28/10/2025
|| एक सवाल ||
सिंगरौली के हित में ऐसा क्या किया, जो पुनः भाजपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिया...?
दरअसल, आज हम बात कर रहे हैं Kant Deo Singh जी की। ये कभी चर्चाओं में नहीं रहे, क्योंकि इन्हें जुबान बंद करना आता था। सिर्फ अपनी ही नहीं, संगठन की भी।
गौरतलब है कि, 2009 में भाजपा से महापौर की टिकट मिलने के बाद भी बहुजन समाज पार्टी की महिला प्रत्याशी रेनू शाह जी से कांत देव सिंह जी को हार का सामना करना पड़ा। जबकि, उस वक्त प्रदेश में भाजपा की सरकार थी।
अब बात आती है कि, दोबारा प्रदेश उपाध्यक्ष क्यों बनाया गया...?
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांत देव सिंह जी ने RSS को लगभग 10 एकड़ जमीन दान में दी है। उसी का कर्ज RSS उतार रही है। हालांकि, अगर उपलब्धि की बात करें तो, पूरे भाजपा के संगठन में कोई भी एक उपलब्धि बताने को तैयार नहीं है।
पिछली बार प्रदेश उपाध्यक्ष पद के लिए 10 एकड़ जमीन दान दी गई थी। अब लोगों के मन में सवाल है कि, 5 साल बाद फिर से इन्होंने ऐसा क्या दान दे दिया कि, बिना किसी उपलब्धि के भाजपा ने पुनः प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिया।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांत देव सिंह जी ने संगठन के लिए तो कभी काम नहीं किया लेकिन, कंपनियों में इनका ठेकेदारी का काम बड़े ही शांत माहौल में चल रहा है।
कुछ खास नजदीकी रखने वालों की मानें तो सिंगरौली जिले की तीनों विधानसभा की टिकट वितरण में भी इनका बहुत बड़ा सहयोग रहता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष होने के नाते प्रदेशभर में इन्होंने कितने कार्यक्रम किए, संगठन निर्माण में क्या योगदान दिया, इसकी जानकारी किसी भाजपाई के पास नहीं है।
2024 में इन्हें सीधी लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने वाला था लेकिन, अफसोस कि जिन्हें इन्होंने विधायक बनाया, वही विधायक इनके विपक्ष में वोट कर आए।
अब कर्मठ कार्यकर्ता भी संकोच में हैं कि, वो ईमानदारी और निष्ठा से काम करें या फिर RSS के दान पात्र में दान देकर पद प्राप्त करें।