30/08/2021
*श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष :*
आखिर किस विचारधारा के हैं श्रीकृष्ण? आखिर कौन हैं श्रीकृष्ण?
*कृष्ण से बड़ा आंदोलनकारी कौन होगा.*
वो अवतार थे, चाहते तो राजा के घर जन्म लेते, विलासता से जीवन जीते, राज्य की सीमाओं का विस्तार करते लेकिन नहीं. जीवन भर दुखों और संकटों से घिरे रहे, निडर इतने कि जन्म लिया तो दुश्मन के कारागार में, वो भी आधी रात को. जन्म के क्षण से ही मृत्यु का भय झेला, देवकी मां ठीक से निहार भी ना पाईं और वो उफनती यमुना को पार कर यशोदा की गोद में जा पहुंचे.
जन्म से ही कृष्ण चुनौतियों से जूझने लगे. 6 भाइयों की मृत्यु का शोक लेकर धरती पर आए, झूला झूलने वाली आयु में पूतना से लेकर कालिया नाग तक के वार सहे पर हार नहीं मानी. अपने मार्ग पर चलते रहे.
*कृष्ण से बड़ा समाजवादी कौन होगा*
समाज को समानता का अर्थ सबसे पहले कृष्ण ने समझाया. जब इंद्र ने गोकुल पर कहर बरसाया तो कान्हा पूरे गांव को एक पर्वत के नीचे ले आए. बिना किसी जातिगत भेदभाव के कई दिनों तक पूरा गांव एक पर्वत के नीचे रहा. यही नहीं, जब गांव में माखन चुराया तो हमेशा बांट कर खाया. यशोदा की मार सही पर माखन से मित्रों का पेट भरा. अमीर गरीब का कोई भेदभाव नहीं.इनसे बड़ा समाजवादी कौन होगा.
*कृष्ण से बड़ा क्रांतिकारी कौन होगा*
मेरी नजर में कृष्ण दुनिया के पहले क्रांतिकारी थे जिन्होंने सिस्टम को चुनौती दी. कंस जैसे क्रूर राजा को गोकुल जैसे छोटे से गांव से ललकारा. बाल गोपालों की फौज बनाई. छोटी सी उम्र में साजिश का सच जानते हुए भी कंस की मथुरा जा पहुंचे. कंस को ललकारा. भरी सभा में कंस वध किया. लेकिन स्वयं राजगद्दी पर नहीं बैठे. अपने नाना को बिठाया जिन्हें हटाकर कंस ने राज हथिया लिया था. क्रांति के बाद सत्ता की ललक नहीं न्याय का पाठ पढ़ाया.
*कृष्ण से बड़ा धैर्यवान कौन होगा*
चाहते तो शिशुपाल को पल में समाप्त कर देते लेकिन बुआ को दिया वचन पूरा किया. 100 गलतियों तक शिशुपाल की गालियां सुनी फिर वध किया. कृष्ण तो ये भी जानते थे कि उनका प्रिय भांजा महाभारत में वीरगति को प्राप्त होगा लेकिन धैर्य की पराकाष्ठा देखिए. अभिमन्यु का रहस्य आखिरी समय तक छिपाए रखा. नियति को उसका काम करने दिया कोई हस्ताक्षेप नहीं.
*कृष्ण से बड़ा दानवीर कौन होगा*
राजा बनने के बाद भी गरीब मित्र सुदामा को भूले नहीं. सुदामा की पत्नी के दिए चावल का