Dr. Vikram Bagaria

Dr. Vikram Bagaria MBBS MD Assistant Professor Department of Psychiatry Government S K Medical College Sikar

14/10/2024

Despite our progress in various fields mental health issues still carry significant stigma in our society.Many people still hesitate to discuss their emotional and psychological issues due to fear of judgment or repercussions on their careers and reputation.
The stigma can prevent early intervention and support, which exacerbates the problem.



03/05/2024

Exam stress is common and understandable, but remember to take breaks, prioritize self-care, and break your study sessions into manageable chunks.
Best of luck young minds, Just go and crack



18/04/2024

कल धर्म और जाति से ऊपर उठ कर राष्ट्रहित में मतदान अवश्य करे और करवाए।

I am proud Sikarite
Love you forever

विश्व ऑटिज़म दिवस हर साल 2 अप्रैल को ऑटिज़म स्पेक्ट्रम डिसआर्डर (ASD) के बारे जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता हैAutism...
02/04/2024

विश्व ऑटिज़म दिवस हर साल 2 अप्रैल को ऑटिज़म स्पेक्ट्रम डिसआर्डर (ASD) के बारे जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है
Autism ऑटिज्‍म(बच्चो का मानसिक रोग) के लक्षण

अपने नाम पर प्रतिक्रिया देने में विफल रहना।
गले लगाने/पकड़ने पर विरोध करना, अकेले खेलना।
नज़रें मिलाने से बचना, चेहरे के अभिभावों का न होना।
न बोलना या बोलने में देरी करना।
वार्तालाप को शुरू नहीं कर पाना या जारी नहीं रख पाना
शब्दों या वाक्यांशों को दोहराना लेकिन उनके उपयोग की समझ न होना।
सरल प्रशनों या दिशाओं को समझने में असमर्थता।
अपनी भावनाओं को व्यक्त न करना और दूसरों की भावनाओं से अनजान रहना।सामाजिक संपर्क से बचना।
कुछ गतिविधियों को दोहराना, जैसे - हिलना, घूमना या हाथ फड़फड़ाना या खुद को नुक्सान पहुंचाने वाली गातीधियाँ (जैसे सिर पटकना)।
विशिष्ट दिनचर्या विकसित करना और थोड़े ही बदलाव में परेशान हो जाना। लगातार हिलते रहना।
असहयोगी व्यवहार करना या बदलाब प्रतिरोधी होना।
समन्वय की समस्याएं या अजीब गतिविधियां करना (जैसे पैर के पंजों पर चलना)।
रौशनी, ध्वनि और स्पर्श के प्रति असामान्य रूप से संवेदनशील होना और दर्द महसूस न करना।
कृत्रिम खेलों में शामिल न होना।
भोजन की अजीब पसंद होना, जैसे कि केवल कुछ खाद्य पदार्थों को खाना या कुछ खास बनावट वाले पदार्थों का ही सेवन करना



10/09/2023

World Su***de Prevention Day 2023
आत्महत्याओं को रोकने के बारे में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से प्रति वर्ष 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है.
आत्महत्या के मुख्य वजह तनाव डिप्रेशन आर्थिक तंगी. युवाओं मे पढ़ाई का बोझ. वास्तविकता से परे उम्मीद रखना पारिवारिक झगड़े है. अवसाद के लक्षणो
अत्यधिक उदासी
किसी भी काम में अरुचि
भविष्य के बारे में सोच कर निराशा
शरीर में ऊर्जा की कमी
रोने की इच्छा
आत्मविश्वास की कमी

एक आम डॉक्टर की आम जनता से आत्ममंन्थ की अपीलआख़िर डॉक्टर हड़ताल क्यों किए है??सबसे पहले मैं यह जानना चाहता हूँ कि डॉक्टर...
29/03/2023

एक आम डॉक्टर की आम जनता से आत्ममंन्थ की अपील

आख़िर डॉक्टर हड़ताल क्यों किए है??

सबसे पहले मैं यह जानना चाहता हूँ कि डॉक्टर को सरकार सेवक मानती है या व्यवसायी??

अगर सेवक मानती है तो उसको हॉस्पिटल की ज़मीन, मशीन, स्टाफ फ्री दे और योग्यतानुसार न्युनतम सेलरी दे जिस से घर चला सके।। कंज्यूमर कोर्ट से मुक्ति दे !!

मगर इसके विपरीत कॉमर्शियल रेट पर बिजली पानी फायर UDT और 54 तरह के लाइसेंस पूरी फ़ीस देकर लेने पड़ते हैं! सरकार का एक भी लाइसेंस फ्री नहीं हैं सबका मूल्य चुकाना पड़ता हैं।

अगर सरकार व्यवसायी मानती है तो हमने माँ-बाप के पैसे से पढ़ाई की, ज़मीन ख़रीदी, मशीनें लगायी, स्टाफ रखा तो हमें भी एक आम व्यवसायी की तरह शांति से अपना काम करने दे और कमाई के अनुसार टैक्स ले!!

हड़ताल इसलिए नहीं है कि डॉक्टर्स की कोई माँग है मगर इसलिए है कि सरकार की एक माँग प्राइवेट हॉस्पीटल पूरा नहीं कर पा रहें ।

सरकार की माँग है कि प्राइवेट हॉस्पीटल में कोई भी मरीज आकर कहे कि इमरजेंसी है तो आप ना नहीं कह सकते। आप के पास वो स्पेशलिटी नहीं है तो सही अस्पताल तक पहुँचाना आपकी जिम्मेदारी।
अब चार बातें है विचार करने योग्यः
1. मरीज के लिये हर तकलीफ़ इमरजेंसी है क्योंकि हॉस्पीटल पिकनिक की जगह नहीं है तो सारी ही इमरजेंसी हैं तो क्या हॉस्पीटल सबका इलाज फ्री करे??
2. चूँकि मैं मानसिक रोग का डॉक्टर हूँ और हर्टअटैक का मरीज आ गया तो क्या होगा?? अगर मैं इलाज करूँ तो करूँ क्या मुझे आता नहीं और अगर कुछ करना शुरू किया तो मैंने मरीज का टाइम ख़राब कर दिया अब उसको गंभीर परिणाम की संभावना बढ़ गयी क्योंकि इमरजेंसी में तो खेल टाइम का ही हैं। अब क्या होगा मरीज़के रिश्तेदार मेरे साथ मार पिटाई, अस्पताल में तोड़ फोड्ड और कोर्ट केस करेंगे और अगर मैं अपनी स्पेशलिटी का हवाला देकर इलाज के लिये मनाकर दूँ तो मेरी RTH के तहत शिकायत। मतलब अब हॉस्पिटल में लीगल प्रॉब्लम्स बढ़नी तय हैं।
3. अब रही बात मरीज को सही स्पेशलिटी के हॉस्पीटल में पहुँचाना तो 80% से ज़्यादा छोटे हॉस्पीटल के पास अपनी एम्बुलेंस नहीं होती तो अब डॉक्टर अपनी कार से मरीज छोड़ने जाये? कितना तर्कसंगत हैं???
4. अब मानलो कि मेरी ख़ुद की स्पेशलिटी का मरीज़ आ गया तो मैं उसका इलाज कर दूँगा मगर मरीज ने कह दिया कि मेरी तो इमरजेंसी है तो सरकार कहती है कि इस से आप पैसे नहीं लोगे तो मैं हॉस्पीटल व घर के खर्चे कैसे चलाऊँगा??? हर व्यक्ति अपने व्यवसाय के संदर्भ में सोच कर देखे और फ़ैसला करे कि सरकार का ये बिल कितना प्रैक्टिकल हैं??

हम सभी प्राइवेट हॉस्पीटल से ही इलाज क्यों करवाना चाहते हैं ख़ास कर इमरजेंसी में ??

क्योंकि हमें तुरंत अच्छे से अच्छा इलाज मिल जाता है और जान बच पाती हैं।ऐसा इसलिए संभव हो पाता है कि प्राइवेट के पास बेस्ट मशनरी, बेस्ट मेडिसिन व रिर्सोस होते है क्योंकि आप उसके लिये पेमेंट करते हो।। तो अगर ये सब अब प्राइवेट को फ्री करना है तो आपको पता ही है कि कैसा स्टाफ, मेडिसिन व मशीने मिलने वाली है और उसका परिणाम कैसा आने वाला हैं…….गई जान तो …….ऐसा सिर्फ़ सरकार की वोट की राजनीति के चलते प्राइवेट सिस्टम को ख़त्म करने से हुआ!!

स्वास्थ्य सिर्फ़ इलाज ही नहीं हैं….. शुद्ध भोजन, साफ़ पानी, हवा व कोई नशा न करना भी ज़रूरी है। तो सरकार पहले स्वस्थ रहने के लिए ये सब तो उपलब्ध करवाये। शराब व तम्बाकू बेचना ज़रूरी है क्योंकि मोटा टैक्स जो मिलता है! और सरकार चाहती है कि रात भर कोई शराब पी कर 2 बजे उलटियाँ करता हुआ आये और हम उनका फ्री में इलाज कर दे क्योंकि इमरजेंसी हैं???

हम सभी GST, Income tax और भी कई Tax दे रहें है तो basic सुविधाएँ सरकार की ज़िम्मेदारी है इसलिए स्वास्थ्य, इलाज की गारंटी सरकार दे वो अपने तंत्र की असमर्थता के लिए प्राइवेट की क्यों बलि चढ़ा रहा हैं?

कल को सरकार राइट टू राशन, फ़ूड, ट्रैवल, कपड़ा, मकान सब ले आएगी तो क्या सभी ढाबों, रेस्टोरेंट, होटल, टैक्सी, प्परचूनी वाले को, कपड़े वाले को बाध्य थोड़े ही कर सकते हो कि ज़रूरतमंद को फ्री दो ??? क्या दे पाओगे??

एक ज़ोरदार बात ये है इस बिल में कि एक रेगुलेटरी अथॉरिटी बना दी जिसमें पंच, सरपंच, पार्षद्, ज़िला प्रमुख , आईएएस और एक दो मेडिकल वाले होंगे जो हॉस्पिटल की शिकायत का निवारण करेंगे, जुर्माना लगाएँगे!
तो क्या होगा, इंस्पेक्टरी राज और आगे चल कर भ्रष्टाचार??? निवारण का तरीक़ा वही जो आप लाल बती जम्प करने पर करते हो !!

इस देश में आतंकवादी, देशद्रोही को भी कोर्ट जानेका अधिकार है मगर इस बिल के अनुसार रेगुलेटरी अथॉरिटी का फ़ैसला ही आख़िरी होगा। डॉक्टर या अस्पताल इसके ख़िलाफ़ न्यायाल्य नहीं जा सकता!!! ये कितना तर्कसंगत हैं??

अब सरकार इसका प्रचार कर रही है कि हमने प्राइवेट में फ्री इलाज की गारंटी दी है तो रोज़ लड़ाई झगड़ें, केस मुक़दमे होंगे अंततःप्राइवेट हॉस्पिटल, ख़ास कर छोटे को बंद होना पड़ेगा!!

प्राइवेट मेडिकल कॉलेज एक-एक करोड़ में एमबीबीसी, एमडी करवा रहे है। फ़ीस का निर्धारण सरकार की सहमति से और फिर सरकार चाहती है कि ये डॉक्टर फ्री इलाज करे। सरकार कह रही है कि चिकित्सक अपना सेवा धर्म भूल गया । सरकार ने ख़ुद इतनी फ़ीस की अनुमति देकर सेवा धर्म भूलने पर मजबूर किया हैं!!

इस बिल से आम जानता को क्या नुक़सान होने वाला हैः
1. डॉक्टर पेशेंट के रिश्ते ख़राब होंगे और इसका दुष्परिणाम् दोनों को भुगताना पड़ेगा सरकार का कुछ नहीं बिगड़ेगा
2. प्राइवेट हॉस्पीटल में त्वरित्, उच्च गुणवत्ता का इलाज नहीं मिल पाएगा और ज़्यादा जानें जाएगी और एक बार फिर सरकार को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा ।भुगतो जिसके घर का चिराग़ बुझा 😢
3. हॉस्पीटल पर इस्पेक्टरी राज , भ्रष्टाचार और अंततः जनता पर उसका भार क्योंकि अस्पताल कब तक भुगतेगा
4. इस बिल के माध्यम से सरकार प्राइवेट हॉस्पीटल को जनता का दुश्मन बता कर अपना वोट बैंक साधना चाह रही है उसको कोई मतलब नहीं है आपके और मेरे स्वास्थ्य से !!!
तो आपसे विनम्र निवेदन है कि इस बिल के मूल उद्देश्य को समझे और निर्णय करें
“काला क़ानून , जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ “
🙏🙏

Address

Sikar

Opening Hours

Monday 2pm - 6pm
Tuesday 2pm - 6pm
Wednesday 2pm - 6pm
Thursday 2pm - 6pm
Saturday 2pm - 6pm
Sunday 11am - 2pm

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dr. Vikram Bagaria posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Dr. Vikram Bagaria:

Share