29/12/2025
क्या आप जानते हैं कि राजपूतों को 'सिंह' शब्द की गौरवशाली उपाधि किसने दी थी?
जी हाँ, हम बात कर रहे हैं महान पराक्रमी, खंगार राजवंश के चंद्रवंशी क्षत्रिय राजपूत राजा, महाराजा खेतसिंह खंगार जूदेव की।
आज बुंदेलखंड (गढ़कुंडार) के संस्थापक और सम्राट पृथ्वीराज चौहान के निकटतम सामंत, महाराजा खेतसिंह जी की जयंती है।
⚔️ 62 किलो की तलवार और एक शिला के दो टुकड़े!
तारागढ़ के महाराज की पुत्री का स्वयंवर चल रहा था। सौराष्ट्र के सभी बड़े राजपूत राजा आमंत्रित थे। सभा में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के सबसे करीबी और पराक्रमी सामंत, महाराजा खेतसिंह खंगार भी मौजूद थे।
शर्त कठिन थी, लेकिन महाराजा खेतसिंह का बाहुबल अद्भुत था। उन्होंने अपनी 62 किलो वजनी तलवार उठाई और एक ही वार में विशाल शिला को दो भागों में चीर दिया!
इस अद्भुत पराक्रम से उन्होंने स्वयंवर जीत लिया।
आज उसी महान वीर योद्धा, जिन्होंने राजपूतों को 'सिंह' की उपाधि दी, महाराजा खेतसिंह खंगार जूदेव की 881वीं जयंती है।
उनका जन्म आज ही के दिन 1140 ई. में जूनागढ़ (गुजरात) में हुआ था। आगे चलकर उन्होंने जिझौतीखंड (वर्तमान बुंदेलखंड) में अपना राजपथ स्थापित किया और गढ़कुंडार को राजधानी बनाया।
ऐसे महावीर को हमारा कोटि-कोटि नमन! 🙏🚩