और मारपीट सिर्फ इसलिए हो रही हैं कि वो मराठी नहीं बोल पाता,वो तमिल या मलयालम भाषा नहीं बोल पाता तो इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता है।
आज महाराष्ट्र कि उन्नति में सबसे बड़ा योगदान देखे तो राजस्थान और गुजरात के लोगो का है।
वो टैक्स का बड़ा हिस्सा वहाँ कि सरकार को देते हैं जिससे महाराष्ट्र आज देश के सबसे उन्नत प्रदेशों मे शुमार है।
वहाँ इस तरह का भाषायी मुद्दा होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
देश और महाराष्ट्र की सरकार दुसरे प्रदेश के लोगो को जो वहाँ रहकर कोई दिहाड़ी मजदूरी से लेकर बड़ा व्यवसाय करते हैं।
सभी को सुरक्षा मिले ऐसे सुनिश्चित करें।
भय मुक्त वातावरण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।