13/07/2026
#ज्वालामुखी: सच्चाई छुपाने से नहीं छुपती।
7 जुलाई 2026 को टेंपल ऑफिसर/तहसीलदार कार्यालय में मेरे साथ जो घटना हुई, उससे संबंधित कुछ वीडियो और जानकारी मैं अपने सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक कर रहा हूँ।
मेरा आरोप है कि उस दिन एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत मुझ पर हमला किया गया। इस मामले में अप्पू शर्मा, अश्विनी शर्मा और आकाश शर्मा के नाम मेरी शिकायत में शामिल हैं। घटना से संबंधित वीडियो भी सार्वजनिक किए जा रहे हैं। मेरा केवल इतना कहना है कि बंद कमरे में जो कुछ भी हुआ, उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
मैं पहले भी कह चुका हूँ और आज भी दोहराता हूँ कि यह घटना माँ ज्वाला की पावन नगरी में हुई है। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और मुझे उम्मीद है कि निष्पक्ष जाँच के बाद सत्य अवश्य सामने आएगा।
मैं यह भी सार्वजनिक रूप से कहना चाहता हूँ कि यदि भविष्य में मुझे या मेरे परिवार के किसी सदस्य को किसी प्रकार की हानि पहुँचती है, तो मेरी शिकायतों और एफआईआर में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उनके संबंध में निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए। मैंने पूर्व में भी अपनी तथा मेरी पत्नी द्वारा ज्वालामुखी पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायतों में जिन तथ्यों का उल्लेख किया है, वे संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में हैं।
मैं सत्य और जनहित के मुद्दों के लिए आवाज़ उठाता रहा हूँ और जीवन की अंतिम साँस तक जनता की समस्याएँ प्रशासन के सामने रखता रहूँगा। न मैं रुका हूँ, न झुका हूँ, और न ही झुकूँगा। चाहे कितने भी षड्यंत्र क्यों न रचे जाएँ, मुझे सत्य बोलने और जनहित के लिए आवाज़ उठाने से कोई नहीं रोक सकता।
मेरा आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि इस वीडियो और तथ्यों को ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र तथा पूरे हिमाचल प्रदेश तक पहुँचाने में सहयोग करें, ताकि निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे।
सत्य को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन उसे हमेशा के लिए छुपाया नहीं जा सकता।
बाकी निर्णय मैं ज्वालामुखी की जागरूक जनता पर छोड़ता हूँ। सभी उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जनता स्वयं तय करेगी कि सच्चाई क्या है।
जय माँ ज्वाला। 🚩