24/08/2026
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया शहीद रामफल मंडल की प्रतिमा का अनावरण, शहीदी मेला में उमड़ा जनसैलाब
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बाजपट्टी (सीतामढ़ी), 23 अगस्त। आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद रामफल मंडल के शहादत दिवस के अवसर पर रविवार को बाजपट्टी प्रखंड के मधुरापुर स्थित शहीद रामफल मंडल ग्राउंड में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने विधिवत प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित शहीदी मेला में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अमर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष सियाराम मंडल ने की। प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि जो देश और समाज अपने महापुरुषों के इतिहास एवं उनके बलिदान को भूल जाता है, इतिहास भी उसे भुला देता है। उन्होंने कहा कि शहीद रामफल मंडल का जीवन देशभक्ति, साहस और विचारों की दृढ़ता का प्रतीक है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 24 अगस्त 1942 को तत्कालीन अंग्रेजी शासन के एसडीओ और पुलिसकर्मी की हत्या के आरोप में शहीद रामफल मंडल को 23 अगस्त 1943 को भागलपुर सेंट्रल जेल में फांसी दी गई थी। उन्होंने कहा कि मुकदमे के दौरान देश के जाने-माने अधिवक्ताओं द्वारा बार-बार झूठ बोलने की सलाह दिए जाने के बावजूद रामफल मंडल अपने विचारों और सत्य पर अडिग रहे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मंत्री ने शहीद रामफल मंडल की जीवनी पर शोध एवं लेखन करने वाले बिनोद बिहारी मंडल के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सामने लाने के लिए शोध कार्य लगातार जारी रहना चाहिए।
शहीद की स्मृति को स्थायी बनाने की मांग
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति की ओर से शहीद रामफल मंडल के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने को लेकर कई मांगें रखी गईं। इनमें शहीदी मेला को राजकीय मेला का दर्जा देने, शहीद रामफल मंडल की जीवनी को विद्यालयों की पाठ्य-पुस्तकों में शामिल करने, सीतामढ़ी जिला मुख्यालय में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम शहीद के नाम पर करने, निर्माणाधीन बस अड्डे का नाम शहीद रामफल मंडल के नाम पर रखने, उनके परिजनों को सरकारी सुविधाओं का लाभ देने तथा पटना में उनकी प्रतिमा एवं संस्थान स्थापित करने की मांग शामिल रही।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने आयोजन समिति की मांगों को गंभीरता से लेते हुए अपने स्तर से इन्हें पूरा कराने की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवहन विभाग के मंत्री दामोदर रावत ने शहीद रामफल मंडल के विचारों और उनके बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। विशिष्ट अतिथि एवं अखिल भारतीय धानुक उत्थान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बलराम मंडल ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए बिहार सरकार से आयोजन समिति की मांगों को पूरा करने की अपील की।
समारोह में समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, विधान पार्षद ललन मंडल, रेखा कुमारी, भारती मेहता, विधायक पंकज मिश्रा, नागेंद्र राउत, पूर्व सांसद रामकुमार शर्मा, पूर्व विधान पार्षद राजकिशोर कुशवाहा, पूर्व मंत्री डॉ. रंजू गीता सहित कई जनप्रतिनिधि एवं बिहार के विभिन्न जिलों से आए सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम को पंकज मिश्रा, रेखा कुमारी, रामकुमार शर्मा, , डॉ. रंजू गुप्ता, ललन प्रसाद मंडल, सत्येंद्र कुशवाहा, अभिषेक झा, बबलू मंडल, भारत मंडल, रामसूरत मंडल और निरंजन मंडल सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। शहीदी मेला में उमड़ी भीड़ ने शहीद रामफल मंडल के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और सम्मान को प्रदर्शित किया।