29/07/2026
क्या किसानों को जानबूझकर शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ भड़काया जा रहा है?
मध्य प्रदेश में मूंग का सबसे अधिक उत्पादन विदिशा और नर्मदापुरम संसदीय क्षेत्रों में होता है। यही कारण है कि मूंग खरीदी को लेकर सबसे अधिक असंतोष भी इन्हीं क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।
ये दोनों संसदीय क्षेत्र लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के सबसे मजबूत गढ़ रहे हैं। केवल लोकसभा ही नहीं, बल्कि अधिकांश विधानसभा सीटों पर भी भाजपा का मजबूत जनाधार रहा है। विदिशा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व स्वयं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करते हैं।
ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या किसानों के असंतोष को राजनीतिक दिशा देने की कोशिश हो रही है? क्या ऐसी परिस्थितियां बनाई जा रही हैं, जिससे किसान शिवराज सिंह चौहान से नाराज हों?
मूंग खरीदी को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि PM-AASHA योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों के उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही खरीद की स्वीकृति दे सकती है। इसके बाद शेष खरीदी राज्य सरकार को स्वयं करनी होती है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि PM-AASHA योजना की गाइडलाइन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) द्वारा तय की जाती है। केंद्रीय कृषि मंत्री अपने स्तर पर न तो किसी राज्य के लिए अलग से खरीद का लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं और न ही योजना के नियमों से अलग जाकर स्वीकृति दे सकते हैं। केंद्र सरकार केवल PM-AASHA योजना के प्रावधानों के अनुसार ही राज्यों को खरीद की स्वीकृति प्रदान करती है।
इतना ही नहीं, देशभर में स्वीकृत कुल 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग खरीदी में से 4,54,580 मीट्रिक टन की स्वीकृति अकेले मध्य प्रदेश को दी गई है, जो कुल स्वीकृति का लगभग 87 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
इसके बाद अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि केंद्र से स्वीकृत लक्ष्य के अनुरूप खरीदी समय पर और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिवराज सिंह चौहान जब 17 वर्षों तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, तब भी मूंग खरीदी इन्हीं नियमों के तहत होती थी, लेकिन किसानों को इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा। आज केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में भी वे लगातार किसानों के हित में पहल कर रहे हैं और राज्य सरकार से किसानों की पूरी मूंग खरीदी सुनिश्चित करने का अनुरोध कर रहे हैं।
ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब केंद्र ने मध्य प्रदेश को देश में सबसे अधिक खरीदी की स्वीकृति दी है और केंद्रीय कृषि मंत्री लगातार किसानों के हित में प्रयास कर रहे हैं, तब भी उन्हीं पर आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं? किसान भाई किसी भी भ्रम में ना आयें, मामा शिवराज जब मुख्यमंत्री थे, तब भी आपकी चिंता करते थे और आज भी कर रहे हैं.
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