18/04/2026
17 अप्रैल 2026 — लोकतंत्र और देश की बहनों के लिए काला दिन।
आज लोकतंत्र के मंदिर लोकसभा में जो हुआ, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि समूची नारी शक्ति का अपमान है। देश की माताओं-बहनों को उनके हक का 33% आरक्षण देने वाले 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने मिलकर गिरा दिया।
हैरानी की बात तो यह है कि आधी आबादी के अधिकारों का गला घोंटने के बाद ये दल सदन में जश्न मना रहे थे, जयनाद कर रहे थे। इनका यह अट्टहास देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का मजाक है।
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और उसके साथियों ने महिलाओं के हितों में रोड़ा अटकाया है। नारी शक्ति के अपमान की यह गूँज अब शांत नहीं होगी, बल्कि बहुत दूर तक जाएगी। साथ ही हक छीनने वालों को अब 'नारी शक्ति के आक्रोश' का सामना करना पड़ेगा।
विपक्ष की यह संकुचित और महिला-विरोधी सोच उन्हें भारी पड़ेगी। साल 2029 के लोकसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि हर स्तर और हर चुनाव में देश की महिलाएँ अपने इस अपमान का हिसाब चुकता करेंगी।
नारी शक्ति का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान! ✊🇮🇳