29/12/2016
प्रधानमन्त्री जी ने कहा था 50 दिन में सब कुछ ठीक हो जायेगा, 50 दिन हो रहे हैं और सब कुछ ठीक नहीं हो रहा है।
हम चाहते है कि प्रधानमन्त्री देश को बताये कि 8 नवम्बर के बाद कितना काला धन निकला है? देश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?
कितने रोजगार गये? कितने लोगों ने Demonetisation के कारण अपनी जान खोई और सरकार ने उन लोगों को मुआवजा दिया है कि नहीं,अगर नहीं तो क्यूँ नहीं?
जब प्रधानमन्त्री ने ये निर्णय लिया तो किससे पूछ कर लिया, किन एक्सपर्ट से सलाह ली उनके हमें नाम बता दें?
8 नवम्बर से 2 महीने पहले किन लोगों ने 25 लाख से ज्यादा बैंक में डिपाजिट किया है, उनकी लिस्ट प्रधानमंत्री देश को दें।
Demonetisation का यज्ञ प्रधानमन्त्री ने 50 परिवारों के लिए किया है, नुकसान गरीबों का हुआ है, बलि किसानों, मजदूरों, मिडिल क्लास, युवाओं और छोटे दुकानदारों की चढ़ाई गयी है. सबका नुकसान हुआ है और इस नुकसानm के लिए सरकार को इन सबको मुआवजा देना चाहिए।
मुआवजा कैसे देना चाहिए कांग्रेस पार्टी इसकी मांग कर रही है।
जो लोगों का पैसा बैंक में डलवाया है वो लोगों का पैसा है ना कि सरकार और बैंक का, तो जो 24000 की लिमिट लगाई गयी है उसे हटाइए क्यूंकि इससे आप लोगों की आर्थिक स्वतंत्रता छीन रहे हैं, उनकी आर्थिक स्वतंत्रता आप उन्हें वापस दीजिये।
किसान को ज़बरदस्त चोट लगी है, सरकार उनका कर्जा माफ़ करे और पिछले 2 महीने के नुकसान के लिए MSP पर 20% बोनस दें।
सरकार BPL परिवार की एक महिला को उनके खाते में 25000 रूपये दें।
मनरेगा के दिन और दिहाड़ी को सरकार दोगुना करे।
छोटे दुकानदारों को सरकार Sales tax और Income tax me 50% की छूट दें।
प्रधानमन्त्री को देश को ये बताना है कि जो लोगों को उन्होंने चोट पहुंचाई है उनकी आर्थिक स्वतंत्रता छीनी है, इसका कारण क्या था?
उनको बताना है कि कितना काला धन आया ? उनको ये भी बताना है कि स्विस अकाउंट में खाता धारकों की लिस्ट कब लोकसभा और राज्यसभा में रख रहे हैं हम जानना चाहते हैं कि चोर कौन हैं? मोदी जी ये भी समझा दें कि वो चोरों को बचा क्यूँ रहे हैं?