20/07/2026
*सतना प्रवास के दौरान इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली की टीम ने किया चन्द्राश्रय वृद्ध आश्रम का भ्रमण*
*वृद्धजनों की सेवा एवं सम्मान की उत्कृष्ट मिसाल बना चन्द्राश्रय वृद्ध आश्रम*
सतना प्रवास के दौरान इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सिंगरौली की टीम द्वारा मानव सेवा एवं वृद्धजन कल्याण के उद्देश्य से संचालित चन्द्राश्रय वृद्ध आश्रम का सौजन्य भ्रमण किया गया। *इस अवसर पर रेडक्रॉस टीम में सचिव डॉ. ओ. पी. राय, आजीवन सदस्य एवं फर्स्ट एड ट्रेनर डॉ. सुशील सिंह चंदेल तथा रेडक्रॉस कोऑर्डिनेटर जय प्रकाश दुबे उपस्थित रहे।*
भ्रमण के दौरान टीम ने आश्रम की व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया तथा आश्रम के संचालन, भौगोलिक स्थिति एवं वृद्धजनों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। टीम ने आश्रम में निवासरत सभी वृद्ध माता-पिता से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके स्वास्थ्य, दिनचर्या एवं आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की।
चन्द्राश्रय वृद्ध आश्रम मध्य प्रदेश के सतना शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर नीमी ग्राम में स्थित है। यह आश्रम लगभग 7 एकड़ के विस्तृत एवं प्राकृतिक वातावरण से युक्त परिसर में विकसित किया गया है। *इस आश्रम की स्थापना पूर्व मंत्री स्वर्गीय लालता प्रसाद खरे द्वारा अपनी निजी संपत्ति विक्रय कर मानव सेवा के उद्देश्य से की गई थी।* वर्तमान में यह आश्रम समाज के निराश्रित एवं असहाय वृद्धजनों के लिए सेवा, समर्पण और करुणा का उत्कृष्ट उदाहरण बना हुआ है।
*आश्रम में कुल 24 आवासीय कक्ष एवं 2 विशाल हॉल उपलब्ध हैं, जिनमें वर्तमान में लगभग 31 वृद्धजन (पुरुष एवं महिलाएं) निवास कर रहे हैं। यहां रहने वाले सभी वृद्धजनों को पूर्णतः निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित नाश्ता एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।* प्रत्येक वृद्धजन के सम्मानजनक जीवन को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आवासीय कक्षों की व्यवस्था की गई है।
आश्रम परिसर में एक मंदिर, चिकित्सालय, जलापूर्ति हेतु पानी की टंकी सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे वृद्धजनों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं शांत वातावरण प्राप्त होता है।
भ्रमण के दौरान आश्रम के संचालन एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी श्री दीपक जी द्वारा प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि आश्रम का संचालन एक पंजीकृत ट्रस्ट द्वारा किया जाता है तथा आश्रम के समुचित संचालन, वृद्धजनों के भोजन, स्वास्थ्य देखभाल, रखरखाव एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर प्रतिवर्ष लगभग ₹35 लाख का व्यय होता है। उन्होंने आश्रम के संचालन में समाज के सहयोग एवं दानदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली की टीम ने आश्रम में उपलब्ध स्वच्छ, अनुशासित एवं सेवा-भावना से परिपूर्ण व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज में मानवीय संवेदनाओं, सेवा और सम्मान की प्रेरणा प्रदान करते हैं। टीम ने आश्रम प्रबंधन एवं वहां कार्यरत सभी सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी मानव सेवा एवं सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में हरसंभव सहभागिता का विश्वास व्यक्त किया।