04/06/2026
बिहार के सम्मान और भविष्य की लड़ाई
बिहार ने वर्षों तक जाति, धर्म और तात्कालिक लाभ की राजनीति का परिणाम भुगता है। बीते विधानसभा चुनाव के बाद भी प्रदेश के सामने बेरोज़गारी, अपराध, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी गंभीर चुनौतियाँ बनी हुई हैं। इसका असर केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहारी भी कई बार भेदभाव, अपमान और गलत धारणाओं का सामना करते हैं।
इसी पृष्ठभूमि में जनसुराज अभियान के सूत्रधार Prashant Kishor ने बिहार के सम्मान, स्वाभिमान और विकास की लड़ाई में जनता से साथ देने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि बिहार को अपराध, भ्रष्टाचार, पलायन और बदहाली के चक्र से बाहर निकालना है, तो समाज को जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास, शिक्षा, रोजगार और सुशासन के मुद्दों पर एकजुट होना होगा।
बिहार को फिर से समृद्ध, शिक्षित और खुशहाल बनाने के लिए जागरूक नागरिकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। बदलाव तभी संभव है जब जनता अपने भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय ले और एक बेहतर बिहार के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए।
— सुधीर गुप्ता
प्रदेश उपाध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ, जनसुराज
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