02/10/2026
कलेक्टर सुश्री बाफना ने एफएलएन कार्यक्रम की समीक्षा की
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गुणवत्ता सुधार पर दिया विशेष जोर
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कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में गत दिवस शाजापुर जिले में मिशन अंकुर (FLN) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने बैठक में एफएलएन कार्यक्रम की प्रगति, मेंटरिंग, विद्यालय मॉनिटरिंग, शिक्षण सामग्री के उपयोग, शिक्षक प्रशिक्षण एवं शिक्षकों के शैक्षणिक प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिले के सभी विकासखंडों के बीआरसी द्वारा विकासखंडवार प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यक्रम की प्रगति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने निर्देश दिए कि मेंटरिंग से संबंधित डेटा का बीआरसी स्तर पर क्रॉस-चेक किया जाए, ताकि दर्ज जानकारी एवं वास्तविक स्थिति में किसी प्रकार का अंतर न रहे। उन्होंने सभी मेंटर्स को 120 प्रतिशत मेंटरिंग लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने तथा केवल विद्यालय भ्रमण की संख्या के बजाय कक्षा में शिक्षण की गुणवत्ता और बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक सामग्री का विद्यालयों में प्रभावी उपयोग दिखाई देना चाहिए तथा सामग्री बच्चों की पहुंच में उपलब्ध रहे। प्रत्येक शिक्षक द्वारा शिक्षक संदर्शिका का नियमित एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जो शिक्षक, शिक्षक संदर्शिका का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उनकी जानकारी संबंधित स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा गया।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने वर्कबुक की नियमित जांच के साथ गुणवत्तापूर्ण फीडबैक देने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि मेंटर सभी कक्षाओं एवं विषयों का अवलोकन करें तथा अवलोकन के आधार पर शिक्षकों को आवश्यक शैक्षणिक सहयोग, मार्गदर्शन एवं फीडबैक प्रदान करें।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने निर्देश दिये कि अतिथि शिक्षकों को सात दिवस के भीतर प्रशिक्षण प्रदान करें। जिन शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया जा चुका है, वे प्रशिक्षण में सीखी गई गतिविधियों एवं शिक्षण पद्धतियों का प्रभावी उपयोग कक्षा-कक्ष में सुनिश्चित करें।
विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए प्रकाश व्यवस्था, पंखे एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में एसएमसी की बैठक प्रतिमाह अनिवार्य रूप से आयोजित करने तथा बैठक में विद्यार्थियों की उपस्थिति, सीखने के स्तर एवं विद्यालय की आवश्यकताओं पर चर्चा करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने प्रत्येक बीआरसीसी कार्यालय में एक डेमो कक्षा विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षक एवं मेंटर वहां प्रभावी एफएलएन गतिविधियों, शिक्षण सामग्री एवं कक्षा-कक्ष की प्रक्रियाओं का प्रदर्शन एवं अभ्यास कर सकें।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि मोहन बड़ोदिया एवं शाजापुर विकासखंड में अन्य जिला अधिकारियों के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर का अवलोकन एवं जांच कराई जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर की स्थिति को समझना एवं आवश्यकतानुसार शैक्षणिक सुधार की कार्ययोजना तैयार करना है।
बैठक में एफएलएन कार्यक्रम की गुणवत्ता सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग, डेटा की शुद्धता, शिक्षण सामग्री का प्रभावी उपयोग, शिक्षक संदर्शिका का प्रयोग, वर्कबुक फीडबैक, मेंटरिंग की गुणवत्ता एवं विद्यालय स्तर पर एसएमसी की सक्रियता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, डाइट प्राचार्य, जिला परियोजना समन्वयक (DPC), समस्त एपीसी संबंधित बीआरसी, डाइट टीम, बीएसी एवं जनशिक्षक उपस्थित रहे।
मिशन अंकुर से श्री रवि विश्वकर्मा सहित सभी विकासखंडों की मिशन अंकुर टीम के सदस्य भी बैठक में उपस्थित थे।
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